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शरीर के हिस्सों में सूजन का कारण है वॉटर रिटेंशन, जानिए बचाव के आसान और असरदार तरीकेस्वास्थ्य
4 अग॰ 2026, 5:45 am (85 दिन पहले)· 0

शरीर के हिस्सों में सूजन का कारण है वॉटर रिटेंशन, जानिए बचाव के आसान और असरदार तरीके

शरीर के टिशूज में पानी जमा होने से हाथ, पैर और चेहरे पर सूजन आ सकती है। जानिए इसके मुख्य लक्षण, कारण और आयुर्वेद के उपाय।

जब इंसान के शरीर के अंदरूनी ऊतकों में जरूरत से ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ यानी पानी इकट्ठा होने लगता है, तो इस मेडिकल स्थिति को वॉटर रिटेंशन कहा जाता है। इस परेशानी की वजह से हाथ, पैर, चेहरे और पेट की मांसपेशियों में साफ तौर पर सूजन दिखाई देने लगती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, यह समस्या तब पैदा होती है जब हमारा शरीर खनिज पदार्थों के स्तर को सही से संतुलित नहीं रख पाता है। ऐसी स्थिति में टिशूज के भीतर पानी रुक जाता है और शरीर के अंग फूले हुए नजर आने लगते हैं, जिसकी वजह से पैरों, एड़ियों और टखनों में तेज दर्द भी हो सकता है।

वॉटर रिटेंशन क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?

सरल शब्दों में कहें तो वॉटर रिटेंशन का अर्थ है शरीर के विभिन्न हिस्सों में पानी का असामान्य रूप से रुक जाना। यह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है, जिसकी मुख्य वजह पीरियड्स से पहले होने वाले हार्मोनल बदलाव या प्रेगनेंसी का दौर होता है। इसके अलावा अत्यधिक मात्रा में नमक का सेवन करना, पर्याप्त पानी न पीना, लंबे वक्त तक एक ही जगह पर बैठे रहना और हृदय, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारियां भी इस तकलीफ को बढ़ावा देती हैं। जब शरीर में इस तरह की समस्या घर कर जाती है, तो कई तरह के लक्षण सामने आने लगते हैं।

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  • शरीर में लगातार भारीपन महसूस होना
  • जोड़ों में जकड़न और अकड़न पैदा होना
  • बहुत कम समय में तेजी से वजन बढ़ना
  • हाथों और पैरों के आसपास सूजन का उभरना

यदि समय रहते इस शारीरिक असंतुलन पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है और आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, किडनी से जुड़ी परेशानियां या दिल की बीमारियां पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

इस प्रकार की शारीरिक समस्या से खुद को दूर रखने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव करना बेहद जरूरी है। अपने खान-पान में नमक की मात्रा सीमित रखें, दिनभर में भरपूर पानी पिएं और रोजाना हल्की-फुल्की कसरत करने की आदत डालें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एक ही जगह पर लगातार लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें। यदि शरीर में सूजन लंबे समय तक बनी रहती है, तो किसी योग्य चिकित्सक से तुरंत परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि यह किसी अंदरूनी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। एक स्वस्थ दिनचर्या और संतुलित खान-पान अपनाकर शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने की इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।

सूजन को कम करने के घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय

आशा आयुर्वेदा की विशेषज्ञ डॉक्टर चंचल शर्मा का कहना है कि कुछ आसान घरेलू नुस्खों और खान-पान में सुधार करके वॉटर रिटेंशन की इस परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

नमक और प्रोसेस्ड फूड से दूरी: अपने दैनिक भोजन में सोडियम की मात्रा को घटाएं और किसी भी प्रकार के जंक फूड या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।

पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर आहार: अपने रोज के खाने में केले, एवोकाडो, हरी सब्जियां, दही और विभिन्न प्रकार के नट्स को शामिल करें, क्योंकि ये पोषक तत्व शरीर के भीतर तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्याप्त पानी का सेवन: शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने से हानिकारक टॉक्सिन्स और अतिरिक्त नमक आसानी से पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।

शारीरिक सक्रियता बढ़ाना: नियमित रूप से व्यायाम करने और टहलने की आदत डालने से ब्लड सर्कुलेशन और लिम्फैटिक सिस्टम का कामकाज बेहतर होता है, जिससे सूजन अपने आप कम होने लगती है।

प्राकृतिक उपाय और सिंकाई: कुलथी का पानी पीना और पार्सले का सेवन करना शरीर में एक नेचुरल डाइयूरेटिक की तरह काम करता है। इसके अलावा ठंडे पानी से नहाना और शरीर की हल्के हाथों से मालिश करना भी रक्त संचार को सुधारता है।

यदि सूजन हल्की है तो प्रभावित हिस्से पर ठंडी सिंकाई का इस्तेमाल करें। कोल्ड थेरेपी का मुख्य उद्देश्य सूजन और तेज दर्द को राहत देना होता है। इसके उलट, हीट थेरेपी से रक्त संचार में तेजी आती है, जिसकी वजह से ताजी सूजन वाली जगह पर तकलीफ और ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए यदि शरीर में सूजन की शिकायत है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है, बस आयुर्वेदिक तरीकों और सही डॉक्टर की सलाह का पालन करें।

सवाल-जवाब

वॉटर रिटेंशन क्या होता है?
वॉटर रिटेंशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के ऊतकों या टिशूज में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाता है, जिससे हाथों, पैरों और चेहरे पर सूजन आ जाती है।
वॉटर रिटेंशन के मुख्य लक्षण क्या हैं?
इसके मुख्य लक्षणों में शरीर में भारीपन महसूस होना, जोड़ों में अकड़न होना और बहुत तेजी से वजन बढ़ना शामिल है।
यह समस्या किन लोगों में ज्यादा होती है?
यह समस्या महिलाओं में ज्यादा आम है, खासकर हार्मोनल बदलावों, पीरियड्स से पहले या प्रेगनेंसी के दौरान।
वॉटर रिटेंशन से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?
इससे बचने के लिए नमक का सेवन कम करें, खूब पानी पिएं, नियमित रूप से हल्की कसरत करें और एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठने से बचें।
सूजन कम करने के लिए कौन से खाद्य पदार्थ खाने चाहिए?
शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने के लिए केले, एवोकाडो, हरी सब्जियां, दही और नट्स जैसी चीजें खानी चाहिए।
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