अगर शाम होते ही चिप्स या नमकीन की तलब आपको परेशान करती है, तो मखाना उस आदत को संभालने का सबसे आसान रास्ता हो सकता है। कमल के ये छोटे-छोटे सफेद दाने देखने में भले मामूली लगें, लेकिन इनमें शरीर को चाहिए वाले लगभग सारे ज़रूरी पोषक तत्व भरे होते हैं। भुने हुए मखाने न सिर्फ पेट को हल्के-फुल्के अंदाज़ में भरते हैं, बल्कि शरीर में पोषण की कमी को भी पूरा करते हैं और थकान दूर कर ऊर्जा देते हैं।
खास बात यह है कि सिर्फ एक कप सूखे कमल के बीज यानी मखाने खाने भर से आपको अच्छी-खासी मात्रा में प्रोटीन, पोटेशियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व मिल जाते हैं। इसमें मौजूद भरपूर फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट इसे वजन घटाने वालों का पसंदीदा स्नैक बना देते हैं। यही वजह है कि आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग मखाने को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं।
100 ग्राम मखाने में कितना पोषण
डाइटिशियन स्वाति सिंह के मुताबिक, करीब 100 ग्राम मखाना खाने पर शरीर को एक साथ कई ज़रूरी चीज़ें मिलती हैं। इस मात्रा में मखाने से मिलता है:
- प्रोटीन: 9.7g
- कार्बोहाइड्रेट: 76.9g
- फाइबर: 14.5g
- कैल्शियम: 60 मिग्रा
- मैग्नीशियम: 67 मिग्रा
- पोटैशियम: 500 मिग्रा
- फॉस्फोरस: 188 मिग्रा
- कैलोरी: 347-356
यानी एक ही चीज़ खाने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्वों के साथ-साथ ढेर सारे मिनरल भी एक झटके में मिल जाते हैं।
आखिर मखाने को सुपरफूड क्यों मानते हैं
पोषण का भंडार, फैट नदारद
मखाने की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें फैट की मात्रा न के बराबर होती है, जबकि कार्बोहाइड्रेट काफी ज़्यादा रहता है। यही संतुलन इसे एक बेहतरीन स्नैक बनाता है। मखाना खाने के बाद पेट भारी नहीं लगता, बल्कि शरीर हल्का महसूस करता है और साथ ही भरपूर ऊर्जा भी मिलती है।
प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर
मखाने में अच्छी मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मज़बूत बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें लाइसिन जैसा ज़रूरी अमीनो एसिड पाया जाता है, जो थकी या टूटी मांसपेशियों की मरम्मत और रिकवरी में अहम भूमिका निभाता है।
चयापचय यानी मेटाबॉलिज़्म को रखे दुरुस्त
मखाना खाने से शरीर में सूजन के लक्षण काफी हद तक कम किए जा सकते हैं और चयापचय से जुड़ी दूसरी दिक्कतों से भी बचाव होता है। इसमें मौजूद केम्फेरोल और फ्लेवोनोइड जैसे कंपाउंड सूजन घटाने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने में मदद करते हैं।
ब्लड शुगर पर लगाम
डायबिटीज के मरीज़ों के लिए मखाना खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है। यह शुगर को धीरे-धीरे तोड़ता है, जिससे शरीर की एनर्जी स्थिर बनी रहती है और ब्लड शुगर अचानक तेज़ी से नहीं चढ़ता। इतना ही नहीं, मखाना दिल और हड्डियों को मज़बूती देता है, मांसपेशियों का काम बेहतर करता है और अच्छी नींद लाने में भी मददगार साबित होता है।













