दैनिक खानपान में ऐसे सुपरफूड्स शामिल करना हमेशा फायदेमंद माना जाता है जो कम मेहनत में शरीर को अधिकतम पोषण प्रदान कर सकें। मोरिंगा यानी सहजन ऐसा ही एक पौधा है, जिसके पत्ते, फलियां और तना सदियों से पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान रखते आए हैं। शरीर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने वाले लगभग सभी जरूरी विटामिन्स मोरिंगा में प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। आमतौर पर लोग इसकी पत्तियों से बनी हर्बल चाय का सेवन करते हैं, परंतु सुबह के नाश्ते में इसके कुरकुरे पराठे तैयार करना पोषण पाने का एक बेहद स्वादिष्ट और सरल विकल्प साबित होता है। स्वाद और पौष्टिकता के मामले में मोरिंगा के पराठे सर्दियों में खाए जाने वाले पालक या बथुआ के पराठों को भी पीछे छोड़ देते हैं।
स्वाद के साथ भरपूर सेहत का मेल
हरी पत्तेदार सब्जियों के शौकीन अक्सर अलग-अलग तरह के पराठे आजमाना पसंद करते हैं। मोरिंगा की पत्तियों की खासियत यह है कि इन्हें आटे में मिलाने पर पराठे का स्वाद बिल्कुल भी कड़वा नहीं लगता। जो लोग हरी सब्जियों से कतराते हैं या बच्चे जो सहजन की फलियां खाने में आनाकानी करते हैं, उन्हें भी इसका पता नहीं चलता। इन पत्तियों को पीसकर प्यूरी के रूप में आटे में मिलाया जा सकता है या फिर बारीक काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है। जब इन पत्तों को काटकर आटे में गूंथा जाता है, तो पराठे बेहद कुरकुरे बनते हैं। सुबह के समय इन्हें गरमा-गरम बनाकर मनपसंद हरी चटनी, सॉस या दही के साथ परोसा जा सकता है।
मोरिंगा पराठा बनाने की चरणबद्ध विधि
इस पौष्टिक नाश्ते को तैयार करने के लिए सबसे पहले मोरिंगा के ताजे हरे पत्ते एकत्र करें। पत्तों का अनुपात अपनी पसंद और आटे की मात्रा के अनुसार तय किया जा सकता है। इन पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर जमी धूल मिट्टी पूरी तरह हट जाए। धोने के बाद पत्तों को किसी छलनी पर रखकर पानी पूरी तरह निथरने दें। इसके बाद तेज धार वाले चाकू से पत्तियों को बिल्कुल बारीक काट लें।
अगले चरण में एक गहरे बर्तन में बारीक कटी हुई मोरिंगा की पत्तियां लें। इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक, हल्दी पाउडर, लहसुन और हरी मिर्च का पिसा हुआ पेस्ट, सफेद तिल, 1 चम्मच दही तथा 1 चम्मच कुकिंग ऑयल डालें। अब इसमें आवश्यकतानुसार गेहूं का आटा मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी छिड़कते हुए एक मुलायम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा न तो ज्यादा सख्त हो और न ही बहुत गीला, ताकि बेलते समय पराठा फटे नहीं।
पौष्टिकता बढ़ाने के खास नुस्खे
पराठे को अधिक खस्ता और प्रोटीन युक्त बनाने के लिए आटे में थोड़ा सा बेसन भी मिलाया जा सकता है। गूंथे हुए आटे की लोइयां बनाएं और थोड़ा सा तेल लगाकर अपनी पसंदीदा गोल या तिकोनी बनावट में बेल लें। मध्यम आंच पर तवे को गर्म करें और पराठे को दोनों तरफ से हल्का तेल लगाते हुए सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेंकें। जो लोग वजन कम कर रहे हैं या तेल से परहेज करते हैं, वे इसे बिना तेल लगाए सादी रोटी की तरह भी सेंक सकते हैं, जिससे इसके पोषक तत्व पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
नाश्ते में परोसने के तरीके और फायदे
तैयार मोरिंगा पराठे को सुबह के नाश्ते में ताजे दही, पुदीना-धनिया की हरी चटनी या अपनी मनपसंद मौसमी सब्जी के साथ खाया जा सकता है। बच्चों के टिफिन के लिए भी यह एक उत्तम विकल्प है, क्योंकि इससे उन्हें बिना किसी शिकायत के जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। इस पराठे से शरीर को प्रचुर मात्रा में फाइबर मिलता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है और दिनभर ऊर्जा का स्तर बनाए रखता है।



















