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चाय में चीनी छोड़ गुड़ या शहद मिला रहे हैं तो डॉक्टर जयेश शर्मा की यह चेतावनी जरूर पढ़ेंस्वास्थ्य
26 अग॰ 2026, 8:19 am (63 दिन पहले)· 2

चाय में चीनी छोड़ गुड़ या शहद मिला रहे हैं तो डॉक्टर जयेश शर्मा की यह चेतावनी जरूर पढ़ें

कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा का कहना है कि चाय में चीनी की जगह गुड़ या शहद इस्तेमाल करने से कैलोरी और शुगर स्पाइक में कोई कमी नहीं आती और स्वास्थ्य लाभ न के बराबर मिलता है।

चाय में सफेद चीनी की जगह गुड़ या शहद मिलाने को अक्सर एक सेहतमंद विकल्प माना जाता है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल एक मानसिक तसल्ली से अधिक कुछ नहीं है। कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने अपने इन्स्टाग्राम वीडियो में यह स्पष्ट किया है कि चीनी की जगह गुड़, शक्कर या शहद का इस्तेमाल करने से शरीर को मिलने वाला फायदा न के बराबर है। सफेद चीनी को आमतौर पर शरीर के लिए नुकसानदायक माना जाता है क्योंकि यह केवल खाली कैलोरी देती है और मोटापा तथा कई बीमारियों का कारण बनती है। मीठे के शौकीन लोग इसका विकल्प ढूंढने के लिए अपनी चाय में गुड़ या शहद मिलाना शुरू कर देते हैं, लेकिन इससे शरीर में जाने वाली कैलोरी और शुगर की मात्रा में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता।

प्राकृतिक मिठास से जुड़े भ्रम और उनका असली सच

बहुत से लोग यह मानकर अपनी दैनिक चाय में गुड़ या शहद का इस्तेमाल करते हैं कि यह कम नुकसानदायक है। डॉक्टर जयेश शर्मा ने इसे बेहद दिलचस्प अंदाज में समझाते हुए कहा कि गुड़ असल में चीनी का गांव का रिश्तेदार है, जबकि शहद अमेरिका से आया हुआ उसका विदेशी रिश्तेदार है। इन सभी का आनुवंशिक ढांचा यानी जीन बिल्कुल एक जैसे हैं। ये सभी खाद्य पदार्थ एक्स्ट्रा शुगर या अतिरिक्त शर्करा की श्रेणी में ही आते हैं। इनका सेवन चाहे किसी भी रूप में किया जाए, ये शरीर में लगभग एक बराबर कैलोरी पहुंचाते हैं और ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाते हैं। यही वजह है कि इनमें से किसी भी विकल्प का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जा सकता।

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पोषण, कैलोरी और शुगर स्पाइक की तुलना

सफेद चीनी पूरी तरह से रिफाइंड शुगर होती है, जिसमें किसी भी प्रकार के पोषक तत्व मौजूद नहीं होते। यह शरीर में जाकर केवल तुरंत कैलोरी देती है और रक्त में शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ाती है। दूसरी ओर, गुड़ या उससे बनी शक्कर थोड़ी कम रिफाइंड प्रक्रिया से गुजरती है। गुड़ में आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व अवश्य पाए जाते हैं, लेकिन इनकी मात्रा इतनी कम होती है कि शरीर को इसका कोई विशेष लाभ नहीं मिल पाता। कैलोरी देने और शुगर स्पाइक करने के मामले में गुड़ भी चीनी जितना ही असर दिखाता है।

इसी तरह शहद में कुछ एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फायदेमंद तत्व मौजूद होते हैं। हालांकि, जब शहद को गर्म चाय में मिलाकर पिया जाता है, तो इसके पोषक तत्वों का असर लगभग समाप्त हो जाता है। यदि कोई व्यक्ति केवल पोषण पाने या शरीर में आयरन की कमी दूर करने के लिए चाय में गुड़ या शहद डाल रहा है, तो यह विचार वैज्ञानिक दृष्टि से सही नहीं है।

दैनिक जीवन में चीनी की सुरक्षित मात्रा

खान-पान में मिठास की सीमा तय करना बेहद महत्वपूर्ण है। डॉक्टर के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की दिनभर की कुल कैलोरी खपत का 10 प्रतिशत से कम हिस्सा ही अतिरिक्त चीनी या मिठास से आना चाहिए। एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 7 से 8 चम्मच चीनी का सेवन करने से आमतौर पर कोई समस्या नहीं होती है। हालांकि, त्योहारों, शादियों और अन्य सामाजिक समारोहों के दौरान लोग अनजाने में इससे कहीं अधिक मात्रा में मीठा खा लेते हैं। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी के तौर पर रोजाना 3 से 4 चम्मच चीनी या मिठास का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है।

स्वादिष्ट चाय और सही विकल्प का चुनाव

इन सभी तथ्यों का निष्कर्ष यह निकलता है कि आप अपनी पसंद के अनुसार चाय में चीनी, गुड़ या शहद में से किसी भी चीज का उपयोग कर सकते हैं। स्वाद के लिहाज से इनमें से जो भी आपको पसंद हो उसे चुना जा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से इनमें से कोई भी चीज चमत्कारी या पूरी तरह फायदेमंद नहीं है। मुख्य बात यह है कि मिठास चाहे किसी भी स्रोत से आ रही हो, उसकी मात्रा को हमेशा सीमित और नियंत्रित रखना चाहिए।

सवाल-जवाब

क्या चाय में चीनी की जगह गुड़ मिलाना सेहतमंद है?
नहीं, डॉक्टर जयेश शर्मा के अनुसार गुड़ और चीनी में लगभग बराबर कैलोरी होती है और दोनों से एक जैसा शुगर स्पाइक होता है, इसलिए यह कोई खास स्वास्थ्य लाभ नहीं देता।
क्या शहद को गरम चाय में डालकर पीना फायदेमंद है?
नहीं, गरम चाय में शहद मिलाने से उसमें मौजूद मामूली एंटी-ऑक्सीडेंट्स का फायदा नष्ट हो जाता है और कैलोरी के मामले में यह चीनी के बराबर ही असर दिखाता है।
एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना कितनी चीनी खानी चाहिए?
सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना 7-8 चम्मच चीनी समस्या नहीं बनाती, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से रोजाना 3-4 चम्मच मिठास का सेवन ही सही माना गया है।
कुल दैनिक कैलोरी में चीनी का हिस्सा कितना होना चाहिए?
डॉक्टर के अनुसार आपके दिनभर की कुल कैलोरी खपत का 10 प्रतिशत से कम हिस्सा ही अतिरिक्त चीनी या मिठास से आना चाहिए।
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