आज के समय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच एल्कलाइन वॉटर काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। साधारण नल के पानी की तुलना में इस पानी का पीएच (pH) लेवल काफी ज्यादा होता है। आमतौर पर टैप वॉटर का पीएच स्तर 6.5 से 7 के आसपास रहता है, जबकि 7 से अधिक पीएच वाले पानी को क्षारीय यानी एल्कलाइन माना जाता है। एल्कलाइन वॉटर का पीएच स्तर आमतौर पर 8 से 9 के दायरे में होता है।
विशेष रूप से नेचुरल एल्कलाइन वॉटर उन जल स्रोतों को कहा जाता है जो पहाड़ों के झरनों और चट्टानों से होकर गुजरते हैं। प्राकृतिक झरनों से बहकर आने वाले इस पानी में प्राकृतिक खनिजों की मात्रा काफी अधिक होती है। इसके अलावा एल्कलाइन वॉटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं जो मानव शरीर के सुचारू संचालन के लिए बेहद आवश्यक माने जाते हैं। द योगा इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डॉक्टर हंसा योगेन्द्र के अनुसार, इस विशेष पानी के सेवन से स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।
एल्कलाइन वॉटर के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
विशेषज्ञों के मुताबिक एल्कलाइन वॉटर एसिड रिफ्लक्स यानी पेट का एसिड फूड पाइप की तरफ ऊपर आने की समस्या से जूझ रहे कुछ लोगों को राहत प्रदान कर सकता है। पानी में मौजूद मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स शारीरिक कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। हालांकि इस विषय पर वैज्ञानिक समुदाय द्वारा अभी और अधिक रिसर्च की जा रही है। इस पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम की अधिकता होने के कारण हड्डियों की डेंसिटी यानी बोन डेंसिटी को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही सामान्य पानी की तुलना में एल्कलाइन वॉटर में एंटीऑक्सीडेंट गुण अधिक होने का भी दावा किया जाता है।
बेकिंग सोडा की मदद से घर पर बनाएं एल्कलाइन वॉटर
यदि आपके पास कोई महंगी एल्कलाइन वाटर मशीन नहीं है और पहाड़ों का शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं है, तो आप बहुत ही आसानी से बेकिंग सोडा की सहायता से सामान्य पानी को एल्कलाइन बना सकते हैं। इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए सबसे पहले एक लीटर पानी लें और उसमें लगभग एक-आठवां चम्मच यानी करीब 1 पिंच बेकिंग सोडा मिला दें। अब इस मिश्रण को तब तक अच्छी तरह मिलाएं जब तक सोडा पानी में पूरी तरह घुल न जाए। चूंकि बेकिंग सोडा एक क्षारीय पदार्थ है, इसलिए यह पानी के पीएच स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि इस पानी में सोडियम की मात्रा मौजूद होती है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह लिए बिना इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
नींबू और खीरे के इस्तेमाल से तैयार करें पानी
घर पर क्षारीय पानी तैयार करने का एक अन्य तरीका नींबू और खीरे का उपयोग करना है। इसके लिए एक ताजा नींबू लेकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों को एक लीटर पानी में डालकर लगभग 8 से 12 घंटे के लिए कमरे के सामान्य तापमान पर छोड़ दें। नींबू में विटामिन C के साथ-साथ अन्य पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि नींबू मिलाने से पानी का पीएच बढ़ जाए क्योंकि नींबू स्वभाव से अम्लीय होता है, लेकिन इससे पानी का स्वाद काफी बदल जाता है और वह अधिक रिफ्रेशिंग लगने लगता है। इसके साथ ही यदि आप पानी में खीरे के कुछ टुकड़े भी मिला देते हैं, तो इससे पानी में कैल्शियम, मैंगनीज और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों की मात्रा में वृद्धि हो सकती है।

















