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मच्छर भगाने वाली नकली अगरबत्तियों पर मेरठ प्रशासन सख्त, सेहत के लिए गंभीर खतरास्वास्थ्य
12 सित॰ 2026, 7:24 pm (50 मिनट पहले)· 0

मच्छर भगाने वाली नकली अगरबत्तियों पर मेरठ प्रशासन सख्त, सेहत के लिए गंभीर खतरा

मेरठ में प्रशासन ने बिना मानक और जहरीले केमिकल से बनी मच्छरनाशक अगरबत्तियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया है, जो लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही हैं।

बदलते मौसम के साथ मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए अमूमन हर घर में मच्छर भगाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है। कई लोग इसके लिए बाजार में मिलने वाली सस्ती अगरबत्तियों को एक आसान उपाय मानते हैं। लेकिन, मच्छरों से राहत दिलाने का दावा करने वाली ये अगरबत्तियां आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए मेरठ में जिला कृषि एवं रक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने नकली, बिना मानक और जहरीले रसायनों से तैयार मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों के खिलाफ एक व्यापक जांच अभियान शुरू किया है।

किराना दुकानों और मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी

शासन से मिले कड़े दिशा-निर्देशों के बाद जिला कृषि एवं रक्षा विभाग की टीमों ने मेरठ के विभिन्न इलाकों में विशेष अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत स्थानीय किराना दुकानों, जनरल स्टोर्स, मेडिकल स्टोर्स और साप्ताहिक बाजारों में लगातार चेकिंग की जा रही है। जांच दल का मुख्य लक्ष्य बाजार से उन सभी गैर-प्रमाणित मच्छरनाशक अगरबत्तियों को हटाना है, जो बिना किसी सरकारी मंजूरी या सुरक्षा मानकों के बेची जा रही हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से ऐसी अगरबत्तियां बेचने वाले दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

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फेफड़ों और सांस की सेहत के लिए बड़ा खतरा

इस खतरनाक खेल का खुलासा करते हुए मेरठ के जिला कृषि एवं रक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि बाजार में बिकने वाली कई स्थानीय और सस्ती अगरबत्तियों के पास कोई वैध प्रमाणीकरण नहीं होता है। इन उत्पादों को बनाने में निर्माता बिना किसी सुरक्षा नियमों के घातक और प्रतिबंधित रसायनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। जब इन अगरबत्तियों को बंद कमरों में जलाया जाता है, तो उनसे निकलने वाला जहरीला धुआं सीधे फेफड़ों पर हमला करता है। लगातार इस धुएं के संपर्क में रहने से सांस की नली में सूजन, अस्थमा, एलर्जी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद घातक हैं।

दुकानदारों को सख्त चेतावनी और उपभोक्ताओं के लिए गाइडलाइन

इस विशेष अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारी केवल अवैध स्टॉक जब्त ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि विक्रेताओं को इसके कानूनी परिणामों से भी अवगत करा रहे हैं। दुकानदारों को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में उनके पास गैर-प्रमाणित मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियां पाई गईं, तो उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे कोई भी उत्पाद खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता और सरकारी मानकों की जांच जरूर करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी भी अगरबत्ती के धुएं से सांस लेने में तकलीफ या आंखों में जलन महसूस हो, तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।

सवाल-जवाब

मेरठ प्रशासन मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रहा है?
प्रशासन उन गैर-प्रमाणित और नकली अगरबत्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है जिनमें जहरीले रसायन होते हैं। ये उत्पाद फेफड़ों और सांस की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं।
मेरठ में इस जांच अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस विशेष अभियान का नेतृत्व जिला कृषि एवं रक्षा अधिकारी राजीव कुमार और उनकी विशेष टीमें कर रही हैं।
छापेमारी के दौरान किन दुकानों की जांच की जा रही है?
इस अभियान के तहत स्थानीय किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर्स और अन्य खुदरा बिक्री केंद्रों की सघन जांच की जा रही है।
यदि किसी मच्छर भगाने वाले उत्पाद से सांस लेने में तकलीफ हो तो क्या करना चाहिए?
यदि किसी भी रिपेलेंट के धुएं से सांस लेने में परेशानी या गले में खराश हो, तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
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