जेके हाउस में जम्मू-कश्मीर के सीएम की चुनिंदा महफ़िल, दिग्गजों को न्योते के बीच निजी चर्चाएं भी तेज़रोजी-रोटी की तलाश में नेपाल छोड़ मध्य प्रदेश पहुंचे बहादुर शाह बेग, कॉलेज के पास मोमोज बेचकर पाई आत्मनिर्भरताधनबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के एक्वामरीन हॉस्टल में दर्दनाक हादसा, फाइनल ईयर के छात्र की नीचे गिरने से मौतहनुमानगढ़ के डिंगवाला में बच्चों की स्कूल वैन का रास्ता मांगना पड़ा भारी, पड़ोसियों ने खेत में घुसकर दो भाइयों को पीटाअरुणाचल के जीरो में पक्षी प्रेमियों को दिखा दुर्लभ रेड-कॉलर्ड डव, 15 प्रजातियां दर्जसर्दियों की सुबह आसानी से जागने के लिए बेहतरीन सनराइज अलार्म घड़ियांमाथे के बाल पीछे खिसकने पर आजमाएं ये 5 खास हेयरकट, मिलेगा आकर्षक और युवा लुक863 भारतीय कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे 2 से 7 नवंबर के बीच होंगे घोषित, आईटीसी और एसबीआई समेत प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजरक्यूरिग अल्टा ब्रूअर का नया कॉफी अनुभव: समुद्री शैवाल की परत वाले पॉड्स और 10 बार दबाव की ताकतनूंह अधिवेशन में मौलाना महमूद मदनी का बड़ा बयान, कहा देश में मुसलमान किरायेदार नहीं बराबर के हिस्सेदार हैं
राजस्थान के टोंक में डॉक्टर बेटे की घर वापसी पर जश्न, 13 साल के कड़े सफर के बाद बने जनरल सर्जनराजस्थान
31 अक्तू॰ 2026, 2:38 pm (1 घंटे पहले)· 1

राजस्थान के टोंक में डॉक्टर बेटे की घर वापसी पर जश्न, 13 साल के कड़े सफर के बाद बने जनरल सर्जन

टोंक के नीलोत्पल सिंगोदिया ने 13 वर्षों की निरंतर पढ़ाई और कठिन प्रशिक्षण के बाद जनरल सर्जरी में एमएस की डिग्री पूरी कर ली है। घर लौटने पर उनके पिता कमलेश सिंगोदिया और स्थानीय नागरिकों ने साफा, माला और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया।

कठिन परिश्रम और अटूट लगन से जब वर्षों का देखा हुआ सपना सच होता है, तो वह पूरे परिवार और समाज के लिए गर्व का क्षण बन जाता है। राजस्थान के टोंक में ऐसा ही एक भावुक अवसर सामने आया जब डॉ. नीलोत्पल सिंगोदिया अपनी उच्च चिकित्सा शिक्षा पूरी करके जनरल सर्जन के रूप में अपने गृहनगर पहुंचे। अपने बेटे के इस मुकाम पर पहुंचने से उत्साहित पिता कमलेश सिंगोदिया, परिवार के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने उनका बेहद आत्मीय और गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस मौके पर ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच उन्हें साफा बांधा गया तथा माला पहनाकर शुभकामनाएं दी गईं।

13 वर्षों की तपस्या और निरंतर संघर्ष की दास्तान

डॉ. नीलोत्पल की यह उपलब्धि किसी रातों-रात मिली कामयाबी का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरे 13 साल का अनवरत अध्ययन और समर्पण छुपा हुआ है। टोंक जैसे छोटे शहर से ताल्लुक रखते हुए मेडिकल के इस विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण मुकाम तक पहुंचना उनकी असाधारण इच्छाशक्ति को दर्शाता है। बेटे की इस कामयाबी ने न केवल सिंगोदिया परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे टोंक जिले को भी गौरवान्वित किया है। उनकी वापसी पर शहर के अनेक प्रबुद्धजनों और रिश्तेदारों ने पहुंचकर उन्हें भविष्य की नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई दी।

ये भी पढ़ें

विदेश में बुनियादी मेडिकल डिग्री से लेकर स्पेशलाइजेशन तक की यात्रा

चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ अलग करने का संकल्प डॉ. नीलोत्पल ने वर्ष 2013 में लिया था। अपने लक्ष्य को साधने के लिए उन्होंने देश से बाहर जाकर चीन स्थित चोंगकिंग यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से सफलतापूर्वक एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। भारत लौटने के बाद उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता को साबित करते हुए पहले ही प्रयास में प्रतिष्ठित एमसीआई स्क्रीनिंग परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। इसके उपरांत उन्होंने वर्ष 2022 में जयपुर के प्रसिद्ध एसडीएमएच अस्पताल से अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी की। विशेषज्ञता हासिल करने की दिशा में अगला कदम बढ़ाते हुए उन्होंने वर्ष 2023 से 2026 के शैक्षणिक सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित टीएमयू से जनरल सर्जरी में एमएस की उपाधि अर्जित की। इस तरह पूरे 13 सालों के शैक्षिक सफर के बाद वे औपचारिक तौर पर जनरल सर्जन बन गए।

चिकित्सा सेवा में जरूरतमंदों की मदद का संकल्प

बेटे की इस लंबी और सफल यात्रा पर पिता कमलेश सिंगोदिया ने बेहद भावुक होकर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने साझा किया कि उनके बेटे ने दिन-रात एक करके इस चुनौतीपूर्ण पेशे में अपनी जगह बनाई है। पिता ने विश्वास जताया कि डॉ. नीलोत्पल अपने कौशल और ज्ञान का उपयोग समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए करेंगे। उनकी यह उपलब्धि छोटे कस्बों में रहकर बड़े सपने देखने वाले और कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद न खोने वाले अनगिनत युवा छात्रों के लिए एक जीवंत मिसाल बनकर उभरी है।

सवाल-जवाब

डॉ. नीलोत्पल सिंगोदिया कौन हैं और वे किस शहर से आते हैं?
डॉ. नीलोत्पल सिंगोदिया राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले हैं, जिन्होंने हाल ही में जनरल सर्जरी में एमएस पूरा कर सर्जन के रूप में योग्यता प्राप्त की है।
डॉ. नीलोत्पल ने अपनी प्रारंभिक मेडिकल शिक्षा (एमबीबीएस) कहां से की?
उन्होंने वर्ष 2013 में मेडिकल यात्रा शुरू की और चीन स्थित चोंगकिंग यूनिवर्सिटी से अपनी एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।
उन्होंने जनरल सर्जरी में एमएस की डिग्री किस संस्थान से प्राप्त की?
उन्होंने वर्ष 2023 से 2026 तक उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित टीएमयू से जनरल सर्जरी में एमएस की पढ़ाई पूरी की।
डॉ. नीलोत्पल ने अपनी मेडिकल इंटर्नशिप कहां पूरी की थी?
उन्होंने वर्ष 2022 में राजस्थान के जयपुर स्थित एसडीएमएच अस्पताल से अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी की थी।
टोंक लौटने पर उनका स्वागत किस प्रकार किया गया?
उनके पिता कमलेश सिंगोदिया, परिवार के सदस्यों और नागरिकों ने साफा बांधकर, माला पहनाकर और आतिशबाजी करके उनका स्वागत किया।
सर्जन बनने के बाद उनकी सेवा प्राथमिकता क्या है?
उनके पिता के अनुसार, समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए गरीबों और जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·17 मिनट पहले

चीन से एमबीबीएस और फिर भारत में एमसीआई परीक्षा पहले प्रयास में पास करना वाकई बहुत बड़ी मेहनत है।

Ravikash Gupta@ravikash·36 मिनट पहले

13 साल की लंबी मेहनत के बाद डॉक्टर बनने का सफर वाकई बहुत प्रेरणादायक है। चीन से एमबीबीएस करने के बाद इतने साल संघर्ष करना आसान नहीं रहा होगा। क्या आगे वे टोंक में ही अपना अस्पताल खोलकर लोगों की सेवा करेंगे?

Arjun Mehta@arjun-mehta·36 मिनट पहले

रवि जी, सही कहा आपने। मैंने खुद देखा है कि छोटे शहरों के बच्चे जब बाहर पढ़ने जाते हैं, तो उनके माता-पिता की सांसें अटकी रहती हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

13 साल की पढ़ाई और चीन से एमबीबीएस... डॉक्टर बनना सच में इतना लंबा और टेढ़ा रास्ता है। पर छोटे शहर के लड़के ने कर दिखाया, ये बात थोड़ी हैरान करती है कि बीच में कभी हिम्मत नहीं टूटी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन, बात तो सही है तेरी! पर सोच रहा हूँ कि चीन से पढ़कर लौटने के बाद MCI परीक्षा पास करना और फिर एमएस निकालना—इन तेरह सालों में डॉक्टर साहब ने कितने प्रेशर को झेला होगा यार?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp