वजन घटाने और खुद को तंदुरुस्त रखने की होड़ में बहुत से लोग हरी सब्जियों को कच्चा या सलाद के रूप में खाने लगते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर शुभम वत्स का कहना है कि हर सब्जी को बिना पकाए खाना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं होता। ताजी और हरी सब्जियां शरीर के लिए बेहद पौष्टिक होती हैं, लेकिन कुछ सब्जियों को बिना सही तरीके से पकाए खाने से पेट, गुर्दे और दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने ऐसी तीन खास सब्जियों की पहचान की है जिन्हें कच्चा खाने की भूल कभी नहीं करनी चाहिए।
कच्ची सब्जियां खाने का चलन और इसके पीछे छिपे खतरे
फिटनेस के प्रति जागरूक लोग अक्सर यह मानते हैं कि सब्जियों को कच्चा खाने से उनके सभी पोषक तत्व शरीर को बिना किसी नुकसान के मिलते हैं। लेकिन वैज्ञानिक और चिकित्सीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो कई सब्जियों में प्राकृतिक रूप से विषैले तत्व, जटिल रसायन और सूक्ष्म परजीवी मौजूद होते हैं। पकाने की प्रक्रिया इन नुकसानदेह तत्वों को नष्ट कर देती है। यदि इन्हें बिना पकाए सीधा खा लिया जाए तो शरीर का पाचन तंत्र इन्हें सहन नहीं कर पाता और स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
पालक: ऑक्सालेट की अधिकता से पथरी और गले में खराश का जोखिम
पालक को बेहद पौष्टिक माना जाता है, लेकिन इसे कच्चा खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। डॉक्टर शुभम वत्स के अनुसार पालक में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। जब पालक को बिना पकाए खाया जाता है, तो यह ऑक्सालेट गले में जलन, खुजली और खराश पैदा कर सकता है। इसके अलावा शरीर में ऑक्सालेट की ज्यादा मात्रा जमा होने से गुर्दे की पथरी यानी किडनी स्टोन का खतरा काफी बढ़ जाता है। कच्चा पालक खाने से पाचन संबंधी कई अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए पालक के हानिकारक प्रभाव को कम करने के लिए इसे हमेशा उबालकर या अच्छी तरह से पकाकर ही भोजन में शामिल करना चाहिए।
बंदगोभी: परतों के बीच छिपे टेपवर्म से दिमाग और पेट की बीमारियां
फास्ट फूड, चाउमीन और सलाद में कच्ची बंदगोभी का इस्तेमाल बहुत आम बात है। लेकिन यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। बंदगोभी की महीन परतों के भीतर टेपवर्म नामक परजीवी और उनके अंडे छिपे हो सकते हैं। ये कीड़े इतने ज्यादा बारीक होते हैं कि सादे पानी से धोने के बाद भी बंदगोभी से बाहर नहीं निकलते। जब कच्ची बंदगोभी के जरिए ये सूक्ष्म जीव मानव शरीर में प्रवेश करते हैं, तो वे आंतों से होते हुए मस्तिष्क या पेट तक पहुंच सकते हैं। इससे दिमाग और पेट की बेहद गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है। इस जोखिम से बचने का एकमात्र तरीका यह है कि बंदगोभी को पकाने से पहले अच्छी तरह उबालें और फिर पूरे तरीके से पकाकर ही खाएं।
बैंगन: जहरीला सोलेनाइन तत्व और पेट दर्द की समस्या
बैंगन एक ऐसी सब्जी है जिसे कभी भी कच्चा खाने की गलती नहीं करनी चाहिए। कच्चे बैंगन में सोलेनाइन नाम का एक प्राकृतिक जहरीला रसायन पाया जाता है। अगर बैंगन को कच्चा या अधपका खाया जाए, तो यह सोलेनाइन शरीर में जाकर विषैला असर दिखाता है। इसके सेवन से व्यक्ति को जी मिचलाने, मतली, उल्टी, पेट में तेज दर्द, ऐंठन और सिरदर्द जैसी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। बैंगन को भूनने या सब्जी के रूप में अच्छी तरह पकाने से सोलेनाइन का जहरीला प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाता है। इसलिए बैंगन को हमेशा उचित तापमान पर भूनकर या पकाकर ही खाना सुरक्षित होता है।
सुरक्षित खान-पान के जरूरी नियम
सब्जियों के पोषक तत्वों का पूरा लाभ उठाने के लिए उनके सेवन का सही तरीका जानना अनिवार्य है। केवल सलाद के नाम पर हर सब्जी को कच्चा खाना समझदारी नहीं है। किसी भी तरह की डाइट या फिटनेस योजना शुरू करने से पहले अपने आहार में शामिल चीजों के प्रभावों को समझना जरूरी होता है। सब्जियों को उबालने और सही तरीके से पकाने से न केवल उनके हानिकारक तत्व खत्म होते हैं, बल्कि वे सुपाच्य और सुरक्षित भी बनती हैं।



















