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आगरा में मौसम के मिजाज बदलते ही अस्पतालों में उमड़ी भीड़, जानिए खांसी-बुखार से कैसे करें बचावस्वास्थ्य
25 अग॰ 2026, 7:12 am (2 घंटे पहले)· 2

आगरा में मौसम के मिजाज बदलते ही अस्पतालों में उमड़ी भीड़, जानिए खांसी-बुखार से कैसे करें बचाव

आगरा के जिला अस्पताल में मौसम बदलने के साथ ही वायरल फीवर, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। ओपीडी में मरीजों का आंकड़ा डेढ़ सौ से बढ़कर ढाई सौ तक पहुंच गया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा में मौसम का मिजाज बदलते ही स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से गंभीर रूप ले रही हैं। शहर के जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों वायरल संक्रमण के चलते खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों का तांता लगा हुआ है। हालात ये हैं कि अस्पतालों में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की तादाद लगभग दोगुनी हो गई है। चिकित्सकों का साफ कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव के इस दौर में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिसके चलते लोग बहुत जल्दी वायरल फीवर और संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा

आगरा के जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने मौजूदा स्वास्थ्य हालातों पर विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मौसम के इस बदलाव की वजह से वायरल संक्रमण के मामलों में अप्रत्याशित तेजी आई है। इसका सीधा असर अस्पताल की कार्यप्रणालियों और ओपीडी पर पड़ रहा है। पहले जहां रोजाना लगभग 150 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या उछलकर करीब 250 तक पहुंच गई है। बढ़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोग इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं।

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वायरल के साथ डेंगू और मलेरिया का खतरा

केवल सामान्य वायरल ही नहीं, बल्कि इस मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि लोगों को इस समय केवल सर्दी-जुकाम तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति भी पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए संक्रमण से बचाव के तमाम बुनियादी उपायों का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।

बचाव के लिए क्या कहते हैं डॉक्टर

संक्रमण से बचने के लिए चिकित्सकों ने कुछ बेहद जरूरी और व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। डॉ. आशीष मित्तल ने लोगों को आगाह किया है कि वे इस मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बिल्कुल परहेज करें। इसके अलावा मच्छरों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए पूरी बांह के यानी फुल स्लीव के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। घर के अंदर या आसपास किसी भी बर्तन, कूलर या गड्ढे में पानी बिल्कुल जमा न होने दें, क्योंकि ठहरा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य केंद्र बनता है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

खानपान और साफ-सफाई में बरतें सावधानी

खानपान की आदतों में भी सावधानी बरतना उतना ही जरूरी है जितना कि आसपास की सफाई रखना। बाजार से लाई जाने वाली कच्ची सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और उसके बाद ही उन्हें पकाना या सेवन करना चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लोग खुद को और अपने परिवार को इस वायरल दौर की चपेट में आने से आसानी से बचा सकते हैं।

कब लें डॉक्टर की सलाह और मुफ्त इलाज की सुविधा

अक्सर लोग सामान्य बुखार समझकर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में खतरनाक साबित हो सकता है। यदि बुखार लगातार दो या तीन दिन से अधिक समय तक बना रहता है, तो उसे बिल्कुल भी अनदेखा न करें। ऐसी स्थिति में बिना देर किए किसी योग्य चिकित्सक से तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोकने में पूरी मदद मिलती है। कई बार लोग आर्थिक तंगी या पैसों की कमी के कारण डॉक्टर के पास जाने में देरी कर देते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ जाती है। ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए आगरा के जिला अस्पताल में पूरी तरह निशुल्क जांच और दवाइयों की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

सवाल-जवाब

आगरा के जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या क्यों बढ़ी है?
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है।
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या 150 से बढ़कर कितनी हो गई है?
पहले जहां रोजाना करीब 150 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 250 तक पहुंच गई है।
वायरल और बुखार से बचाव के लिए डॉक्टर ने क्या सलाह दी है?
डॉक्टर ने फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचने, फुल स्लीव के कपड़े पहनने और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी है।
बुखार कितने दिन से अधिक रहने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए?
यदि बुखार लगातार दो से तीन दिन तक बना रहे तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं।
क्या जिला अस्पताल में जांच और दवाइयां मुफ्त मिलती हैं?
हां, आगरा के जिला अस्पताल में मरीजों के लिए निशुल्क जांच और दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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