अक्सर कई लोग यह शिकायत करते हैं कि भरपेट और ज्यादा भोजन करने के बाद भी उनका शारीरिक वजन बिल्कुल नहीं बढ़ता। शरीर का अत्यधिक दुबलापन एक आम समस्या बन चुका है, जिससे परेशान होकर कई युवा बिना सोचे-समझे फास्ट फूड का सहारा लेने लगते हैं। पिज्जा, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे तले-भुने खाद्य पदार्थ शरीर पर अवांछित चर्बी तो जमा कर देते हैं, लेकिन यह आंतरिक स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म को बुरी तरह कमजोर बना देता है। सही तरीके से सेहतमंद वजन हासिल करने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का चुनाव जरूरी है, जिसके संदर्भ में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शुभम् वात्स्य ने अपने यूट्यूब चैनल पर विस्तार से उपयोगी सुझाव साझा किए हैं।
जंक फूड से परहेज और ऊर्जा संतुलन का विज्ञान
शारीरिक वजन में बढ़ोतरी का सीधा वैज्ञानिक अर्थ यह है कि शरीर को उसकी दैनिक खपत की तुलना में थोड़ी अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। हालांकि इस अतिरिक्त ऊर्जा की भरपाई के लिए जंक फूड को जरिया बनाना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होता है। बाहर का अस्वस्थ खानपान मांसपेशियों का घनत्व बढ़ाने के स्थान पर पेट के आसपास हानिकारक चर्बी जमा करता है। इसके साथ ही तैलीय और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन पाचन तंत्र को बिगाड़कर पेट से जुड़ी अनेक बीमारियों को जन्म देता है। मांसपेशियों की मजबूती और सुरक्षित वजन वृद्धि के लिए पोषक तत्वों से भरपूर प्राकृतिक विकल्पों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
दूध और दलिया का पौष्टिक नाश्ता
सुबह के नाश्ते में दूध के साथ दलिया खाना वजन बढ़ाने के सबसे संतुलित और सुरक्षित उपायों में गिना जाता है। दलिया और दूध के इस मेल में पर्याप्त मात्रा में कैलोरी, स्वास्थ्यवर्धक कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर पाए जाते हैं। यह संपूर्ण मिश्रण शरीर को संतुलित पोषण प्रदान कर मांसपेशियों के विकास में सीधे मदद करता है। नाश्ते में इसका नियमित सेवन शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता है और बिना पाचन बिगाड़े सेहतमंद वजन बढ़ाने का एक आदर्श जरिया बनता है।
केले और पीनट बटर का शक्तिशाली मेल
केला और पीनट बटर दोनों ही पोषक तत्वों का बेहतरीन भंडार माने जाते हैं। इन दोनों चीजों के संयोजन से भरपूर मात्रा में कैलोरी, हेल्दी फैट्स, जरूरी प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर को प्राप्त होते हैं। मांसपेशियों के घनत्व यानी मसल मास को विकसित करने के लिए यह मिश्रण काफी असरदार माना गया है। केले के साथ पीनट बटर लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम भी मिलता है, जो मांसपेशियों की कार्यक्षमता और मजबूती को सुधारने में अहम भूमिका निभाता है।
डेयरी उत्पाद और पाचन तंत्र की सुरक्षा
वजन बढ़ाने की प्रक्रिया में पनीर एक अत्यंत गुणकारी आहार की भूमिका निभाता है, क्योंकि यह शरीर को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और वसा दोनों एक साथ मुहैया कराता है। शरीर में स्वस्थ कैलोरी की मात्रा जोड़ने के लिए हेल्दी फैट की अहम जरूरत होती है। इसके साथ ही दही और ग्रीक योगर्ट का सेवन पेट और आंतों की पाचन संबंधी परेशानियों को खत्म करने में बहुत उपयोगी सिद्ध होता है। लस्सी और पारंपरिक छाछ भी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मददगार हैं। हालांकि पेट की सेहत का ध्यान रखते हुए यह सावधानी बरतनी जरूरी है कि प्रतिदिन अत्यधिक मीठी लस्सी का सेवन करने से बचना चाहिए।



















