पाकिस्तान में बनी गोरी ब्यूटी क्रीम पर अब बिक्री और इस्तेमाल दोनों पर रोक लगा दी गई है। नागपुर में करीब दो महीने पहले जब यह क्रीम जब्त कर लैब जांच के लिए भेजी गई थी, तो सैंपल टेस्ट में फेल हो गए। जांच रिपोर्ट में क्रीम के भीतर तय सीमा से कहीं ज्यादा मरकरी और सीसा मिला है, जिसके बाद अधिकारियों ने इसका इस्तेमाल पूरी तरह असुरक्षित करार देते हुए तुरंत बिक्री और उपयोग रोकने के निर्देश जारी कर दिए।
फेयरनेस के दावे के पीछे छिपा जहर
गोरी ब्यूटी क्रीम लंबे समय से त्वचा को गोरा बनाने का दावा करके ग्राहकों को लुभाती रही है। नागपुर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने इसी दावे पर शक होने के बाद छापा मारकर बड़ी मात्रा में गोरी क्रीम जब्त की और उसे प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया। जांच में सामने आया कि क्रीम में मरकरी और सीसा जैसी भारी धातुएं तय मात्रा से कहीं अधिक हैं। ऐसी धातुएं त्वचा के जरिए शरीर के भीतर पहुंचकर किडनी सहित शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
पैकेट पर न बैच नंबर मिला, न एक्सपायरी डेट
जब्त की गई क्रीम की जांच करने पर एक और गंभीर गड़बड़ी सामने आई। इन उत्पादों पर न तो निर्माता कंपनी का नाम और पता दर्ज था, न बैच नंबर, न निर्माण तिथि और न ही एक्सपायरी डेट। कॉस्मेटिक उत्पादों के लिए यह सारी जानकारी देना अनिवार्य होता है, इसलिए इसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया। फूड एंड ड्रग्स विभाग की जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि क्रीम में मरकरी की मात्रा 11944 पीपीएम और सीसे की मात्रा 32 पीपीएम पाई गई, जो तय मानकों से कहीं ज्यादा है।
अप्रैल में हुई थी पहली छापेमारी
इस पूरे मामले की शुरुआत अप्रैल महीने में हुई थी, जब फूड एंड ड्रग्स विभाग ने नागपुर के इतवारी बाजार की दुकानों पर छापा मारा। छापे में विभाग ने कई तरह की क्रीम और साबुन जब्त किए, जिनमें गोरी क्रीम भी शामिल थी। जब्त किए गए सभी सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। वहां लैब टेस्ट में यह क्रीम फेल हो गई, जिसके बाद विभाग ने इस पर बैन लगाने का फैसला लिया।
त्वचा के रास्ते किडनी तक पहुंचता है नुकसान
जांच में यह भी पता चला कि जब्त की गई क्रीम पाकिस्तान में बनाई गई है और पैकेट पर साफ तौर पर मेड इन पाकिस्तान लिखा हुआ था। अप्रैल के महीने में ही महाराष्ट्र के धुलिया और संभाजी नगर से भी इसी तरह की क्रीम को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद वहां भी कार्रवाई की गई। औषधि विभाग के सह आयुक्त ने बताया कि अगर क्रीम में मरकरी की मात्रा ज्यादा हो, तो यह त्वचा के जरिए शरीर के भीतर पहुंचकर किडनी को नुकसान पहुंचाती है।
एक महीने में जब्त हुई 15 हजार रुपए से ज्यादा की क्रीम
फूड एंड ड्रग्स विभाग ने 20 अप्रैल से 10 मई के बीच कई इलाकों में लगातार छापेमारी की। इस दौरान करीब 15186 रुपए कीमत की पाकिस्तान निर्मित गोरी ब्यूटी क्रीम के अलावा फेस फ्रेश गोल्ड प्लस क्रीम, गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम और गोरी व्हाइटनिंग बॉडी लोशन भी जब्त किए गए। जानकारी के मुताबिक कुछ महिलाओं में मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी नाम की गंभीर किडनी बीमारी सामने आने के बाद ही इन क्रीम की असलियत उजागर हुई थी। विभाग के अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी भी क्रीम से त्वचा का रंग गोरा नहीं हो सकता, लेकिन अगर उसमें मरकरी की मात्रा ज्यादा हो तो वह किडनी को गंभीर नुकसान जरूर पहुंचा सकती है।











