जब अचानक कोई शादी बिखरती है, तो उस भयानक मानसिक सदमे से उबरने की कोशिश में लोग कभी-कभी बेहद जल्दबाजी और गलत फैसले ले लेते हैं। इस विशेष मामले में, एक महिला का जीवन तब पूरी तरह तबाह हो गया जब उसका पति उसे अचानक छोड़कर एक दूसरे पुरुष के साथ रहने चला गया। इस गहरे धोखे और अकेलेपन के दर्द को कम करने के लिए, उसने अपने स्कूल के एक पुराने शादीशुदा दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। जिसे उसने केवल अपने टूटे हुए दिल को सहारा देने के लिए एक अनौपचारिक और अस्थायी बदलाव माना था, वह अब उसके लिए एक अत्यंत दमघोंटू और मानसिक पिंजरा बन चुका है। उसका वह शादीशुदा सहपाठी अब उसके प्यार में इस कदर पागल हो चुका है कि वह अपनी खुद की शादी को खत्म करने और इस महिला के साथ एक नया जीवन शुरू करने की जिद पर अड़ गया है, जिसके कारण महिला अब इस रिश्ते से बाहर निकलने के लिए छटपटा रही है।
तलाक का गहरा सदमा और फेसबुक पर दोबारा हुई अप्रत्याशित मुलाकात
किसी भी वैवाहिक रिश्ते का इस तरह अचानक टूट जाना बेहद दर्दनाक और किसी बड़े सदमे की तरह होता है, लेकिन इस महिला के मामले में धोखा और भी अधिक हैरान करने वाला था। उसके पति ने अचानक घोषणा कर दी कि वह किसी दूसरे मर्द से प्यार करता है और उसके साथ रहने के लिए अपना सारा सामान समेटकर देश के दूसरे हिस्से में चला गया। इस घटना ने महिला को पूरी तरह अकेला और बेसहारा छोड़ दिया, और उसे अपने जीवन के बिखरे हुए हिस्सों को खुद ही समेटना पड़ा। इस तरह के अप्रत्याशित धोखे ने उसे भावनात्मक रूप से इतना कमजोर और अकेला कर दिया कि उसे किसी न किसी सहारे या अपनेपन की सख्त जरूरत महसूस होने लगी।
दुख और अकेलेपन के इसी नाजुक दौर में उसने अपने जीवन के एक सबसे महत्वपूर्ण नियम को तोड़ दिया। सालों से वह अपने आसपास के लोगों को सोशल मीडिया के जरिए पुराने दोस्तों के संपर्क में आते और अपनी बसी-बसाई शादियों को उजाड़ते देखती आ रही थी। इसलिए उसने हमेशा खुद से यह वादा किया था कि वह कभी भी फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके किसी शादीशुदा पुराने दोस्त के करीब नहीं आएगी। लेकिन अकेलेपन के दबाव में उसने अपने ही बनाए नियमों को दरकिनार कर दिया और फेसबुक पर अपने स्कूल के एक पुराने ग्रुप के माध्यम से अपने एक पूर्व सहपाठी से दोबारा संपर्क स्थापित कर लिया।
जब वे दोनों कई वर्षों के बाद पहली बार मिले, तो वह कोई पारंपरिक रोमांटिक डेट नहीं थी। इसके बजाय, यह दो दुखी लोगों की एक ऐसी मुलाकात थी जहां वे केवल एक-दूसरे के सामने अपना दर्द बयां कर रहे थे। उनका वह पुराना दोस्त महिला के कंधे पर सिर रखकर फूट-फूटकर रोया और अपनी बिखरती शादी, नौकरी की असुरक्षा, और भारी कर्ज के साथ-साथ मकान की किश्तें (मॉर्गेज एरियर) न चुका पाने का दुखड़ा सुनाया। बदले में, इस महिला ने भी अपनी आपबीती सुनाई कि कैसे उसका पति उसे एक दूसरे पुरुष के लिए छोड़कर चला गया। इस आपसी दुख और सहानुभूति ने उनके बीच के फासले को बहुत तेजी से खत्म कर दिया।
आपसी सांत्वना से लेकर एक अनौपचारिक अफेयर का सफर
कुछ मुलाकातों के बाद, उनकी यह आपसी सहानुभूति और सांत्वना धीरे-धीरे एक शारीरिक संबंध में बदल गई। दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और उनके बीच असाधारण शारीरिक संबंध बने, जिसकी कमी वह महिला अपने तलाक के बाद से लगातार महसूस कर रही थी। उस शख्स ने महिला को बार-बार भरोसा दिलाया कि उसकी पत्नी को इस अफेयर के बारे में कभी भनक भी नहीं लगेगी, इसलिए किसी को कोई दुख नहीं पहुंचेगा। चूंकि महिला अब पूरी तरह अकेली थी और उस पर कोई पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं थी, इसलिए वह बिना किसी भावनात्मक जुड़ाव (इमोशनल कमिटमेंट) के केवल एक कैजुअल अफेयर रखने से बेहद संतुष्ट थी।
लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, उनके इस गुप्त रिश्ते का संतुलन बिगड़ने लगा। जहां एक तरफ महिला इस रिश्ते को केवल शारीरिक और अनौपचारिक स्तर तक ही सीमित रखना चाहती थी, वहीं दूसरी तरफ वह शादीशुदा शख्स उसके प्यार में बहुत गहराई से डूब गया। वह उनके इस रिश्ते को लेकर अत्यधिक गंभीर हो गया और अपनी पत्नी को तलाक देकर इस महिला के साथ एक नया घर बसाने की योजनाएं बनाने लगा। महिला के लिए यह स्थिति किसी भयानक सपने जैसी थी, क्योंकि उसने अपने तलाक के सदमे से उबरने के लिए केवल एक अस्थायी सहारा ढूंढा था और वह उस शख्स के साथ अपना कोई भविष्य नहीं देखती थी।
भावनाओं का दमघोंटू पिंजरा और आंसुओं के जरिए ब्लैकमेलिंग
जब महिला ने महसूस किया कि स्थिति अब उसके नियंत्रण से बाहर हो रही है, तो उसने सीमाओं को तय करने का प्रयास किया। उसने सीधे तौर पर उस शख्स से बात की और समझाया कि वे दोनों इस रिश्ते में बहुत आगे बढ़ चुके हैं और अब उन्हें इस अफेयर को यहीं खत्म कर देना चाहिए। लेकिन उसका यह फैसला सुनते ही वह शख्स बुरी तरह टूट गया और रोने लगा। उसने आंसुओं से रोते हुए दावा किया कि वह इस महिला के बिना जीवित ही नहीं रह सकता। उसके इस नाटक और आंसुओं ने महिला को इतना लाचार कर दिया कि वह पीछे नहीं हट पाई, जिससे उनका यह कैजुअल रिश्ता अब उसके लिए एक मानसिक पिंजरा बन चुका है।
अब यह मामला एक बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर आ चुका है। वह शादीशुदा शख्स अपनी पत्नी को यह बताने की जिद पर अड़ा है कि उनका रिश्ता खत्म हो चुका है, लेकिन वह यह कदम केवल तभी उठाएगा जब यह महिला उसके साथ एक नए भविष्य की गारंटी देगी। महिला अब खुद को इस रिश्ते में फंसा हुआ महसूस कर रही है और अत्यधिक तनाव तथा ग्लानि (गुिल्ट) से जूझ रही है। वह समझ नहीं पा रही है कि किसी बड़े तमाशे या दूसरों की जिंदगी बर्बाद किए बिना वह इस रिश्ते को हमेशा के लिए कैसे समाप्त करे।
काउंसलर लॉरा कोलिन्स की अहम सलाह: आंसुओं की हकीकत को समझें
इस बेहद संवेदनशील और जटिल समस्या पर अपनी महत्वपूर्ण राय देते हुए अनुभवी काउंसलर और कॉलमनिस्ट लॉरा कोलिन्स (Laura Collins) का कहना है कि ऐसे रिश्ते को बिना किसी हंगामे, दुख या अशांति के खत्म करना लगभग असंभव है। महिला को यह उम्मीद छोड़ देनी चाहिए कि यह ब्रेकअप बहुत आसानी से हो जाएगा। उन्हें पूरी दृढ़ता और स्पष्टता के साथ अपने फैसले पर टिके रहना होगा, भले ही उनका साथी उनके सामने कितने ही आंसू क्यों न बहाए।
लॉरा कोलिन्स चेतावनी देती हैं कि उस शख्स के आंसू भले ही उसके वास्तविक दुख को दर्शाते हों, लेकिन यह एक तरह का भावनात्मक ब्लैकमेल (इमोशनल मैनिपुलेशन) भी हो सकता है। रोकर और अपनी बेबसी दिखाकर उसने अब तक महिला को रिश्ता तोड़ने से सफलतापूर्वक रोके रखा है। महिला को इस भावनात्मक जाल को पहचानना होगा और यह समझना होगा कि वह किसी को खुश रखने के लिए खुद को एक अनचाहे रिश्ते में कैद नहीं रख सकतीं।
अपनी जिम्मेदारियों की सीमा तय करें और स्वयं को जवाबदेह बनाएं
इस दलदल से बाहर निकलने का सबसे पहला कदम यह समझना है कि आपकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी कहां समाप्त होती है। हालांकि किसी शादीशुदा व्यक्ति के साथ संबंध बनाना नैतिक रूप से सही नहीं माना जा सकता, लेकिन यह दो वयस्कों की आपसी सहमति से लिया गया निर्णय था। इसलिए वह शख्स अपनी जिंदगी की परिस्थितियों और अपनी शादीशुदा जिंदगी की समस्याओं के लिए स्वयं जिम्मेदार है। महिला उस शख्स की शादी की समस्याओं, उसके कर्ज, उसकी नौकरी या उसकी वित्तीय स्थिति के लिए बिल्कुल उत्तरदायी नहीं है। वह एक वयस्क पुरुष है जिसे अपनी खुशियों और अपने जीवन के फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
महिला जितने लंबे समय तक उसे अपने साथ जोड़े रखेगी, वह उस शख्स को झूठी उम्मीद देती रहेगी जिससे अंततः उसकी खुद की मानसिक पीड़ा और आत्म-ग्लानि ही बढ़ेगी। काउंसलर की सलाह है कि महिला को एक आखिरी बार उससे साफ शब्दों में बात करनी चाहिए और उसे कुछ स्थानीय सहायता समूहों (सपोर्ट ग्रुप्स), ऋण-सलाहकारों या वैवाहिक काउंसलर्स के संपर्क नंबर सौंप देने चाहिए जो उसकी बिखरती शादी और वित्तीय संकट को संभालने में उसकी मदद कर सकें। इसके बाद महिला को पूरी तरह से पीछे हट जाना चाहिए और उसे अपनी जिंदगी खुद संभालने देना चाहिए। इसके साथ ही, महिला को अपनी ऊर्जा अपने खुद के तलाक के सदमे से बाहर आने और खुद को संभालने में लगानी चाहिए।



















