दिन की शुरुआत में थाली में रखी चीजें तय करती हैं कि शरीर पूरे दिन कैसा महसूस करेगा और ऊर्जा का स्तर कैसा बना रहेगा। भागदौड़ भरी दिनचर्या के बीच सेहत और फिटनेस को लेकर लोगों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। अब लोग यह अच्छी तरह समझ रहे हैं कि सुबह का पौष्टिक आहार शरीर को लंबे समय तक चुस्त रखने और बीमारियों के जोखिम को कम करने में बुनियादी भूमिका निभाता है। इसी वजह से सुबह के नाश्ते में विटामिन्स और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करने का चलन लगातार बढ़ रहा है।
स्वस्थ नाश्ते की जब भी चर्चा होती है, अंकुरित अनाज यानी स्प्राउट्स का नाम सबसे ऊपर आता है। यूएसडीए (यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर) के फूड डेटा के अनुसार, अंकुरण की प्रक्रिया दालों और अनाजों के पोषण मूल्य को कई गुना बढ़ा देती है। जब बीज अंकुरित होते हैं, तो उनमें मौजूद एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं। ये सक्रिय एंजाइम्स पाचन तंत्र को सहारा देते हैं और शरीर के लिए विभिन्न पोषक तत्वों का अवशोषण काफी आसान बना देते हैं। यही कारण है कि फिटनेस विशेषज्ञ भी अक्सर सुबह खाली पेट स्प्राउट्स का सेवन करने की वकालत करते हैं।
हल्की और सुपाच्य अंकुरित मूंग के गुण
अंकुरित मूंग दाल अपने हल्केपन और पेट पर कोमल असर के लिए पहचानी जाती है। चूंकि इसे पचाना बहुत आसान होता है, इसलिए यह पाचन तंत्र पर किसी तरह का भारी बोझ नहीं डालती। पोषक तत्वों की दृष्टि से देखें तो एक कप अंकुरित मूंग में प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, बी, सी और ई मौजूद होते हैं। इसके साथ ही इसमें पोटैशियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिज भी भरपूर पाए जाते हैं। नियमित रूप से इसे अपनी डाइट में शामिल करने से न केवल शरीर को स्थिर ऊर्जा मिलती है, बल्कि यह पेट की अंदरूनी सफाई और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक बनती है।
ताकत और स्टैमिना बढ़ाने वाला अंकुरित काला चना
पारंपरिक भारतीय खानपान में काले चने को हमेशा से शारीरिक बल और सहनशक्ति का मुख्य आधार माना गया है। चने को जब अंकुरित कर दिया जाता है, तो इसके पोषक गुण और क्षमता दोगुनी हो जाती है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्लांट बेस्ड प्रोटीन और आयरन काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। शारीरिक मेहनत करने वालों, एथलीटों और जिम जाने वाले लोगों के लिए अंकुरित चना विशेष रूप से उपयोगी साबित होता है, क्योंकि यह मांसपेशियों की रिकवरी तेज करने और शारीरिक स्टैमिना को बढ़ाने में सीधा योगदान देता है।
प्रोटीन और कुल पोषण में कौन आगे?
जब मूंग और चने के पोषण की सीधी तुलना की जाती है, तो प्रोटीन की मात्रा के मामले में अंकुरित चना बाजी मार लेता है। यदि 100 ग्राम अंकुरित चना लिया जाए, तो उससे शरीर को लगभग 7 से 9 ग्राम तक प्रोटीन प्राप्त होता है। इसके विपरीत, 100 ग्राम अंकुरित मूंग दाल में प्रोटीन की मात्रा थोड़ी कम, लगभग 5 से 6 ग्राम के आसपास होती है। हालांकि, अन्य पोषक तत्वों के संतुलन में मूंग दाल का अपना अलग महत्व है। मूंग दाल में डाइटरी फाइबर और अलग-अलग विटामिन्स की विविधता बहुत समृद्ध होती है, जो इसे एक संतुलित और सुपाच्य विकल्प बनाती है।
वजन नियंत्रण के लिए कौन सा विकल्प बेहतर?
वजन कम करने की योजना बना रहे लोगों के लिए दोनों ही खाद्य पदार्थ उपयोगी हैं, लेकिन प्राथमिकताओं में थोड़ा फर्क है। यदि लक्ष्य पेट को हल्का रखते हुए शरीर की अतिरिक्त चर्बी को तेजी से कम करना है, तो अंकुरित मूंग दाल अधिक कारगर साबित होती है। अंकुरित मूंग में कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है और डाइटरी फाइबर का स्तर काफी ऊंचा होता है। फाइबर की अधिकता की वजह से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे दिन में बार-बार असमय भूख लगने या कुछ अस्वास्थ्यकर खाने की तीव्र इच्छा नहीं होती।
अपनी शारीरिक जरूरत के अनुसार करें चुनाव
अपनी दैनिक खुराक में क्या शामिल करना है, इसका फैसला शरीर की प्राथमिक जरूरतों को समझकर ही किया जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को पाचन की समस्या रहती है, पेट में गैस या एसिडिटी की शिकायत है, या वह नाश्ते में बहुत हल्का भोजन पसंद करता है, तो उसके लिए अंकुरित मूंग सबसे उपयुक्त चुनाव है। दूसरी ओर, जो लोग भारी वर्कआउट करते हैं, शारीरिक ताकत बढ़ाना चाहते हैं या जिनका मुख्य लक्ष्य मसल्स का निर्माण करना है, उनके लिए अंकुरित काला चना कहीं अधिक फायदेमंद सिद्ध होता है।
तैयारी का सुरक्षित तरीका और जरूरी सावधानियां
अंकुरित अनाजों से पूरा पोषण और लाभ हासिल करने के लिए उन्हें तैयार करने और खाने के तरीके पर ध्यान देना अनिवार्य है। अंकुरित बीजों को हमेशा साफ पानी से भलीभांति धोना चाहिए। संभावित हानिकारक बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाव के लिए इन्हें हल्का भाप देकर पकाना सबसे सुरक्षित तरीका है। स्वाद और पोषण को बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस और कटी हुई कच्ची सब्जियां या सलाद मिलाकर खाया जा सकता है। जिन लोगों ने हाल ही में स्प्राउट्स खाना शुरू किया है, उन्हें शुरुआत में कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए ताकि आंतें और पाचन क्रिया धीरे-धीरे इसके अनुकूल हो सकें। संतुलित मात्रा और उचित समय पर लिया गया यह पौष्टिक नाश्ता फिटनेस के सफर को काफी आसान बना देता है।



















