पितृ पक्ष के दौरान स्वप्न में पूर्वजों की अलग-अलग अवस्थाएं क्या संकेत देती हैं और इनके समाधान के नियमझारखंड के आठ कराटे खिलाड़ी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाएंगे प्रतिभा, पलामू से कश्मीर तक का सफरमूलांक 1 राशिफल 25 सितंबर 2026: कागजी कार्रवाई और नियमों में न बरतें ढिलाई, अहंकार से बचेंभरतपुर की मंडियों में लौटी चौरा की फली, अक्टूबर और नवंबर में रसोई की बनती है पहली पसंदमोरिंगा के पत्तों से एक साथ तैयार करें पौष्टिक चाय और स्वादिष्ट पराठा, जानिए बनाने की खास विधिरात की शराब का असर सुबह कसरत से खत्म करने का भ्रम लिवर के लिए पड़ सकता है भारीमोहित सूरी की नई प्रेम कहानी में फिर साथ दिखेंगे अहान पांडे और अनीत पड्डा, अक्टूबर से शुरू होगा कामकच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक चर्चाओं के बीच संभली चांदी, पर बॉन्ड यील्ड से सीमित बढ़तअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड दबाव में, 1.3200 के स्तर पर टिकामुचिंतल में रामानुजाचार्य के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी इमर्सिव तकनीक
रात की शराब का असर सुबह कसरत से खत्म करने का भ्रम लिवर के लिए पड़ सकता है भारीस्वास्थ्य
25 सित॰ 2026, 9:00 am (2 मिनट पहले)· 0

रात की शराब का असर सुबह कसरत से खत्म करने का भ्रम लिवर के लिए पड़ सकता है भारी

रात में अल्कोहल लेने के बाद अगली सुबह पसीना बहाकर फैटी लिवर से बचने की सोच को न्यूट्रिशन एक्सपर्ट ने पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।

आधुनिक दिनचर्या में सामाजिक मेलजोल या वीकेंड पार्टियों के दौरान अल्कोहल का सेवन एक आम चलन बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भले ही किसी भी मात्रा में शराब को सेहत के लिए नुकसानदेह बताते हों, लेकिन अक्सर लोग इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए अजीबोगरीब उपाय आजमाते हैं। कई लोगों के बीच यह गलत धारणा घर कर चुकी है कि रात को जाम छलकाने के बाद अगर अगली सुबह जिम में कड़ा वर्कआउट कर लिया जाए या जमकर पसीना बहा दिया जाए, तो शरीर से शराब का बुरा असर धुल जाता है। लोगों को लगता है कि ऐसा करने से फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है, हालांकि चिकित्सा विज्ञान इस सोच को सिरे से नकारता है।

वर्कआउट से नहीं धुलता शराब का जहरीला असर

रेडक्लिफ लैब्स में क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और वेलनेस कोच दीपिका लालवानी के अनुसार, शारीरिक व्यायाम सेहत के लिए बेहद मुफीद है, मगर इसे शराब से होने वाली शारीरिक क्षति की भरपाई का जरिया नहीं बनाया जा सकता। रात के समय पी गई अल्कोहल का असर सुबह केवल कसरत करने से समाप्त नहीं होता। लिवर पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को मात्र एक दिन के वर्कआउट से बेअसर करना नामुमकिन है।

ये भी पढ़ें

जब कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता है, तो शरीर में पहुंचने के बाद उसका अधिकांश हिस्सा सीधे लिवर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। यदि कोई इंसान नियमित तौर पर अथवा तय सीमा से अधिक मात्रा में शराब पीता है, तो उसके लिवर की कोशिकाओं में फैट जमा होने की आशंका बेतहाशा बढ़ जाती है। लंबे समय तक यह सिलसिला जारी रहने पर लिवर में सूजन पैदा होती है और आगे चलकर यह अंग से जुड़े अन्य गंभीर विकारों का रूप ले लेती है। रात में सेवन की गई शराब को अगले दिन कसरत के जरिए पसीने के रास्ते बाहर निकालना जैविक रूप से संभव नहीं है। यहां तक कि अत्यधिक पानी पीने या पसीना बहाने से भी शराब शरीर से तेजी से बाहर नहीं निकलती।

फैटी लिवर के अन्य बड़े चिकित्सकीय कारण

दीपिका लालवानी ने इस बात को भी स्पष्ट किया कि फैटी लिवर की समस्या केवल मदिरापान तक ही सीमित नहीं है। शरीर में अत्यधिक मोटापा, डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस तथा खून में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड के असामान्य स्तर भी इस बीमारी को जन्म देने वाले प्रमुख कारक हैं। यदि किसी व्यक्ति के शरीर में पहले से ये मेटाबॉलिक समस्याएं मौजूद हैं और वह ऊपर से शराब का भी सेवन करता है, तो लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

जोखिम घटाने के लिए अपनाएं 2-2-2 का नियम

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तो शराब का पूरी तरह त्याग करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। इसके बावजूद, जो लोग तुरंत इस आदत को छोड़ने में असमर्थ हैं, वे नुकसान को कुछ हद तक सीमित रखने के लिए 2-2-2 का व्यावहारिक नियम अपना सकते हैं।

  • एक बार में दो ड्रिंक: किसी भी एक मौके पर दो ड्रिंक से अधिक का सेवन बिल्कुल न करें।
  • सप्ताह में दो दिन: पूरे हफ्ते के दौरान दो दिन से ज्यादा मदिरापान न करें।
  • लगातार पीने से परहेज: सप्ताह में कभी भी लगातार दो दिन शराब पीने की भूल न करें ताकि लिवर को संभलने का मौका मिले।

हैंगओवर के दौरान भारी वर्कआउट से क्यों बचें

अल्कोहल के सेवन के पश्चात शरीर में अक्सर गंभीर डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान, शारीरिक कमजोरी और चक्कर आने जैसी दिक्कतें उभरती हैं। ऐसी स्थिति में भारी वजन उठाना या थका देने वाली एक्सरसाइज करना शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जो नुकसानदेह साबित हो सकता है। हैंगओवर के वक्त शरीर को पर्याप्त आराम देना, भरपूर मात्रा में पानी पीना और एक संतुलित जीवनशैली का पालन करना ही सबसे उचित कदम है। अपने लिवर को लंबे समय तक सेहतमंद बनाए रखने के लिए शराब की मात्रा को नियंत्रित करना, पौष्टिक आहार ग्रहण करना और निरंतर सामान्य शारीरिक गतिविधि बनाए रखना अनिवार्य है।

सवाल-जवाब

क्या शराब पीने के बाद सुबह कसरत करने से फैटी लिवर का खतरा टल जाता है?
नहीं, विशेषज्ञ के अनुसार सुबह कसरत करने से शराब का नुकसान खत्म नहीं होता और फैटी लिवर का खतरा बना रहता है।
क्या पसीना बहाने या ज्यादा पानी पीने से शराब शरीर से जल्दी निकल जाती है?
नहीं, शराब मुख्य रूप से लिवर में प्रोसेस होती है, इसलिए अधिक पसीना बहाने या पानी पीने से यह शरीर से जल्दी बाहर नहीं निकलती।
शराब के अलावा फैटी लिवर के अन्य मुख्य कारण क्या हैं?
मोटापा, डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस और खून में असामान्य कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड का स्तर भी फैटी लिवर के बड़े कारण हैं।
शराब का जोखिम घटाने वाला 2-2-2 नियम क्या है?
इस नियम के तहत एक बार में दो से अधिक ड्रिंक न लें, हफ्ते में दो दिन से ज्यादा न पिएं और लगातार दो दिन पीने से बचें।
हैंगओवर की स्थिति में भारी एक्सरसाइज करने से क्यों मना किया जाता है?
हैंगओवर में शरीर कमजोरी, थकान और डिहाइड्रेशन से जूझ रहा होता है, ऐसे में भारी कसरत करने से तबीयत और बिगड़ सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp