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दिल्ली के स्कूलों में स्वाइन फ्लू का साया, शिक्षा विभाग ने जारी की सख्त एडवाइजरीस्वास्थ्य
25 अग॰ 2026, 5:19 pm (63 दिन पहले)· 3

दिल्ली के स्कूलों में स्वाइन फ्लू का साया, शिक्षा विभाग ने जारी की सख्त एडवाइजरी

राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों के बीच शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। छात्रों की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए 31 अगस्त 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसमी इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य महकमे के साथ-साथ शिक्षा विभाग की भी चिंता बढ़ा दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाना और श्वसन संक्रमण से बचाव के उपायों को पूरी तरह से मजबूत करना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही।

शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लुएंजा के प्रमुख लक्षणों की विस्तार से जानकारी दी गई है। इनमें गले में खराश, लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, पूरे शरीर में दर्द, तेज सिरदर्द, थकान, ठंड लगना और बुखार शामिल हैं। हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन लक्षणों को देखकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन समय रहते उचित सतर्कता और सुरक्षात्मक कदम उठाना बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

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स्कूलों में स्वच्छता और व्यक्तिगत सुरक्षा पर जोर

संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों और कर्मचारियों को खांसते या छींकते वक्त अपने नाक और मुंह को अच्छी तरह ढकने के लिए प्रेरित करें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू पेपर को इधर-उधर फेंकने के बजाय उचित तरीके से निस्तारित किया जाना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने की आदत डालने पर जोर दिया गया है, खासकर कुछ भी खाने से पहले और खांसने या छींकने के तुरंत बाद हाथों की सफाई अनिवार्य की गई है।

संक्रमित व्यक्तियों से दूरी और कक्षाओं में वेंटिलेशन

एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि जिन भी व्यक्तियों में सांस संबंधी कोई भी लक्षण दिखाई दें, उनसे उचित दूरी बनाकर रखी जाए। यदि जरूरत महसूस हो तो कक्षाओं और परिसरों में मास्क का उपयोग किया जा सकता है। स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी कक्षाओं, कॉमन एरिया और ऐसी सतहों की नियमित रूप से सफाई करवाएं जिन्हें बार-बार छुआ जाता है। इसके अलावा कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन यानी हवा का आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्कूल परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इधर-उधर थूकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए विशेष जागरूकता फैलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छात्रों के लिए स्वस्थ जीवनशैली और खानपान के निर्देश

विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, पौष्टिक और संतुलित आहार लें, पूरा आराम करें और अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ को यह भी हिदायत दी गई है कि वे बार-बार अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें। इसके अलावा बिना किसी डॉक्टर की सलाह के कोई भी एंटीबायोटिक या अन्य दवा न लेने की सख्त सलाह दी गई है।

जागरूकता फैलाने के आधुनिक और पारंपरिक तरीके

शिक्षा निदेशालय ने शिक्षण संस्थानों से कहा है कि वे इन सभी सावधानियों और बचाव के उपायों के बारे में छात्र-छात्राओं के बीच व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करें। इसके लिए सुबह की प्रार्थना सभा यानी असेंबली, क्लासरूम में होने वाली बातचीत, नोटिस बोर्ड, अभिभावकों के साथ संवाद और स्कूल के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भरपूर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हर बच्चे और अभिभावक तक सही जानकारी पहुंच सके।

31 अगस्त तक देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट

सभी जिलों और जोन के उप शिक्षा निदेशकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे इन सभी निर्देशों के जमीनी स्तर पर अनुपालन की कड़ी निगरानी करें। इसके बाद सभी स्कूलों से डेटा एकत्र कर एक संकलित रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से शिक्षा निदेशालय की हेल्थ स्कूल ब्रांच को भेजी जानी चाहिए।

सवाल-जवाब

दिल्ली के स्कूलों के लिए यह एडवाइजरी क्यों जारी की गई है?
राजधानी में मौसमी इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा के लिए यह एडवाइजरी जारी की गई है।
स्वाइन फ्लू या इन्फ्लुएंजा के मुख्य लक्षण क्या बताए गए हैं?
इसके मुख्य लक्षणों में गले में खराश, खांसी, सांस लेने में परेशानी, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान, ठंड लगना और बुखार शामिल हैं।
स्कूलों को अनुपालन रिपोर्ट कब तक जमा करनी होगी?
सभी जिलों और जोन के उप शिक्षा निदेशकों को 31 अगस्त 2026 तक संकलित अनुपालन रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजनी होगी।
इस स्थिति को लेकर उच्च स्तर पर क्या कदम उठाया गया है?
बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई है जिसमें स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति नियंत्रण में बताई।
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