अक्सर लोग वजन कम करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और कई तरह के प्रयास करते हैं, लेकिन इसके बावजूद वजन कम होने का नाम नहीं लेता। वजन घटाने का सफर चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर तब जब लगातार प्रयास के बाद भी परिणाम न दिखाई दें। इस समस्या के समाधान के रूप में चेन्नई के फिटनेस कोच और स्लो बर्न मेथड के संस्थापक राज गणपथ ने ऐसी 6 आसान और व्यावहारिक आदतों की जानकारी दी है, जिन्हें लंबे समय तक अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर वजन घटाने के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
दैनिक वॉक और निरंतरता
वजन नियंत्रित रखने और शरीर को एक्टिव बनाए रखने के लिए पैदल चलना सबसे सरल और असरदार उपाय है। हर व्यक्ति को रोजाना लगभग 8,000 से 12,000 कदम चलने का लक्ष्य रखना चाहिए। आपकी वर्तमान फिटनेस स्थिति चाहे जो भी हो, धीरे-धीरे इस लक्ष्य तक पहुंचना संभव है। इस लक्ष्य को एक ही बार में पूरा करने की बाध्यता नहीं है, बल्कि इसे पूरे दिन के अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा सकता है। हर दिन ठीक 12,000 कदम चलना ही जरूरी नहीं है, बल्कि इस संख्या के आसपास बने रहना और नियमितता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
स्ट्रेंथ और एंड्योरेंस ट्रेनिंग का संतुलन
केवल वर्कआउट शुरू कर देना वजन घटाने के लिए पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे लंबी अवधि तक नियमित रूप से जारी रखना असली चाबी है। साप्ताहिक रूटीन में करीब 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और 2 से 3 दिन एंड्योरेंस ट्रेनिंग को शामिल किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा भारी या कठिन वर्कआउट करने की आवश्यकता नहीं होती है। व्यक्ति को अपनी शारीरिक क्षमता और सुविधा के अनुसार एक्सरसाइज का चयन करना चाहिए। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर देना चाहिए कि वर्कआउट बिना रुके लगातार जारी रहे।
हर भोजन में प्रोटीन और सब्जियों का समावेश
सुलभ और पौष्टिक आहार वजन घटाने की यात्रा में मुख्य भूमिका निभाता है। प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण, शारीरिक ताकत बढ़ाने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने के लिए अत्यंत आवश्यक है। वहीं दूसरी ओर, सब्जियां शरीर को विभिन्न प्रकार का फाइबर प्रदान करती हैं। फाइबर आंतों के स्वास्थ्य यानी गट हेल्थ, पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए दिन के प्रत्येक भोजन में कुछ मात्रा में प्रोटीन और सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए।
अनहेल्दी फैट और एक्स्ट्रा शुगर पर नियंत्रण
खान-पान की आदतों में सुधार करते समय अनहेल्दी फैट और अतिरिक्त शुगर वाली चीजों के सेवन को कम करने की सलाह दी जाती है। इसका तात्पर्य यह बिल्कुल नहीं है कि अपनी पसंदीदा खाद्य वस्तुओं का त्याग कर दिया जाए। पसंदीदा चीजों को पूरी तरह छोड़ने के बजाय उन्हें कम मात्रा में और कम आवृत्ति पर खाने से भी शरीर पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह दृष्टिकोण आपको बिना मानसिक दबाव के डाइट प्लान पर टिके रहने में मदद करता है।
कैलोरी डेफिसिट और ओवरईटिंग से बचाव
वजन कम करने के लिए शरीर में कैलोरी डेफिसिट की स्थिति बनाए रखना अनिवार्य माना जाता है। जब शरीर में कैलोरी की खपत कम होती है, तो कई बार तीव्र भूख और क्रेविंग का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में भोजन की कुल मात्रा और सेवन का ध्यान रखना अत्यधिक आवश्यक हो जाता है। खाने की मात्रा पर सचेत नियंत्रण रखकर अत्यधिक भोजन करने यानी ओवरईटिंग से बचा जा सकता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहती है।
पर्याप्त नींद और लाइफस्टाइल रिकवरी
स्वास्थ्यप्रद आदतों का पालन करने के लिए शारीरिक रिकवरी और पर्याप्त विश्राम आवश्यक है। जब नींद अधूरी रहती है, तो सेहतमंद खान-पान का चुनाव करना और दिन भर एक्टिव रहना काफी मुश्किल हो जाता है। पहले बताई गई पांचों आदतों को अपनी जीवनशैली में सुचारू रूप से लागू करने के लिए रोजाना कम से कम 6 घंटे या फिर 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। पूरी नींद लेने से शरीर और मस्तिष्क तरोताजा रहते हैं और फिटनेस लक्ष्य आसानी से पूरे होते हैं।



















