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अर्जुन की छाल: गर्मी में लू से बचाने वाला बघेलखंड का देसी काढ़ा, दिल और ब्लड प्रेशर के लिए भी फायदेमंदस्वास्थ्य
16 जून 2026, 2:57 pm (88 दिन पहले)· 2

अर्जुन की छाल: गर्मी में लू से बचाने वाला बघेलखंड का देसी काढ़ा, दिल और ब्लड प्रेशर के लिए भी फायदेमंद

एमपी के बघेलखंड में पीढ़ियों से इस्तेमाल हो रही अर्जुन की छाल भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक देती है और दिल, ब्लड प्रेशर तथा कोलेस्ट्रॉल के लिए भी असरदार मानी जाती है।

चिलचिलाती गर्मी आते ही शहरों में लोग कूलर, एसी और फ्रिज के ठंडे पानी की ओर भागते हैं, लेकिन गांवों की कहानी आज भी थोड़ी अलग है। ग्रामीण इलाकों में लोग तपती गर्मी को हराने के लिए दादी नानी के जमाने के पुराने और पारंपरिक नुस्खों पर ही सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। ऐसा ही एक अचूक देसी नुस्खा एमपी के बघेलखंड में बेहद लोकप्रिय है, और बढ़ते तापमान के बीच यह एक बार फिर लोगों की जुबान पर चढ़ गया है।

क्या है यह पारंपरिक नुस्खा

हम बात कर रहे हैं अर्जुन की छाल की। बघेलखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए पीढ़ियों से इसका इस्तेमाल होता आया है। स्थानीय लोग और बुजुर्ग मानते हैं कि प्रकृति ने अर्जुन के पेड़ को कई खास गुणों से नवाजा है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि अर्जुन की छाल की तासीर प्राकृतिक रूप से बेहद ठंडी होती है। यही वजह है कि यह नुस्खा आज भी गांवों में उतना ही चर्चित बना हुआ है।

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लू से कैसे बचाती है

जब गर्मी अपने चरम पर हो, तब अर्जुन की छाल का सीमित मात्रा में अर्क या काढ़ा बनाकर पीने से शरीर को तुरंत राहत मिलती है। यह शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाती है, जिससे लू का असर भी कम हो जाता है। यानी यह सिर्फ ऊपरी ठंडक नहीं, बल्कि शरीर के भीतर तक राहत देती है, और यही कारण है कि गांव के लोग इस देसी उपाय को आज भी अपनाना पसंद करते हैं।

ब्लड प्रेशर और तनाव में राहत

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्लड प्रेशर और मानसिक तनाव हर दूसरे इंसान की सबसे बड़ी परेशानी बन चुके हैं। औषधीय पेड़ों के जानकार विष्णु कुमार तिवारी ने इसके फायदों पर विस्तार से बताया। उनके अनुसार, शारीरिक रूप से देखें तो अर्जुन की छाल ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में बेहद कारगर मानी जाती है। यह नसों के तनाव को कम करती है, जिससे स्ट्रेस लेवल खुद ब खुद नीचे आ जाता है। इसके सेवन से दिनभर की थकान और मानसिक उलझनों से भी काफी राहत मिलती है।

दिल की सेहत के लिए वरदान

हार्ट हेल्थ के लिए अर्जुन की छाल को हमेशा से बहुत फायदेमंद माना गया है। यह शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को तेजी से काबू में रखने में अहम भूमिका निभाती है। जब कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है, तो दिल से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा अपने आप टल जाता है। इतना ही नहीं, यह हमारी मांसपेशियों को भी पूरी तरह रिलैक्स करने का काम करती है। दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ आयुर्वेद ही नहीं, बल्कि कई एलोपैथी दवाओं में भी अर्जुन की छाल और अर्जुन की लकड़ी का व्यापक इस्तेमाल किया जाता है।

घर पर कैसे करें इस्तेमाल

इसका पूरा फायदा उठाने का तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले अर्जुन की छाल को धूप में अच्छी तरह सुखा लें, और सूखने के बाद इसे पीसकर बारीक चूर्ण या पाउडर तैयार कर लें। अब आप चाहें तो इस चूर्ण को अपनी रोजमर्रा की चाय में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, या फिर सीधे छाल को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। अगर आपके आस-पास सीधे पेड़ से छाल नहीं मिल पा रही, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में यह पाउडर, छाल के टुकड़ों या टैबलेट्स के रूप में बहुत आसानी से मिल जाती है, जिसे आप गर्मी के मौसम में इस्तेमाल कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

अर्जुन की छाल गर्मी में कैसे फायदा करती है?
इसकी तासीर प्राकृतिक रूप से बहुत ठंडी होती है, इसलिए सीमित मात्रा में इसका अर्क या काढ़ा पीने से शरीर को अंदर से ठंडक मिलती है और लू का असर कम होता है।
इसका इस्तेमाल किन बीमारियों में मददगार माना जाता है?
जानकारों के अनुसार यह ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने, स्ट्रेस कम करने, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है।
अर्जुन की छाल का काढ़ा कैसे तैयार करें?
छाल को धूप में सुखाकर बारीक चूर्ण बना लें और चाय में मिलाएं, या छाल को सीधे पानी में उबालकर काढ़ा बना लें।
अगर पेड़ से छाल न मिले तो क्या करें?
बाजार में यह पाउडर, छाल के टुकड़ों या टैबलेट्स के रूप में आसानी से उपलब्ध है।
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