बाजार में मिलने वाले कॉस्मेटिक उत्पादों की भरमार के बीच त्वचा की स्वाभाविक देखभाल के लिए पारंपरिक नुस्खे आज भी बेहद लोकप्रिय हैं। पुराने समय से ही शादी समारोहों और खास उत्सवों से पहले चेहरे की रंगत निखारने के लिए घर में बना उबटन लगाने की परंपरा रही है। इस नुस्खे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसी महंगे या दुर्लभ सामान की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि रसोई में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों से ही इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। यदि आप भी रासायनिक उत्पादों से परे एक सौम्य और प्राकृतिक तरीका तलाश रहे हैं, तो यह पारंपरिक उबटन आपकी त्वचा की देखभाल के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।
उबटन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस प्राकृतिक लेप को तैयार करने के लिए बहुत सामान्य और सुलभ चीजें चाहिए होती हैं। इसके लिए दो बड़े चम्मच बेसन, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और एक छोटा चम्मच चंदन पाउडर एकत्र करें। लेप का आधार बनाने के लिए इसमें दो से तीन बड़े चम्मच कच्चा दूध या ताजा दही शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, मिश्रण को चिकनाहट देने और त्वचा को नमी प्रदान करने के लिए आधा छोटा चम्मच बादाम का तेल भी इसमें डाला जाता है। यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है या किसी नई सामग्री के संपर्क में आने से जल्दी प्रभावित होती है, तो पूरे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ की त्वचा पर पैच टेस्ट करना बेहद जरूरी माना जाता है।
पेस्ट तैयार करने का सही तरीका
आवश्यक सामग्री जुटाने के पश्चात इस उबटन को बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है और इसमें बहुत कम समय लगता है। सबसे पहले एक साफ कटोरी लें और उसमें नाप के अनुसार बेसन, हल्दी और चंदन पाउडर डालें। इसके बाद कटोरी में कच्चा दूध या दही और आधा छोटा चम्मच बादाम का तेल मिला लें। एक चम्मच की मदद से सभी घटकों को तब तक अच्छी तरह मिलाते रहें जब तक कि एक चिकना और एकसार पेस्ट न बन जाए। ध्यान रखना चाहिए कि मिश्रण न तो बहुत ज्यादा पतला हो कि चेहरे से बहने लगे, और न ही इतना गाढ़ा हो कि उसे फैलाना मुश्किल हो जाए। सही गाढ़ापन होने पर यह त्वचा पर आसानी से टिक जाता है और समान रूप से फैलता है।
लगाने से पहले त्वचा की तैयारी और सावधानियां
उबटन का लेप लगाने से पूर्व चेहरे की पूरी तरह सफाई करना अनिवार्य कदम है। यदि चेहरे पर दिनभर की धूल, पसीना या किसी प्रकार का मेकअप मौजूद हो, तो उसे पहले पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लेना चाहिए। इसके उपरांत चेहरे और गर्दन को किसी साफ कपड़े से हल्के हाथों से पोंछ लें और फिर उबटन की एक समान परत लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि यह लेप आंखों और उनके आसपास की बेहद कोमल त्वचा से पूरी तरह दूर रहे। जो लोग पहली बार इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय त्वचा के एक छोटे से हिस्से पर लगाकर इसकी अनुकूलता जांच लेनी चाहिए। यदि किसी भी प्रकार की खुजली या जलन महसूस हो, तो इसका प्रयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।
लगाए रखने का समय और हटाने की विधि
उबटन लगाने के बाद उसे तुरंत धोने की भूल न करें। इसे चेहरे तथा गर्दन पर लगभग 15 से 20 मिनट की अवधि तक लगा रहने देना चाहिए। जैसे ही यह हल्का सूखने की स्थिति में पहुंचे, इसे हटाने की तैयारी शुरू करनी चाहिए। इसे पूरी तरह सूखकर कड़ा या पपड़ीदार बनने का इंतजार बिल्कुल न करें, क्योंकि अत्यधिक सूख जाने पर त्वचा में खिंचाव पैदा हो सकता है। उबटन को कभी भी जल्दबाजी में सूखा नहीं छुड़ाना चाहिए, बल्कि पहले पानी से गीला करके नरम बनाना चाहिए। विशेष रूप से नाजुक और संवेदनशील त्वचा वाले व्यक्तियों को चेहरे पर किसी भी प्रकार की रगड़ से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
सूख चुके लेप को साफ करने की तकनीक
यदि उबटन चेहरे पर थोड़ा अधिक सूख गया हो, तो उसे हटाने के दौरान त्वचा को जोर से घिसना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसी स्थिति में अपनी हथेलियों में थोड़ा सा सामान्य पानी या गुलाब जल लें और चेहरे पर हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए मालिश करें ताकि सूखा हुआ लेप ढीला पड़ जाए। जब लेप पूरी तरह नरम हो जाए, तब सादे पानी से धोकर चेहरे को साफ कर लें। यदि त्वचा पर कहीं उबटन चिपका रह जाए, तो उसे नाखूनों से खुरचने का प्रयास कतई न करें, बल्कि थोड़ा अतिरिक्त पानी लगाकर उसे धीरे-धीरे साफ करें। चेहरा पूरी तरह धुल जाने के बाद एक मुलायम तौलिये से त्वचा को थपथपाकर सुखाएं, उसे रगड़ें नहीं।
इस्तेमाल के बाद रखी जाने वाली जरूरी सावधानियां
उबटन साफ करने के फौरन बाद चेहरे पर किसी भी तरह का साबुन या फेसवॉश नहीं लगाना चाहिए। त्वचा के रोमछिद्रों को सामान्य अवस्था में आने के लिए कुछ समय का विश्राम दें, और यदि खिंचाव महसूस हो तो हल्का मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है। उबटन हटाने के बाद चेहरे को बार-बार छूने या हाथों से मसलने से बचना जरूरी है। इसके अतिरिक्त, यदि त्वचा पहले से धूप से जली हुई हो, लालिमा से ग्रस्त हो या बहुत ज्यादा संवेदनशील स्थिति में हो, तो उस समय कोई भी नया घरेलू उपाय आजमाने से बचना चाहिए। यदि प्रयोग के दौरान या बाद में किसी भी तरह की जलन का अनुभव हो, तो तुरंत साफ पानी से चेहरा धो लेना चाहिए।



















