अमेरिका की संघीय नशीली दवा नियंत्रण एजेंसी डीईए अब क्रैटम से बने एक तेज़ रसायन 7-OH को कानूनी तौर पर हेरोइन जैसी ही श्रेणी में डालने की तैयारी में है। सोमवार को फ़ेडरल रजिस्टर में छपने वाले एक मसौदा नोटिस के मुताबिक, डीईए 7-OH को कंट्रोल्ड सब्सटेंसेज़ एक्ट के तहत अस्थायी रूप से शेड्यूल I दवा घोषित करेगी, यानी उसी सूची में जिसमें हेरोइन आती है।
दो साल के लिए लगेगा प्रतिबंध
यह प्रस्तावित प्रतिबंध पूरे क्रैटम पर नहीं, बल्कि उन उत्पादों पर लागू होगा जिनमें 7-OH की मात्रा एक तय सीमा से ज़्यादा होगी। यह पाबंदी दो साल के लिए लागू रहेगी और ज़रूरत पड़ने पर इसे एक साल और यानी तीसरे साल तक बढ़ाया जा सकता है। डीईए का कहना है कि 7-OH जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, जिसमें सहनशीलता, निर्भरता और लत लगने का जोखिम शामिल है। मुख्यधारा के क्रैटम उद्योग के लिए यह फैसला एक बड़ी जीत माना जा रहा है, क्योंकि यह उद्योग लंबे समय से 7-OH के खिलाफ मुहिम चला रहा था और उसे सरकार के भीतर से भी समर्थन मिला, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं।
क्रैटम और उसके तेज़ रूप 7-OH में फर्क
क्रैटम दक्षिण-पूर्व एशिया का एक पौधा है, जिसे कम मात्रा में लेने पर दर्द निवारक और अवसाद-रोधी गुणों के लिए जाना जाता रहा है। प्राकृतिक क्रैटम की पत्तियों में 7-OH बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में बाज़ार में बिना किसी नियमन के बने 7-OH उत्पादों की बाढ़ आ गई है, जो प्राकृतिक क्रैटम से कहीं ज़्यादा तेज़ असर वाले होते हैं। इसी वजह से सांसदों, डॉक्टरों और क्रैटम समर्थकों में भी चिंता बढ़ी है। मई में डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर प्राकृतिक 7-OH यानी क्रैटम का समर्थन किया था और कहा था कि उनका प्रशासन इसे मंज़ूरी दिलाने की दिशा में काम कर रहा है।
सत्ता के गलियारों तक पहुंच
स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री रॉबर्ट एफ़ केनेडी जूनियर और गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन, दोनों के क्रैटम उद्योग से गहरे रिश्ते रहे हैं। केनेडी की एक तस्वीर जेडब्ल्यू रॉस के साथ सामने आई थी, जो खुद एक दोषी अपराधी हैं और बॉटैनिक टॉनिक्स कंपनी के संस्थापक हैं। यही कंपनी फील फ्री नाम से क्रैटम पेय बनाती है, जिस पर 2023 में संघीय एजेंसियों ने छापा मारा था। उस वक्त छापे में शामिल एफडीए ने कहा था कि यह तय करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है कि आहार पूरक के तौर पर बेचा जा रहा क्रैटम बीमारी या चोट का गंभीर या अनुचित खतरा पैदा करता है या नहीं। वहीं मुलिन ने बॉटैनिक टॉनिक्स में करीब 10 लाख डॉलर तक का निवेश कर रखा है। फील फ्री पीने वाले कई ग्राहकों ने बाद में बताया कि उन्हें इसे छोड़ने पर बेहद तकलीफदेह लक्षण झेलने पड़े। दिसंबर में अमेरिकी न्याय विभाग ने बॉटैनिक टॉनिक्स के खिलाफ अपना मुकदमा वापस ले लिया था, और उसके कुछ महीने बाद फील फ्री से जुड़ी एक कंपनी ने माहा पीएसी को 5 लाख डॉलर का चंदा दिया। इस बारे में पूछे जाने पर गृह सुरक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुलिन सभी नैतिक और हितों के टकराव संबंधी मानकों का पालन करते हैं और उन्होंने किसी भी व्यक्ति या कंपनी के लिए पैरवी नहीं की है, और सीनेटर रहते हुए मुलिन ने सचिव केनेडी के साथ मिलकर 7-OH को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष किया, जो एक सिंथेटिक ड्रग है और भ्रामक पैकेजिंग के ज़रिए दुकानों पर बच्चों को बेचा जाता है।
गैस स्टेशन हेरोइन वाला विवाद
7-OH को कुछ लोग गैस स्टेशन हेरोइन भी कहते हैं, क्योंकि यह दिमाग के म्यू-ओपिओइड रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है, जिससे इसमें नशीली दवाओं जैसी लत लगने की आशंका रहती है। यह समस्या सिर्फ 7-OH के नाम से बिकने वाले उत्पादों तक सीमित नहीं है, सामान्य क्रैटम उत्पाद भी ज़्यादा मात्रा में लेने पर ऐसी ही दिक्कतें पैदा कर सकते हैं।
एक तरफ जश्न, दूसरी तरफ विरोध
क्रैटम उद्योग के पैरोकार इस प्रस्तावित प्रतिबंध का जश्न मना रहे हैं। अमेरिकन क्रैटम एसोसिएशन में जन नीति के वरिष्ठ फेलो मैक हैडो ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, डीईए की यह कार्रवाई इस बहस को खत्म कर देनी चाहिए। रासायनिक तरीके से बनाए गए 7-OH ओपिओइड असली क्रैटम नहीं हैं। ये खतरनाक उत्पाद हैं जिन्होंने प्राकृतिक क्रैटम पत्ती की छवि का फायदा उठाया, ग्राहकों को गुमराह किया और एक ऐसा जनस्वास्थ्य खतरा खड़ा कर दिया जिसे अब जिम्मेदार नियामक नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। दूसरी ओर 7-OH उद्योग इससे सहमत नहीं है और उसका कहना है कि इस प्रतिबंध का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। यह पाबंदी 30 दिन की सार्वजनिक टिप्पणी अवधि के बाद ही लागू होगी। 7-OH की पैरोकार संस्था होलिस्टिक ऑल्टरनेटिव रिकवरी ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक जेफ स्मिथ ने एक ईमेल बयान में कहा, लाखों उपभोक्ता यह बताने को तैयार हैं कि 7-OH ने उन्हें दर्द से निपटने, काम पर लौटने, अपने परिवार की देखभाल करने और अपनी जिंदगी वापस पाने में कैसे मदद की।
एक उपभोक्ता की जमाखोरी
एक 7-OH उपयोगकर्ता महिला ने, जिसने पेशेवर नुकसान की आशंका से अपना नाम गुप्त रखने की शर्त रखी, बताया कि उसने प्रतिबंध लगने की आशंका में पहले से ही एक बड़ा जखीरा जमा कर लिया है। उसका कहना है कि 7-OH की वजह से ही वह दूसरी नशीली दवाओं, यहां तक कि सड़क पर मिलने वाले नशे तक को पूरी तरह छोड़ पाई। उसने कहा, मैं वापस उस हाल में नहीं लौटना चाहती, और यह भी जोड़ा कि उसे इस बात की चिंता है कि 7-OH पर पाबंदी लगने के बाद उस जैसी स्थिति वाले लोग कहीं किसी और खतरनाक चीज़ का सहारा न लेने लगें।
सिंथेटिक ओपिओइड पर व्यापक शिकंजा
इसी हफ्ते डीईए ने 7-OH के डेरिवेटिव यानी उससे बने अन्य रूपों और दूसरी सिंथेटिक ओपिओइड दवाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की घोषणा की है, जो यह दिखाता है कि तेज़ी से बदलते सिंथेटिक ड्रग बाज़ार पर काबू पाना कितना मुश्किल काम है।













