कानपुर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल ने कान, नाक और गले की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा की शुरुआत की है। अस्पताल परिसर में ईएनटी स्पेशिलिटी क्लिनिक का औपचारिक संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे गंभीर और जटिल रोगों की पहचान पहले से कहीं अधिक त्वरित और सटीक तरीके से की जा सकेगी। इस नई व्यवस्था के तहत अब स्थानीय मरीजों को उच्च स्तरीय जांच और इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े महानगरों के निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एलएलआर अस्पताल में ही अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सबसे खास बात यह है कि मरीज अस्पताल की सामान्य ओपीडी से मात्र 1 रुपये का पर्चा बनवाकर इस विशेष क्लिनिक की आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
सामान्य ओपीडी से सीधे स्पेशिलिटी क्लिनिक में रेफरल
अब तक एलएलआर अस्पताल के ईएनटी विभाग की सामान्य ओपीडी में आने वाले मरीजों को केवल प्रारंभिक चिकित्सकीय सलाह और दवाइयां देकर भेज दिया जाता था। यदि किसी मरीज की समस्या गंभीर होती थी, तो विस्तृत जांच के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता था। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि सामान्य ओपीडी में किसी मरीज की बीमारी जटिल या गंभीर प्रतीत होती है, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत स्पेशिलिटी क्लिनिक में रेफर कर दिया जाएगा।
इस क्लिनिक में अत्याधुनिक ईएनटी ट्रीटमेंट यूनिट और उच्च गुणवत्ता वाली एंडोस्कोपी यूनिट स्थापित की गई है। इनकी मदद से चिकित्सकों के लिए कान, नाक और गले के आंतरिक हिस्सों की सूक्ष्म स्थिति को स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से देखना संभव हो गया है। इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण, गांठ, सूजन, पॉलीप या अन्य अंदरूनी गड़बड़ियों का तत्काल पता लगाया जा सकता है। शुरुआती चरण में ही सटीक कारण स्पष्ट होने पर मरीज का लक्षित उपचार तुरंत शुरू किया जा सकता है। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह स्पेशिलिटी क्लिनिक सप्ताह में तीन दिन, सुबह 8 बजे से 11 बजे तक संचालित किया जाएगा। इसके अलावा, क्लिनिक को सामान्य ओपीडी के बिल्कुल समीप बनाया गया है ताकि मरीजों को परिसर में भटकना न पड़े।
दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत खत्म, आधुनिक मशीनों से जांच
ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. हरेंद्र कुमार के अनुसार, अतीत में कई जटिल मामलों में बेहतर जांच और विशेषज्ञ सलाह के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था और इलाज में समय भी नष्ट होता था। अब वही अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधाएं एलएलआर अस्पताल के भीतर ही उपलब्ध करवा दी गई हैं। यहां मरीजों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क या बेहद न्यूनतम खर्च पर किया जाएगा।
डॉ. हरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में मात्र 1 रुपये का ओपीडी पर्चा बनवाकर कोई भी मरीज स्पेशिलिटी क्लिनिक में विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकता है। संस्थान में आई आधुनिक मशीनों के माध्यम से कान, नाक और गले के अंदर छिपे विकारों को प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। इससे डॉक्टरों को बीमारी के वास्तविक फैलाव का अंदाजा तुरंत हो जाता है और वे बिना समय गवाएं सही दिशा में उपचार शुरू कर पाते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि कानपुर और आसपास के नागरिकों को उनके शहर में ही सर्वसुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।
गंभीर और पुरानी बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान
ईएनटी विभाग की चिकित्सक डॉ. अमृता श्रीवास्तव ने इस क्लिनिक के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एंडोस्कोपी और आधुनिक ईएनटी यूनिट कई ऐसी सूक्ष्म बीमारियों को भी पकड़ने में सक्षम हैं, जो पारंपरिक या सामान्य शारीरिक जांच के दौरान आसानी से दिखाई नहीं देती थीं। शुरुआती अवस्था में ही बीमारी का पता चल जाने से दवाइयों के माध्यम से उसका त्वरित उपचार संभव हो जाता है। यदि किसी मामले में सर्जरी या ऑपरेशन की आवश्यकता होती है, तो डॉक्टर समय रहते निर्णय ले सकते हैं, जिससे इलाज के परिणाम काफी बेहतर मिलते हैं।
यह नई स्पेशिलिटी सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी जो लंबे समय से कान बहने, कम सुनाई देने, लगातार नाक बंद रहने, बार-बार गले में संक्रमण होने या आवाज बैठने जैसी क्रोनिक समस्याओं से परेशान हैं। इन लक्षणों की जड़ तक पहुंचकर आधुनिक उपकरणों से सटीक जांच की जाएगी, जिससे मरीजों को स्थायी राहत मिल सकेगी।
कानपुर समेत आसपास के जिलों के मरीजों को व्यापक लाभ
गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज लगातार अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और जनउपयोगी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईएनटी स्पेशिलिटी क्लिनिक की शुरुआत से केवल कानपुर नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य जिलों से आने वाले हजारों मरीजों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र का मूल उद्देश्य यही है कि आम जनता को वही आधुनिक चिकित्सीय सुविधाएं बेहद कम खर्च में मिलें, जिनके लिए पूर्व में उन्हें बड़े महानगरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब मरीजों को एक ही छत के नीचे सस्ती दरों पर उच्च स्तरीय जांच, सटीक उपचार और अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं सहजता से मिल सकेंगी।



















