हैदराबाद में गणेश उत्सव का भव्य समापन हुसैन सागर झील में ऐतिहासिक खैरताबाद गणेश की 69 फीट ऊंची विशालकाय प्रतिमा के विसर्जन के साथ हुआ। विसर्जन की यह पूरी प्रक्रिया शुक्रवार, 25 सितंबर, 2026 की दोपहर को करीब 2:25 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस विशालकाय प्रतिमा की अंतिम विदाई यात्रा को देखने के लिए शहर की सड़कों और झील के किनारों पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हुई थी। आसमान में छाए बादलों के बीच बप्पा की यह विदाई यात्रा बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से पूरी की गई। इस बार विसर्जन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए थे ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
लॉजिस्टिक और वेल्डिंग की वजह से विदाई यात्रा में हुई देरी
अनंत चतुर्दशी की सुबह खैरताबाद के उत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन विसर्जन यात्रा की शुरुआत में थोड़ी देरी हुई। 69 फीट ऊंची भारी-भरकम प्रतिमा को पहियों वाली विशेष ट्रॉली से सुरक्षित रूप से जोड़ने यानी वेल्डिंग की प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लग गया। इस काम को बहुत सावधानी से पूरा करना पड़ा ताकि यात्रा के दौरान प्रतिमा का संतुलन न बिगड़े। सुबह तड़के शुरू हुई इस जटिल प्रक्रिया के पूरा होने और श्रद्धालुओं की अंतिम प्रार्थना के बाद बप्पा की प्रतिमा को सड़कों पर रवाना किया गया। सड़कों, मकानों की छतों और बालकनियों में खड़े परिवारों ने फूल बरसाकर बप्पा का स्वागत किया और फोटोग्राफरों ने इस भव्य दृश्य को कैमरों में कैद किया। विसर्जन स्थल तक की यात्रा के दौरान पूरे रास्ते भक्तों का उत्साह देखने लायक था।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और तीसरी आंख से निगरानी
विसर्जन यात्रा में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा ढांचा तैयार किया था। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 20,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। मुख्य विसर्जन मार्गों पर नजर रखने के लिए करीब 10,000 CCTV कैमरे लगाए गए थे, जिन्हें बंजारा हिल्स स्थित इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा गया था। इसके जरिए भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों की रियल-टाइम निगरानी की गई। इसके अलावा, खैरताबाद गणेश की सुरक्षा के लिए तेलंगाना की घुड़सवार पुलिस को भी विशेष रूप से तैनात किया गया था, जो भीड़ को नियंत्रित करने और जुलूस को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में मदद कर रही थी।
हवाई सर्वेक्षण और आला अधिकारियों की समीक्षा
सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार दोपहर को हैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विसर्जन यात्रा का हवाई सर्वेक्षण किया। इस हवाई निगरानी में उनके साथ राज्यसभा सांसद अनिल कुमार यादव, DGP सी.वी. आनंद, हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार, GHMC कमिश्नर आर.वी. कर्नन और हैदराबाद की कलेक्टर प्रियंका एला भी शामिल थीं। इस हवाई दौरे का उद्देश्य यातायात के बहाव और सुरक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लेना था।
दूसरी ओर, हैदराबाद डिजास्टर रिस्पांस एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के कमिश्नर ए.वी. रंगनाथ ने टैंक बंड स्थित कंट्रोल रूम से विसर्जन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने हुसैन सागर में तैनात एजेंसी की बोट पेट्रोलिंग का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि विसर्जन पूरा होने तक वे सभी विभागों के साथ मिलकर काम करें ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
क्रेनों की व्यवस्था और 47 विसर्जन स्थल
जुड़वां शहरों के विभिन्न हिस्सों से आने वाली मूर्तियों के विसर्जन के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार किया था। हैदराबाद के प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने जानकारी दी कि शहर के विभिन्न जलाशयों और बेबी पोंड्स यानी छोटे तालाबों पर 110 स्थिर क्रेनें और 170 मोबाइल क्रेनें लगाई गई हैं ताकि भारी मूर्तियों को आसानी से विसर्जित किया जा सके।
तेलंगाना पुलिस ने विसर्जन के लिए हैदराबाद भर में 47 झीलों और तालाबों को चिह्नित किया है। ये जलाशय शमशाबाद, राजेंद्रनगर, चारमीनार, गोलकोंडा, खैरताबाद और सिकंदराबाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में फैले हुए हैं। एनटीआर मार्ग और पीपल्स प्लाजा के पास विसर्जन की सुविधा के लिए सरूरनगर झील, जियागुड़ा तालाब, संजीवैया पार्क बेबी पोंड और जवाहर नगर बेबी पोंड का विशेष प्रबंध किया गया है ताकि मुख्य झील में प्रदूषण और भीड़ दोनों को कम किया जा सके।
विशेष यातायात नियम और परिवहन सेवाएं
विसर्जन के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए हैदराबाद मेट्रो रेल और साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) ने शुक्रवार, 25 सितंबर की पूरी रात से लेकर शनिवार, 26 सितंबर की तड़के तक विशेष विस्तारित MMTS और मेट्रो सेवाएं संचालित कीं। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए मुख्य विसर्जन मार्ग पर शुक्रवार सुबह 6:00 बजे से शनिवार सुबह 10:00 बजे तक केवल मूर्तियों को ले जाने वाले वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई, और अन्य सभी सामान्य वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया ताकि कोई दुर्घटना न हो।
कचरा प्रबंधन और पर्यावरण जागरूकता अभियान
भीड़ के बीच स्वच्छता बनाए रखने के लिए, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने तेलंगाना एंड आंध्र प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TAAPMA) के सहयोग से एनटीआर मार्ग, खैरताबाद में एक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय उसे निर्धारित केंद्रों पर जमा करने और कचरे को अलग-अलग करने के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस जागरूकता अभियान के लिए एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन GHMC कमिश्नर आर.वी. कर्नन और अतिरिक्त कमिश्नर बी. संतोष ने किया, ताकि भविष्य के आयोजनों में भी पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
डिजिटल सहायता और विसर्जन के आंकड़े
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साइबरबाद नगर निगम ने एक ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की, ताकि लोग अपने नजदीकी विसर्जन स्थल का पता लगा सकें। श्रद्धालु साइबरबाद नगर निगम द्वारा जारी इस ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करके नजदीकी विसर्जन स्थलों की जानकारी हासिल कर सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्सव के दौरान बुधवार, 23 सितंबर, 2026 तक साइबरबाद सीमा में कुल 1,03,149 गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया जा चुका था। बारिश की आशंका को देखते हुए प्रभारी मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने सभी पूजा समितियों से विसर्जन कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि शनिवार सुबह तक पूरी प्रक्रिया समाप्त की जा सके और किसी भी प्राकृतिक बाधा से बचा जा सके।



















