हरियाणा के सोनीपत जिले में एक अजीबोगरीब लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां सड़क बनने के महज दो दिन बाद ही वह जगह-जगह से टूटने और उखड़ने लगी है। यह ताजा मामला बड़वासनी गांव से किलोहड़द ट्रिपल आईटी की तरफ जाने वाले मार्ग का है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित निर्माण एजेंसियों ने बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी ठोस बेस तैयार किए सीधे मिट्टी के ऊपर ही डामर और सामग्री बिछा दी, जिसके चलते सड़क दो दिन का भी टिक नहीं पाई और उसकी परतें उखड़ने लगीं।
सड़क की जर्जर हालत और घटिया निर्माण को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर इकट्ठा होकर सड़क निर्माण का काम तुरंत प्रभाव से रुकवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में तय मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है और बिना किसी उचित रोलर या मिट्टी की कुटाई के सीधे सतही मिट्टी पर निर्माण सामग्री उड़ेल दी गई। जब इस बात की भनक स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लगी, तो कांग्रेस के जिला पार्षद संजय बड़वासिया भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मनमानी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
मौके पर पहुंचे जिला पार्षद ने लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और कार्य कर रहे ठेकेदार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि जब इतना महत्वपूर्ण निर्माण कार्य चल रहा था, तब विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर गुणवत्ता जांचने के लिए मौजूद नहीं था। पार्षद ने साफ शब्दों में मांग की है कि इस खराब हो चुकी सड़क को पूरी तरह से दोबारा उखाड़ा जाए, नीचे की मिट्टी की सही ढंग से सफाई और कुटाई की जाए तथा तय मानकों के मुताबिक ही पक्की सामग्री का इस्तेमाल करके नई सड़क बनाई जाए। ग्रामीणों और पार्षद ने चेतावनी दी है कि किसी भी कीमत पर घटिया निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिए जांच के आदेश
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद के तूल पकड़ने के बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आया है। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राकेश ने इस मामले पर सफाई देते हुए बताया कि सड़क निर्माण में खामियों को लेकर उन्हें आधिकारिक शिकायत प्राप्त हो चुकी है, जिसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी गैरमौजूदगी में ठेकेदार ने जल्दबाजी में काम शुरू कर दिया था। विभाग के अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जहां-जहां सड़क गलत तरीके से बनाई गई है और घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ है, उस हिस्से को दोबारा से हटवाया जाएगा और नियमों के तहत नए सिरे से निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके।



















