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सेहत का खजाना हैं कद्दू के बीज, डॉ वंदना तिवारी ने बताए दिल, नींद और इम्युनिटी सुधारने के अचूक तरीकेस्वास्थ्य
6 अग॰ 2026, 6:54 am (3 घंटे पहले)· 0

सेहत का खजाना हैं कद्दू के बीज, डॉ वंदना तिवारी ने बताए दिल, नींद और इम्युनिटी सुधारने के अचूक तरीके

अक्सर बेकार समझकर फेंके जाने वाले कद्दू के बीज पोषक तत्वों का प्राकृतिक सुपरफूड हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ के अनुसार, सही मात्रा में इनका सेवन दिल की सेहत, पाचन, पुरुषों के स्वास्थ्य और नींद में अभूतपूर्व सुधार लाता है।

सब्जी बनाते समय अक्सर कद्दू के बीजों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है, लेकिन यह छोटा सा दिखने वाला बीज वास्तव में पोषण और ऊर्जा का एक बड़ा प्राकृतिक खजाना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कद्दू के बीज प्राकृतिक सुपरफूड की श्रेणी में आते हैं क्योंकि इनमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, फॉस्फोरस, स्वास्थ्यवर्धक वसा और प्रचुर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। यदि नियमित और संतुलित मात्रा में इन बीजों को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए, तो यह शरीर को अनिवार्य पोषण प्रदान करने के साथ-साथ अनेक गंभीर बीमारियों से सुरक्षा भी प्रदान करते हैं।

हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मददगार

हृदय की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने में यह प्राकृतिक बीज बहुत उपयोगी भूमिका निभाते हैं। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया में पांच वर्षों का अनुभव रखने वाली चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी का कहना है कि कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम और अच्छी वसा वाले तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह संयोजन शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सीधी मदद करता है। जब कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, तो हृदय की मांसपेशियों और धमनियों पर अनावश्यक दबाव काफी हद तक कम हो जाता है, जिससे पूरे शरीर में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है। इसके अलावा, यह उच्च रक्तचाप की समस्या में राहत देने के साथ-साथ अपने एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण शरीर की आंतरिक सूजन को कम करने में भी बहुत प्रभावकारी साबित होता है।

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पुरुषों की सेहत और प्रोस्टेट सुरक्षा के लिए विशेष लाभ

पुरुषों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कद्दू के बीजों का नियमित सेवन अत्यंत लाभदायक माना गया है। इन बीजों में जिंक खनिज की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो पुरुषों के शारीरिक स्वास्थ्य के संतुलन के लिए बेहद जरूरी तत्व है। जिंक प्रोस्टेट ग्रंथि की सामान्य और स्वस्थ कार्यप्रणाली को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि पुरुष अपने संतुलित खानपान के एक हिस्से के रूप में कद्दू के बीजों को शामिल करते हैं, तो इससे उनके प्रजनन स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखा जा सकता है। इसी कारण आयुर्वेद में पुरुषों को इसे अपनी नियमित डाइट में जोड़ने की सलाह दी जाती है।

पाचन तंत्र में सुधार और कब्ज से राहत

आधुनिक जीवनशैली में कब्ज, अपच और पेट की अन्य परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए कद्दू के बीज एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उपाय सिद्ध हो सकते हैं। इन बीजों में प्राकृतिक रूप से घुलनशील और अघुलनशील फाइबर मौजूद होता है, जो खाए गए भोजन को सुगमता से पचाने में मदद करता है। फाइबर आंतों की कार्यक्षमता और भोजन को आगे धकेलने की गति को बेहतर बनाता है। जब इसका सही और सीमित मात्रा में सेवन किया जाता है, तो पेट काफी लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इस वजह से व्यक्ति को बार-बार असमय भूख लगने की समस्या से राहत मिलती है और वजन नियंत्रण में भी सहायता मिलती है।

इम्युनिटी और ब्लड शुगर संतुलन

डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित मरीजों के लिए भी कद्दू के बीजों का संतुलित सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद विशेष पोषक तत्व शरीर के भीतर ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित बनाए रखने में सहयोग करते हैं। इसके साथ ही, इन बीजों में मौजूद मिनरल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी पॉवर को मजबूती प्रदान करते हैं। संतुलित आहार के साथ नियमित रूप से इन बीजों का सेवन करने से शरीर विभिन्न प्रकार के मौसमी और संक्रामक संक्रमणों से मुकाबला करने में सक्षम बनता है।

तनावमुक्ति और बेहतर नींद के लिए कारगर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता तनाव और अनिद्रा एक आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में शाम या रात के समय कद्दू के बीजों का सेवन विशेष रूप से लाभप्रद होता है। इन बीजों में ट्रिप्टोफैन नाम का एमिनो एसिड पाया जाता है, जो शरीर में जाकर ऐसे रसायनों और हार्मोनों के निर्माण में मदद करता है जो गहरी नींद और मानसिक शांति प्रदान करने से जुड़े होते हैं। साथ ही, इनमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है और मानसिक चिंता को कम करता है, जिससे रात में सुकून भरी नींद आती है।

सेवन का सही तरीका और निर्धारित मात्रा

कद्दू के बीजों का पूरा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए इनके सेवन की सही विधि और मात्रा का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सबसे पहले बीजों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें और फिर धूप में सुखा लें। इसके बाद इन्हें हल्का भूनकर एक सेहतमंद स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा इन्हें सलाद, दलिया, दही, सूप, स्मूदी या ओट्स में मिलाकर भी अपने आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। एक वयस्क के लिए प्रतिदिन एक से दो चम्मच की मात्रा में इसका सेवन पर्याप्त और सुरक्षित माना गया है। आवश्यकता से अधिक मात्रा में इनका सेवन पेट या पाचन संबंधी नुकसान भी पहुंचा सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेकर इसे नियमित करना संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।

सवाल-जवाब

कद्दू के बीज में कौन-कौन से मुख्य पोषक तत्व पाए जाते हैं?
कद्दू के बीज में प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, फॉस्फोरस, स्वस्थ वसा और एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
एक दिन में कद्दू के बीज की कितनी मात्रा खानी चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना एक से दो चम्मच कद्दू के बीज खाना पर्याप्त और सुरक्षित होता है।
क्या कद्दू के बीज पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं?
हाँ, इनमें मौजूद जिंक पुरुषों की प्रोस्टेट ग्रंथि की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने और प्रजनन स्वास्थ्य को सुधारने में मददगार होता है।
कद्दू के बीज खाने का सबसे सही समय और तरीका क्या है?
बीजों को सुखाकर और हल्का भूनकर शाम या रात में खाया जा सकता है। इन्हें दही, सलाद, दलिया, ओट्स या स्मूदी में मिलाकर भी खाया जा सकता है।
क्या कद्दू के बीज नींद की समस्या में मदद करते हैं?
जी हाँ, कद्दू के बीजों में मौजूद ट्रिप्टोफैन और मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देते हैं और मानसिक शांति के साथ अच्छी नींद लाने में सहायक होते हैं।
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