घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए पलामू में शक्ति सदन की तैयारी, तीन वर्ष तक मिल सकेगा सुरक्षित ठिकानावेस्टइंडीज के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने पर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उठाए सवाल, टीम चयन पर जताई नाराजगीमूलांक 4 दैनिक राशिफल 15 अक्टूबर: राहु बढ़ा सकता है मानसिक उलझन, कार्यक्षेत्र और धन प्रबंधन में बरतें सावधानीराजस्थान में आईटीआई का कायाकल्प करने की शुरुआत, भिवाड़ी क्लस्टर पर खर्च होंगे 241 करोड़ रुपयेबिहार के राजकीय पक्षी को समर्पित पटना का अनूठा पंडाल, 1000 कृत्रिम गौरैया और घोंसलों के बीच होगा मां दुर्गा का पूजनरांची के हजदा में आदिवासियों ने पत्थरों पर उकेरा संविधान, जमीन बचाने के लिए पांचवीं अनुसूची को बनाया ढालअमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों से फिसला बिटकॉइन, 80,000 डॉलर के अहम स्तर पर टिकी नजरेंबहराइच में बाढ़ से बर्बाद हुई खेती तो दंपत्ति ने खोला फास्ट फूड स्टॉल, अब बच्चों के अच्छे स्कूल में दाखिले की तैयारीभीलवाड़ा के धौड़ में चुनावी सभा के बीच विधायक गोपीचंद मीणा के वाहन पर पथराव, शीशा चकनाचूरनवरात्रि में गरबा के बीच जलता हुआ घड़ा और तीन तालियों का गहरा आध्यात्मिक संदेश
लिवर एंजाइम और फैटी लिवर को सामान्य रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी खानपान आदतेंस्वास्थ्य
15 अक्तू॰ 2026, 8:18 am (2 घंटे पहले)· 0

लिवर एंजाइम और फैटी लिवर को सामान्य रखने के लिए अपनाएं ये जरूरी खानपान आदतें

गलत जीवनशैली और खानपान से बढ़ने वाले एसजीपीटी और जीजीपीटी एंजाइम को नियंत्रित करने के लिए फाइबर, पर्याप्त पानी और नियमित कसरत बेहद जरूरी हैं।

मानव शरीर में लिवर सबसे बड़ा और ताकतवर अंग माना जाता है, जो पाचन से लेकर खून की सफाई तक के महत्वपूर्ण काम संभालता है। जब रोजमर्रा की जीवनशैली में अस्वास्थ्यकर आदतें और असंतुलित भोजन हावी होने लगते हैं, तब इसका सीधा असर लिवर की कार्यप्रणाली पर दिखने लगता है। विशेष रूप से बड़े शहरों और महानगरों में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसे केवल एक सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज करना सेहत के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि समय के साथ इसकी विभिन्न अवस्थाएं लिवर को गंभीर रूप से बीमार कर देती हैं।

लिवर एंजाइम बिगड़ने के मुख्य कारण

अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करना, वसायुक्त गरिष्ठ भोजन का लगातार उपयोग और शारीरिक निष्क्रियता लिवर की सेहत को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। गैस्ट्रोलॉजिस्ट सौरभ सेठी के अनुसार, इन अस्वास्थ्यकर आदतों के कारण जब लिवर की जांच कराई जाती है, तो खून में SGPT और GGPT का स्तर बढ़ा हुआ आता है, जिसके साथ फैटी लिवर की स्थिति भी विकसित होने लगती है। जब लिवर की कोशिकाओं में चर्बी जमने लगती है, तो ये एंजाइम रक्त प्रवाह में रिसने लगते हैं। यदि खानपान और दैनिक गतिविधियों में सही सुधार किए जाएं, तो लिवर को स्वस्थ स्थिति में बनाए रखना संभव हो सकता है।

ये भी पढ़ें

आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाना

लिवर के समुचित कामकाज के लिए भोजन में फाइबर का होना बेहद फायदेमंद माना जाता है। अपनी दैनिक डाइट में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्रमुखता से शामिल करना चाहिए, जिसके लिए ताजी सब्जियों से भरपूर सलाद खाना सबसे सरल उपाय है। उच्च फाइबर युक्त आहार पाचन तंत्र और पेट को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से अतिरिक्त वजन घटता है, जिससे लिवर पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम हो जाता है। सलाद और फाइबर से भरपूर चीजें शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होती हैं, जिससे शरीर प्राकृतिक रूप से साफ होता रहता है।

मसालेदार और तैलीय भोजन से दूरी

अत्यधिक तेल और तेज मसालों से तैयार खाना लिवर की सेहत को तेजी से बिगाड़ता है। इस वजह से रोजाना के भोजन में अधिक चिकनाई वाली और डीप फ्राई की हुई चीजों के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। तली-भुनी चीजों की जगह उबली हुई या रोस्ट की गई खाद्य सामग्री का चुनाव करना ज्यादा लाभकारी रहता है। पूरी और पराठे जैसे भारी व्यंजनों का सीमित उपयोग करें तथा घर में रोज बनने वाली सब्जियों में भी तेल की मात्रा न्यूनतम रखें, जिससे लिवर की कोशिकाओं पर अतिरिक्त वसा का संचय न हो सके।

पर्याप्त जलपान से प्राकृतिक सफाई

लिवर की कार्यप्रणाली को सुचारू और मजबूत बनाए रखने के लिए पूरे दिन में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। शरीर के भीतर पानी की पर्याप्त मात्रा मौजूद रहना जैविक क्रियाओं के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। भरपूर पानी पीने से शरीर की आंतरिक सफाई प्राकृतिक रूप से होती है और भीतर मौजूद दूषित अपशिष्ट पदार्थ पेशाब के जरिए आसानी से बाहर निकल जाते हैं। यह प्रक्रिया लिवर पर पड़ने वाले काम के बोझ को हल्का करने में अहम भूमिका निभाती है।

नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता

शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने में संतुलित आहार जितना जरूरी है, उतना ही महत्व नियमित शारीरिक व्यायाम का भी है। किसी भी अंग में अनावश्यक वसा का जमाव उसका सबसे बड़ा विरोधी साबित होता है, और यह बात लिवर पर पूरी तरह लागू होती है। लिवर को सुरक्षित रखने के लिए हर दिन किसी न किसी रूप में फिटनेस गतिविधि अपनानी चाहिए। इसके लिए भोजन करने के बाद नियमित रूप से टहलना और प्रतिदिन 40 से 45 मिनट का सघन व्यायाम करना बेहद असरदार माना जाता है। इस प्रकार की सतत शारीरिक सक्रियता लिवर को सक्रिय और रोगमुक्त रखने में मदद करती है।

सवाल-जवाब

लिवर में SGPT और GGPT एंजाइम बढ़ने के प्रमुख कारण क्या हैं?
शराब का अत्यधिक सेवन, चिकनाई युक्त भोजन खाना और व्यायाम न करने के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है।
फैटी लिवर की समस्या से बचाव के लिए आहार में क्या शामिल करना चाहिए?
भोजन में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों और सलाद की मात्रा बढ़ानी चाहिए, जिससे लिवर पर दबाव कम होता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए?
शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने के लिए दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
लिवर को ठीक रखने के लिए कितनी देर व्यायाम करना जरूरी है?
प्रतिदिन भोजन के बाद टहलना चाहिए और कम से कम 40 से 45 मिनट का सघन व्यायाम करना आवश्यक है।
लिवर रोगियों को किस प्रकार के भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए?
पूरी, पराठे, अत्यधिक तेल-मसाले और डीप फ्राई की गई चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp