जब किसी व्यक्ति के लिवर में जरूरत से ज्यादा मात्रा में चर्बी जमा होने लगती है, तो इस चिकित्सीय स्थिति को फैटी लिवर के नाम से जाना जाता है। हालांकि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन दिनचर्या और खानपान में कुछ जरूरी सुधार करके इस पर काबू पाया जा सकता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की डॉक्टर प्रियंका सहरावत का कहना है कि शुरुआती अवस्था में जीवनशैली से जुड़े कुछ बदलाव अपनाने से लिवर की स्थिति में काफी सुधार देखा जा सकता है।
खानपान और जीवनशैली में जरूरी बदलाव
फैटी लिवर की समस्या से राहत पाने के लिए सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इसके अलावा शारीरिक सक्रियता और वजन को नियंत्रण में रखना भी इस स्थिति से निपटने में अहम भूमिका निभाता है। डॉक्टर प्रियंका सहरावत के अनुसार प्रियंका सहरावत ने बताया कि कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
संतुलित आहार और पोषण का महत्व
अपनी रोजाना की थाली में हरी सब्जियों, साबुत अनाजों, दालों, ताजे फलों, नट्स और पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन को शामिल करें। बहुत ज्यादा तले-भुने और सैचुरेटेड फैट से भरपूर खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं। इसके अलावा मीठे पेय पदार्थों और अत्यधिक चीनी वाली चीजों का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए ताकि लिवर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
शारीरिक गतिविधि और वजन नियंत्रण
नियमित रूप से व्यायाम करना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना फैटी लिवर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। आप अपने रूटीन में तेज चाल से टहलना, साइकिल चलाना, तैराकी करना या अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार किसी अन्य कसरत को जगह दे सकते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह पर लगातार बैठे रहने की आदत से बचना चाहिए। यदि आपका वजन सामान्य से अधिक है, तो धीरे-धीरे और टिकाऊ तरीके से वजन घटाने का प्रयास करें। क्रैश डाइट या अचानक तेजी से वजन कम करने की बजाय संतुलित आहार और नियमित व्यायाम पर फोकस करना ज्यादा बेहतर रहता है।
चीनी, प्रोसेस्ड फूड और शराब से परहेज
कोल्ड ड्रिंक्स, बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड जूस, मिठाइयां, बिस्कुट, केक, पेस्ट्री और अन्य अत्यधिक शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें। इसके साथ ही अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और हाई कैलोरी वाले फूड्स से भी परहेज करना चाहिए। शराब का सेवन लिवर की कार्यप्रणाली पर बुरा असर डालता है और उस पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाता है। यदि आपको फैटी लिवर की शिकायत है, तो शराब पीने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।
पर्याप्त नींद और मानसिक तनाव से मुक्ति
नींद की पूरी खुराक न लेना और लगातार मानसिक तनाव में रहना आपके मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हर दिन समय पर और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेने का प्रयास करें। तनाव को नियंत्रित करने के लिए योग, ध्यान या अन्य रिलैक्सेशन तकनीकों का सहारा लिया जा सकता है।
नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर प्रियंका सहरावत सलाह देती हैं कि फैटी लिवर की समस्या को कभी भी हल्के में न लें और इसे नजरअंदाज न करें। चिकित्सक के निर्देशानुसार समय-समय पर जरूरी मेडिकल टेस्ट और फॉलो-अप करवाते रहें। सही खानपान, सक्रिय जीवनशैली और वजन पर नियंत्रण जैसे कदम उठाकर आप अपने लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं।



















