खराब दिनचर्या, मानसिक दबाव, अपर्याप्त नींद और असंतुलित खानपान के कारण कम उम्र में ही सिर के बाल तेजी से गिरने और समय से पहले सफेद होने की दिक्कत आम हो गई है। ऐसे हालात में केवल बाहरी तेलों के भरोसे रहने की जगह संपूर्ण जीवनशैली सुधारना बेहद जरूरी होता है। आयुर्वेद परंपरा में बालों और सिर की त्वचा के पोषण के लिए आंवले को एक प्रमुख तत्व माना गया है, जो प्राकृतिक नमी और चमक लौटाने में सहायक साबित होता है।
बालों के पोषण में आंवले के प्राकृतिक गुण
डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार आंवले का पारंपरिक उपयोग आयुर्वेद में सदियों से होता आया है। इस फल में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट और कई आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। नियमित रूप से सही पद्धति से तैयार तेल सिर की सतह पर लगाने से बालों का रूखापन घटता है और उनकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है। हालांकि यदि स्कैल्प में कोई गंभीर संक्रमण दिखे या बालों का गिरना असामान्य रूप से जारी रहे, तो किसी योग्य चिकित्सक से चिकित्सीय परामर्श लेना सबसे सही कदम होता है।
घर में तेल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
बाजार के मिलावटी उत्पादों से बचकर शुद्ध तेल घर की रसोई में ही तैयार किया जा सकता है। इसके लिए आपको इन बुनियादी सामग्रियों की आवश्यकता होगी
- पाँच ताजे और साफ आंवले
- एक कप नारियल का तेल (इच्छानुसार इसके स्थान पर तिल का तेल भी लिया जा सकता है)
- एक छोटा चम्मच मेथी दाना
पकाने और सुरक्षित छानने की पूरी प्रक्रिया
सबसे पहले सभी आंवलों को साफ पानी से धोने के पश्चात बारीक कद्दूकस कर लें। इसके बाद एक साफ बर्तन में एक कप नारियल तेल डालकर गैस पर बिल्कुल हल्की आंच पर चढ़ाएं। गुनगुने तेल में कद्दूकस किया हुआ आंवला डालें और साथ ही एक छोटा चम्मच मेथी दाना भी मिला दें।
इस पूरे मिश्रण को मंद आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट की अवधि तक पकने दें। बर्तन के तले में सामग्री को जलने या चिपकने से बचाने के लिए करछी से बीच-बीच में हिलाते रहें। जैसे ही आंवले के टुकड़ों का रंग बदलकर हल्का भूरा होने लगे और तेल से सौंधी महक उठने लगे, आंच बंद कर दें।
पके हुए तेल को सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। इसके उपरांत किसी महीन छलनी अथवा स्वच्छ सूती कपड़े की सहायता से तेल को छान लें। तैयार तेल को हमेशा एक साफ, सूखी और एयरटाइट कांच की शीशी में सुरक्षित भर कर रखें।
उपयोग से पहले सुरक्षा जांच और भंडारण के नियम
तैयार किए गए तेल को सीधे पूरे सिर पर लगाने से पहले त्वचा के किसी छोटे भाग या हाथ पर पैच टेस्ट जरूर कर लें। यदि त्वचा पर किसी तरह की खुजली, जलन अथवा लाल चकत्ते जैसी असहजता महसूस हो, तो इसका उपयोग तुरंत रोक देना चाहिए।
भंडारण के दौरान सावधानी बरतना आवश्यक है ताकि तेल खराब न हो। यदि शीशी में रखे तेल से किसी प्रकार की दुर्गंध आने लगे, फफूंद के लक्षण दिखें या उसका रंग अस्वाभाविक रूप से बदल जाए, तो उसे फेंक दें। घर पर बना यह तेल देखभाल का आसान जरिया जरूर है, लेकिन डैंड्रफ और बालों के झड़ने के पीछे कई शारीरिक कारण हो सकते हैं, इसलिए निरंतर परेशानी पर विशेषज्ञ से जांच अवश्य करवाएं।


















