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खाद्य एवं औषधि सुरक्षा पर महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई, 3100 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच के बीच तुकाराम मुंढे ने तबादले की चर्चा पर दिया बयानस्वास्थ्य
26 अग॰ 2026, 7:58 pm (2 घंटे पहले)· 2

खाद्य एवं औषधि सुरक्षा पर महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई, 3100 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच के बीच तुकाराम मुंढे ने तबादले की चर्चा पर दिया बयान

महाराष्ट्र में खाद्य और दवा सुरक्षा को लेकर FDA ने 3,100 से अधिक स्थानों पर गहन जांच अभियान चलाकर 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस व्यापक कार्रवाई के साथ प्रशासनिक तबादले के सवालों और रक्त केंद्रों पर सख्त नियमों पर अपना रुख स्पष्ट किया।

महाराष्ट्र राज्य में नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े खाद्य पदार्थों एवं जीवनरक्षक दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपना निगरानी अभियान अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया है। विभाग द्वारा चलाए गए इस व्यापक अभियान के तहत 31 जुलाई की समयसीमा तक राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 3,100 से भी अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच प्रक्रिया के दौरान जनस्वास्थ्य के सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 165 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए गए, जबकि 750 से अधिक अन्य व्यावसायिक इकाइयों को निर्धारित समयसीमा में कमियों को दूर करने के लिए कारण बताओ एवं सुधार नोटिस थमाए गए हैं। विभागीय नियमों के तहत जिन 105 निलंबित प्रतिष्ठानों ने FDA आयुक्त के समक्ष प्रशासनिक अपील प्रस्तुत की थी, उनमें से मानक सुधार का भौतिक सत्यापन करने के पश्चात लगभग 70 प्रतिष्ठानों को सशर्त राहत प्रदान की गई है, जबकि अवशेष मामलों पर अंतिम वैधानिक आदेश जारी करने की कार्रवाई चल रही है।

राज्यभर में 3100 से अधिक स्थानों की जांच और कड़ा एक्शन

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार किसी भी व्यावसायिक इकाई का लाइसेंस रद्द करना अंतिम विकल्प होता है। FDA आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नियामक की प्राथमिक मंशा व्यापार बंद कराना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जहां खाद्य निर्माण, भंडारण या वितरण प्रक्रिया में तात्कालिक रूप से बीमारियों के फैलने या स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका होती है, केवल वहीं तत्काल लाइसेंस निलंबन की कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। अन्य सामान्य या मध्यम स्तर की अनियमितताओं के मामलों में व्यवसायियों को सुधार नोटिस देकर अपनी कार्यप्रणाली दुरुस्त करने का अवसर दिया जाता है। निलंबन की कार्रवाई के उपरांत यदि संबंधित प्रतिष्ठान का संचालनकर्ता नियमों के अनुरूप स्वच्छता और मानक अपना लेता है, तो FDA की विशेषज्ञ टीम स्थल का पुनः दौरा कर गुणवत्ता की जांच करती है। सत्यापन रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने पर ही निलंबन वापस लिया जाता है, अन्यथा नियमों की अनदेखी जारी रखने पर कानूनी कार्रवाई बढ़ाते हुए निलंबन बरकरार रखा जाता है।

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सख्त कार्रवाई के बाद प्रतिष्ठानों में खुद बदलाव और जन-प्रतिक्रिया

नियामक संस्था की इस लगातार कार्रवाई का व्यापक असर राज्य के खाद्य बाजार पर दिखाई देने लगा है। कई प्रमुख रेस्टोरेंट, होटल और बेकरी संचालकों ने अपनी ओर से पहल करते हुए अपनी रसोई और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का पूरी तरह नवीनीकरण कराना शुरू कर दिया है। कुछ प्रतिष्ठानों ने तो विभागीय कार्रवाई की प्रतीक्षा किए बिना स्वयं ही निश्चित समय के लिए अपनी व्यावसायिक गतिविधियां रोककर डीप क्लीनिंग, आधुनिक उपकरणों की स्थापना और ढांचागत सुधार पूरे किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों, कस्बों और ग्रामीण अंचलों से नागरिकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी प्राप्त हो रही हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं ने खाद्य तेलों की शुद्धता, भोजन में इस्तेमाल होने वाले रंगों की गुणवत्ता और डेयरी दूध के स्वाद एवं गाढ़ेपन में स्पष्ट सुधार की बात स्वीकार की है। जनमानस से सीधे जुड़ने के उद्देश्य से विभाग अब एक संस्थागत और पारदर्शी डिजिटल फीडबैक सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे आम लोग अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे दर्ज करा सकेंगे। आयुक्त मुंढे का मानना है कि यदि खाद्य कारोबारी स्वयं अपनी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारियों का पालन करें तो बाजार में किसी नियामक की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

तबादले की अटकलों पर जवाब और 'सेफ महाराष्ट्र' का मिशन

व्यापक प्रशासनिक कार्रवाई के बीच मीडिया हलकों और राजनीतिक गलियारों में FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के संभावित तबादले को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने अपना पक्ष साफ किया है। तबादले से जुड़े सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार की नीतियों और निर्णय प्रक्रिया में पूरा विश्वास रखते हैं और इसी परस्पर विश्वास के बल पर अपनी प्रशासनिक सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी के स्थानांतरण या पदस्थापन का अधिकार पूरी तरह से राज्य शासन के पास सुरक्षित होता है और इसमें व्यक्तिगत प्राथमिकताओं की कोई भूमिका नहीं होती। विभाग के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि 'सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र' केवल एक नारा नहीं बल्कि संपूर्ण FDA टीम का कार्य सिद्धांत है। खाद्य सामग्री और औषधियों की शुद्धता सीधे आम नागरिक के जीवन और दीर्घायु से जुड़ी होती है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

साझा जिम्मेदारी और खाद्य उद्योग की डिजिटल ट्रैकिंग

खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बहुपक्षीय भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए प्रशासनिक नेतृत्व ने कहा कि केवल कानून के भय से संपूर्ण खाद्य श्रृंखला को सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBO), नियामक एजेंसियों और जागरूक नागरिकों को एक साझे मंच पर आकर काम करना होगा। संपूर्ण खाद्य कारोबार को एक ही चश्मे से देखकर सुरक्षित या असुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रत्येक विक्रेता की कार्यस्थिति, संसाधन और भौगोलिक परिस्थितियां भिन्न होती हैं। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना कोई एकदिवसीय घटना नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली निगरानी प्रक्रिया है। वर्तमान में प्राथमिक उत्पादकों यानी किसानों, ग्रामीण दूध संग्रह केंद्रों और चिलिंग सेंटरों तक नियामक मानकों के प्रति जागरूकता पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही विभाग प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑटोमेशन तथा डिजिटल ट्रैकिंग तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। व्यवस्थागत बदलाव पर जोर देते हुए मुंढे ने कहा कि कोई व्यक्ति विशेष महत्वपूर्ण नहीं होता बल्कि एक मजबूत और स्वतंत्र सिस्टम का सुचारू रूप से कार्य करना सबसे अधिक मायने रखता है।

त्योहारों के लिए तीन चरणों का विशेष एक्शन प्लान और स्वास्थ्य सलाह

आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए FDA ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। राज्य के इतिहास में पहली बार पूरे वर्ष के त्योहारों को शामिल करते हुए एक एकीकृत 'फेस्टिवल कैलेंडर' तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत दिवाली, क्रिसमस, ईद और गणेशोत्सव जैसे प्रमुख पर्वों के लिए अलग-अलग समयसीमा और जांच दिशानिर्देश तय किए गए हैं। इस रणनीति के तहत विभाग तीन अलग-अलग चरणों में कार्रवाई संचालित करेगा: त्योहार से पूर्व की तैयारी एवं भंडारण जांच, त्योहार के दौरान बाजार की प्रत्यक्ष निगरानी, और त्योहार के तुरंत बाद गुणवत्ता समीक्षा। इस त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन में मिलावटी मिठाइयों, जहरीले मावे और असुरक्षित खाद्य रंगों की बिक्री पर पूर्ण विराम लगाना है। इसके साथ ही विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान अत्यधिक वसा, अधिक नमक और अधिक शर्करा वाले (HFSS) खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करें और पारंपरिक एवं पौष्टिक आहार को प्राथमिकता दें।

3 महीने में 16,000 शिकायतें और शून्य-भेदभाव नीति

जनसामान्य की सहभागिता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन महीनों के भीतर FDA के नियंत्रण कक्ष को टोल-फ्री नंबर, आधिकारिक ई-मेल और डायरेक्ट टेलीफोन लाइनों के माध्यम से 16,000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्राप्त शिकायतों का अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर के जरिए त्वरित विश्लेषण किया जाता है और उच्च जोखिम वाले खाद्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए क्षेत्रीय टीमों को भेजा जाता है। विभाग की निष्पक्षता पर बल देते हुए आयुक्त ने कहा कि कार्रवाई करते समय पांच सितारा लक्जरी होटलों और सड़क किनारे स्थित छोटे भोजनालयों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाता। नियमों का उल्लंघन करने पर कानून का हंटर सभी पर समान रूप से चलता है। जांच का यह दायरा केवल परंपरागत दुकानों तक सीमित न रहकर आधुनिक सप्लाई चेन जैसे डार्क किचन, ई-कॉमर्स ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, बड़े कोल्ड स्टोरेज गोदाम, चेन रेस्टोरेंट, क्लब और निजी डेयरियों तक फैला हुआ है।

मंत्रालय की कैंटीन और सरकारी प्रतिष्ठानों की भी गहन जांच

खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करने में सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को खारिज करते हुए FDA ने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक परिसरों में भी सघन निरीक्षण किया है। इस अभियान के तहत राज्य सचिवालय यानी मंत्रालय की कैंटीन और विधायक निवास की कैंटीन सहित 115 से अधिक सरकारी एवं अर्ध-सरकारी खानपान गृहों की जांच की गई। जिन सरकारी कैंटीनों में स्वच्छता मानकों में कमियां पाई गईं, उन्हें तुरंत सुधार नोटिस जारी किए गए और गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी की गई। कानून की नजर में सभी खाद्य व्यवसाय ऑपरेटर (FBO) एक समान दर्जा रखते हैं और किसी भी सरकारी संस्थान को जनस्वास्थ्य के नियमों से छूट नहीं दी जा सकती।

स्कूलों के मिड-डे मील और आंगनवाड़ियों पर विशेष निगरानी

बच्चों और धात्री माताओं के पोषण की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए FDA ने राज्यभर के स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील, आंगनवाड़ी केंद्रों और केंद्रीयकृत रसोइयों (सेंट्रल किचन) पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। उदाहरण के तौर पर मुंबई महानगर में हाल ही में 8 से 10 बड़े सेंट्रल किचन का औचक निरीक्षण किया गया, जहां से रोजाना हजारों बच्चों के लिए भोजन तैयार कर भेजा जाता है। वहां से पके हुए भोजन और कच्चे माल के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए तथा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर एक सेंट्रल किचन का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे महाराष्ट्र की आंगनवाड़ियों और शैक्षणिक संस्थाओं में भोजन आपूर्ति प्रणाली की अनिवार्य जांच के आदेश निर्गत किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत हर स्कूल और आंगनवाड़ी की साल में कम से कम दो बार पूर्ण जांच होगी और हर महीने भोजन के नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण किया जाएगा।

ब्लड बैंकों पर कानूनी शिकंजा और 2020 के नियमों का कड़ाई से पालन

खाद्य पदार्थों के साथ-साथ मानव रक्त की सुरक्षा को लेकर भी FDA बेहद सख्त रुख अपना रहा है। भारतीय कानून के अंतर्गत रक्त को 'औषधि' या दवा की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसके कारण रक्त संग्रह एवं प्रसंस्करण केंद्रों (ब्लड बैंकों) के लिए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों का अक्षरसः पालन करना अनिवार्य है। विभाग ने दो दिन पूर्व एक व्यापक अनुपालन आदेश जारी किया है, जिसमें वर्ष 2020 से प्रभावी वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया गया है। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले कई रक्त केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और कुछ आदतन डिफ़ॉल्टर केंद्रों के संचालन लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए हैं। नए दिशानिर्देशों के अनुसार बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति के कोई भी व्यक्ति या गैर-सरकारी संस्था मनमाने ढंग से रक्तदान शिविरों का आयोजन नहीं कर सकती। केवल अधिकृत और पंजीकृत रक्त केंद्रों को ही शिविर लगाने की अनुमति होगी, जिनमें दानदाताओं की संख्या के अनुपात में पर्याप्त योग्य डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त एकत्र किए गए रक्त के सुरक्षित परिवहन के लिए कोल्ड चेन का रखरखाव और पूरी जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज कराना आवश्यक है। रक्तदान को पूर्णतः स्वैच्छिक बनाए रखने के उद्देश्य से किसी भी प्रकार के नकद या जिंस भुगतान पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।

सवाल-जवाब

महाराष्ट्र में FDA ने 31 जुलाई तक कितनी इकाइयों की जांच की है?
FDA ने राज्यभर में खाद्य क्षेत्र से जुड़े 3,100 से अधिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की है।
जांच के दौरान कितने प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए?
नियमों के गंभीर उल्लंघन पर 165 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल निलंबित किए गए और 750 से अधिक को सुधार नोटिस जारी किए गए।
क्या सरकारी कैंटीनों और स्कूलों के भोजन की भी जांच की गई है?
हां, मंत्रालय और विधायक निवास की कैंटीन सहित 115 से अधिक सरकारी परिसरों की जांच हुई है, साथ ही आंगनवाड़ी और मिड-डे मील रसोइयों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
त्योहारों के दौरान मिलावट रोकने के लिए FDA की क्या योजना है?
FDA ने एक वार्षिक फेस्टिवल कैलेंडर तैयार किया है, जिसके तहत त्योहार से पहले, त्योहार के दौरान और त्योहार के बाद तीन चरणों में कार्रवाई की जाएगी।
ब्लड बैंकों और रक्तदान शिविरों के लिए कौन से नियम अनिवार्य किए गए हैं?
रक्तदान शिविर केवल अधिकृत संस्थाएं लगा सकती हैं, दान पूर्णतः स्वैच्छिक होना चाहिए, किसी भुगतान पर रोक है और कोल्ड चेन व पर्याप्त मेडिकल स्टाफ अनिवार्य है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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