खूबसूरत, बेदाग और मुलायम त्वचा पाने की चाहत में लोग अक्सर बाजार में मिलने वाले महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर पानी की तरह पैसा बहाते हैं। इसके साथ ही, सदियों से चले आ रहे घरेलू नुस्खों का क्रेज भी लोगों में कम नहीं हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रसोई में रखी हर चीज आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित हो, ऐसा जरूरी नहीं है? गलत तरीके से या बिना जानकारी के घरेलू चीजों का इस्तेमाल करने से त्वचा को फायदा होने के बजाय गंभीर नुकसान भी हो सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, जानी-मानी त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) आंचल पंथ ने कुछ ऐसे बेहद आसान और सुरक्षित घरेलू उपायों को साझा किया है, जिन्हें आप बिना किसी डर के अपने डेली स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन नुस्खों को इस्तेमाल करने का सही और वैज्ञानिक तरीका क्या है।
शहद और दही का कॉम्बो: ऑयली स्किन के लिए बेहतरीन फेस मास्क
अगर आपकी त्वचा तैलीय (ऑयली) है या फिर कॉम्बिनेशन टाइप की है, तो शहद और दही का यह घरेलू नुस्खा आपके लिए एक बेहतरीन फेस मास्क साबित हो सकता है। दही में मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को नमी देते हैं, जबकि शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की गंदगी को साफ करते हैं। इसे तैयार करने के लिए एक कटोरी में तीन से चार चम्मच ताजा दही लें और उसमें केवल आधा चम्मच शहद मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें और फिर अपने पूरे चेहरे पर इसकी एक समान परत लगा लें। इसे चेहरे पर लगाने के बाद करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। जब यह हल्का सूख जाए, तो साफ और सामान्य पानी से चेहरा धो लें। यह मास्क त्वचा के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने में मदद करता है।
खीरे का जादुई असर: हर तरह की त्वचा को देता है गजब की ठंडक
खीरा न केवल सेहत के लिए बल्कि हमारी त्वचा के लिए भी एक बेहतरीन वरदान है। खीरे में भरपूर मात्रा में पानी होता है, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है। इसके अलावा, खीरे में एंटी-फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा की जलन और सूजन को शांत करने का काम करते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह हर तरह की त्वचा के लिए सुरक्षित है, चाहे आपकी स्किन ड्राई हो, ऑयली हो, कॉम्बिनेशन हो या फिर बेहद सेंसिटिव। आप खीरे का इस्तेमाल दो तरीकों से कर सकते हैं। या तो खीरे के पतले-पतले गोल स्लाइस काटकर सीधे अपने चेहरे और आंखों पर रख लें, या फिर खीरे को कद्दूकस करके उसका एक फेस पैक बना लें और चेहरे पर लगाएं। त्वचा को तरोताजा बनाए रखने के लिए इस उपाय को हफ्ते में एक या दो बार जरूर आजमाएं।
दूध और दही के साथ खीरे की जुगलबंदी: लालिमा से मिलेगी राहत
अगर आपकी त्वचा पर मुँहासों के कारण लालिमा (रेडनेस) या जलन की समस्या रहती है, तो खीरे के साथ दूध या दही का मिश्रण आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है। इसे इस्तेमाल करने के दो बेहद आसान तरीके हैं। पहले तरीके के तहत आप खीरे के स्लाइस को ठंडे और कच्चे दूध में कुछ देर के लिए डुबोकर रख दें और फिर इन्हें अपने चेहरे पर लगाएं। दूसरे तरीके में आप खीरे को कद्दूकस करके उसमें थोड़ा सा दूध मिलाकर पेस्ट बना सकते हैं। दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है, जिससे त्वचा में एक प्राकृतिक चमक आती है। इसके अलावा, आप कद्दूकस किए हुए खीरे में दही मिलाकर भी फेस पैक तैयार कर सकते हैं। इस मास्क को चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। यह उपाय चेहरे की लालिमा को तेजी से कम करता है और त्वचा को अंदर से आराम पहुंचाता है।
टमाटर का रस: सन टैनिंग हटाने का प्राकृतिक इलाज
धूप में लगातार बाहर रहने के कारण त्वचा पर टैनिंग होना बेहद आम बात है। इस समस्या से निपटने के लिए टमाटर का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद माना जाता है। टमाटर में लाइकोपीन नाम का एक बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो त्वचा को धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है। टैनिंग से प्रभावित हिस्सों पर टमाटर का ताजा रस लगाएं या फिर कच्चे टमाटर के टुकड़े को हल्के हाथों से त्वचा पर रगड़ें। इसके बाद इसे करीब 15 मिनट तक सूखने दें और फिर ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। इस नुस्खे को हफ्ते में एक या दो बार दोहराया जा सकता है। हालांकि, यहां यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि यह नुस्खा केवल हल्की टैनिंग को साफ करने में मददगार है, यह त्वचा पर मौजूद बहुत पुराने और जिद्दी काले धब्बों को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता।
त्वचा की सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह
यद्यपि ये सभी नुस्खे पूरी तरह से प्राकृतिक और डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सुझाए गए हैं, फिर भी हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। इसलिए, चेहरे पर किसी भी नए घरेलू उपाय को सीधे आजमाने से पहले अपनी कोहनी या कान के पीछे एक छोटा सा पैच टेस्ट जरूर कर लें। यदि आपको किसी भी तरह की खुजली, जलन या लालिमा महसूस होती है, तो उस उपाय का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। गंभीर त्वचा समस्याओं के मामले में हमेशा किसी सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।



















