अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से ब्रिटिश पाउंड संभला, 1.3250 के करीब पहुंचा 'केबल'नाना पाटेकर के निधन पर विवादित बयान देने पर तनुश्री दत्ता पर भड़का सिने वर्कर्स एसोसिएशनब्रिटेन की आर्थिक मजबूती से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के आसार, पाउंड पर बना रहेगा दबावहरियाणा के फरीदाबाद में सहपाठी के आवास पर फंदे से लटका मिला दसवीं के छात्र का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का गंभीर आरोपबकरियों की सुस्त बढ़त से मुनाफा घटने का खतरा, पशु चिकित्सक ने बताया सही पोषण और देखभाल का तरीकाएचडीएफसी बैंक के नए प्रमुख अनूप बागची को पहले साल मिलेगा करीब ₹43 करोड़ का पैकेज, देश में बन सकते हैं सर्वाधिक कमाई वाले बैंक प्रमुखबिना कुछ खाए सुबह नहाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है, जानें इसके लाभ और संभावित जोखिमसांस्कृतिक आदान-प्रदान: IIT जोधपुर ने युवा संगम फेज-7 के तहत राजस्थान के 50 युवाओं को सिक्किम भेजाशाम की भूख मिटाने के लिए झटपट तैयार करें क्रिस्पी लहसुनी मुरमुरे, नोट करें आसान विधिओपनएआई के रेवेन्यू में कमी और यूरोपीय संघ-चीन व्यापार तनाव से एशियाई बाजारों में हलचल, कच्चे तेल में नरमी
अखबार पर रखकर न खाएं समोसा और कचौड़ी, सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसानस्वास्थ्य
9 अक्तू॰ 2026, 11:59 am (53 मिनट पहले)· 0

अखबार पर रखकर न खाएं समोसा और कचौड़ी, सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसान

सड़क किनारे अखबार में लपेटकर मिलने वाले गर्म और तैलीय स्नैक्स से स्याही के हानिकारक रसायन और कीटाणु भोजन में मिलकर पाचन तंत्र बिगाड़ सकते हैं.

सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी या दुकानों पर बिकने वाले गर्म समोसे, कचौड़ी, पकौड़े और तले हुए स्नैक्स को अखबार के कागज पर रखकर या उसमें लपेटकर परोसना आम बात है. कई विक्रेता इसे काफी सस्ता और आसान जरिया समझते हैं, जबकि ग्राहक भी बिना सोचे-समझे इसे स्वीकार कर लेते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस चलन को सेहत के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं मानते हैं, क्योंकि गर्म और तैलीय खाद्य पदार्थों का अखबार के सीधे संपर्क में आना कई गंभीर शारीरिक परेशानियों की वजह बन सकता है.

प्रिंटिंग की स्याही से भोजन में घुलते हैं जहरीले रसायन

दैनिक अखबारों की छपाई के लिए जिस खास स्याही का इस्तेमाल किया जाता है, उसमें कई प्रकार के भारी रसायन और सिंथेटिक रंग मौजूद होते हैं. जब कड़ाही से तुरंत निकले गर्म और तेल से लथपथ स्नैक्स अखबार पर रखे जाते हैं, तो अत्यधिक गर्मी और तेल के कारण स्याही में मौजूद रासायनिक तत्व पिघलकर तेजी से भोजन में समा जाते हैं. तेल इस रासायनिक लीचिंग की प्रक्रिया को बहुत तेज कर देता है, जिससे भोजन विषाक्त तत्वों से दूषित हो जाता है.

ये भी पढ़ें

लगातार सेवन से पाचन तंत्र पर पड़ता है गंभीर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित तौर पर ऐसी स्याही मिले खाने का सेवन करता है, तो ये जहरीले तत्व धीरे-धीरे शरीर में जमा होने लगते हैं. इससे आंतों और पाचन तंत्र को गहरा नुकसान पहुंच सकता है, जिससे पेट में लगातार जलन, अपच और अन्य विकार पैदा हो सकते हैं. हालांकि कभी-कभार भूलवश ऐसा खाने से तत्काल बड़ा खतरा नहीं दिखता, लेकिन इसे रोजमर्रा की आदत बना लेना शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है.

प्रिंटिंग प्रेस से लेकर वितरण तक गंदगी और बैक्टीरिया का जमावड़ा

अखबार छपने की मशीन से लेकर पाठक तक पहुंचने के दौरान सैकड़ों हाथों, वाहनों, धूल और अस्वच्छ जगहों से गुजरता है. इस पूरी यात्रा के दौरान अखबार की सतह पर धूल-मिट्टी, वायु प्रदूषण के कण और अनगिनत सूक्ष्म रोगाणु चिपक जाते हैं. जब ऐसे गंदे कागज पर सीधे खाने की चीजें रखी जाती हैं, तो ये बैक्टीरिया और रोगाणु सीधे पेट में चले जाते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और आंतों के गंभीर संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

तापमान जितना अधिक, जोखिम भी उतना ही गहरा

यदि तला हुआ भोजन अत्यधिक गर्म है, तो अखबार की सतह से रासायनिक तत्वों के भोजन में घुलने की रफ्तार उतनी ही तेज हो जाती है. यही मुख्य वजह है कि तेज गर्म और चिकनाई वाले खाने को अखबार में पैक करने या परोसने से पूरी तरह बचने के निर्देश दिए जाते हैं.

अखबार की जगह इन सुरक्षित विकल्पों को अपनाएं

खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित रखने के लिए अखबार के स्थान पर प्रमाणित फूड-ग्रेड पेपर का उपयोग किया जाना चाहिए. इसके अलावा बटर पेपर या विशेष रूप से तैयार किए गए पेपर बॉक्स काफी सुरक्षित और बेहतर विकल्प माने जाते हैं. वहीं ग्राहकों को परोसने के लिए साफ-सुथरे स्टील या पारंपरिक बर्तनों का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे उत्तम है. घरों में भी किसी भी तले हुए व्यंजन का अतिरिक्त तेल सुखाने के लिए अखबार का इस्तेमाल करने के बजाय साफ प्लेट या उपयुक्त सोखता कागज चुनना चाहिए.

सवाल-जवाब

अखबार पर रखकर गर्म समोसा या कचौड़ी खाना क्यों नुकसानदेह है?
अखबार की स्याही में मौजूद जहरीले रसायन तेल और गर्मी के कारण पिघलकर भोजन में मिल जाते हैं, जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
क्या एक-दो बार अखबार में खाना खाने से गंभीर बीमारी हो सकती है?
एक-दो बार ऐसा खाने से तुरंत गंभीर बीमारी की संभावना कम होती है, लेकिन इसे नियमित आदत बनाने से लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
स्याही के अलावा अखबार में क्या खतरे होते हैं?
प्रिंटिंग, परिवहन और वितरण के दौरान अखबार पर धूल, गंदगी और कीटाणु चिपक जाते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ता है.
अखबार की जगह खाना पैक करने या परोसने के सुरक्षित विकल्प क्या हैं?
फूड-ग्रेड पेपर, बटर पेपर, पेपर बॉक्स या साफ स्टील के बर्तनों का उपयोग करना भोजन परोसने और रखने के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp