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सुबह उठते ही अकड़ जाते हैं घुटने और जोड़, जानिए डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने क्या बताया कारण और उपायस्वास्थ्य
24 अग॰ 2026, 10:46 am (65 दिन पहले)· 4

सुबह उठते ही अकड़ जाते हैं घुटने और जोड़, जानिए डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने क्या बताया कारण और उपाय

रात भर आराम करने के बाद सुबह जोड़ों में अकड़न क्यों महसूस होती है और इसे कैसे ठीक किया जाए, इस बारे में डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने जरूरी बातें बताई हैं।

रात के समय जब शरीर लंबी अवधि तक बिना किसी बड़ी हलचल के एक ही अवस्था में विश्राम करता है, तब जोड़ों के भीतर मौजूद चिकनाई प्रदान करने वाला सिनोवियल फ्लूड अपनी सक्रियता को धीमा कर लेता है। नींद के दौरान शरीर के भीतर सूजन से जुड़े संकेतक प्राकृतिक रूप से बढ़ सकते हैं, और सुबह के वक्त इनका स्तर अपने चरम पर पहुंच जाता है। सोते वक्त शारीरिक गतिविधियां नगण्य हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप रक्त का संचार भी मंद पड़ जाता है। इस स्थिति के कारण जोड़ों और उनके आसपास के ऊतकों में ब्लड सर्कुलेशन घट जाता है। यही मुख्य वजह है कि जब सुबह कोई व्यक्ति बिस्तर से उठकर अपने पहले कुछ कदम बढ़ाता है, तो जोड़ काफी जकड़े हुए और असहज महसूस होते हैं। कुछ देर तक चलने-फिरने के बाद जोड़ों के भीतर का तरल पदार्थ दोबारा सक्रिय हो जाता है, जिससे यह जकड़न धीरे-धीरे कम होने लगती है। प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने जोड़ों की इस अकड़न को दूर करने के कई आसान और असरदार तरीके साझा किए हैं।

कब चिंता का विषय बन सकती है जोड़ों की अकड़न

यदि जोड़ों की यह जकड़न केवल कुछ ही मिनटों तक सीमित रहती है और थोड़ा बहुत चलने-फिरने के बाद स्वतः ठीक हो जाती है, तो आमतौर पर यह किसी बड़ी चिंता का कारण नहीं बनती है। हालांकि, लंबे समय तक बनी रहने वाली अकड़न परेशानी का सबब बन सकती है। यदि यह कड़ापन एक घंटे या उससे अधिक समय तक लगातार बना रहता है, और ऐसा रोजमर्रा में होने लगे, तो इस पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। यदि जकड़न के साथ-साथ जोड़ों में सूजन, गर्माहट अथवा तेज दर्द जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं, तो यह किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।

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शरीर के अंदरूनी संकेतों को समझना जरूरी

जोड़ों में होने वाली अकड़न दिन में कितनी बार महसूस होती है, कितने लंबे समय तक टिकती है और शारीरिक गतिविधि शुरू करने के बाद उसमें कितना सुधार आता है, इन सभी बातों पर गौर करके समस्या की असल जड़ तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। केवल यह बात मायने नहीं रखती कि जोड़ कितने ज्यादा अकड़ रहे हैं, बल्कि यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि यह जकड़न किस आवृत्ति, अवधि और किन अन्य लक्षणों के साथ प्रकट हो रही है।

सुबह के समय जोड़ों की अकड़न से राहत पाने के उपाय

बिस्तर छोड़ने के तुरंत बाद किसी भी प्रकार की तीव्र शारीरिक गतिविधि करने के बजाय कुछ हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या मूवमेंट से शुरुआत करनी चाहिए। अपने हाथों और पैरों को धीरे-धीरे हिलाना, घुटनों को आराम से मोड़ना और सीधा करना जैसे छोटे मूवमेंट जोड़ों को दोबारा सक्रिय करने में काफी मदद करते हैं। इसके बाद ही धीरे-धीरे चलना शुरू करना उचित रहता है।

सुबह नींद से जागने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना शरीर को भीतर से हाइड्रेट रखने में सहायक होता है। शरीर के सामान्य और सुचारू रूप से कामकाज करने के लिए पानी की उचित मात्रा का होना बेहद जरूरी है। इसलिए अपने दिन की शुरुआत एक गिलास पानी पीकर करना एक बेहतरीन स्वास्थ्य आदत साबित हो सकती है।

लंबे समय तक जोड़ों की कार्यक्षमता और पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार का सेवन अत्यंत आवश्यक है। अपने दैनिक भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, विभिन्न दालें, नट्स और सेहतमंद फैट वाले खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करें। अत्यधिक प्रसंस्कृत और जरूरत से ज्यादा मीठी चीजों का सेवन सीमित करना ही बेहतर रहता है।

सुबह के समय गुनगुने पानी से स्नान करना या फिर शरीर के प्रभावित अंगों पर हल्की गर्म सिकाई करना कई लोगों के लिए जोड़ों की जकड़न को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। गर्माहट मिलने से शरीर के उस हिस्से में रक्त संचार बेहतर होने में सहायता मिलती है।

जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किसी एक दिन अत्यधिक व्यायाम कर लेने की तुलना में यह कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि आप हर रोज थोड़ा-थोड़ा शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। नियमित रूप से टहलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना और खान-पान की सही आदतों को निरंतर रूप से अपनाना लंबे समय में बहुत ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

सवाल-जवाब

सुबह उठने पर जोड़ क्यों अकड़ जाते हैं?
रात भर एक ही अवस्था में रहने से सिनोवियल फ्लूड की सक्रियता कम हो जाती है और रक्त संचार घट जाता है, जिससे सुबह अकड़न महसूस होती है।
जोड़ों की अकड़न चिंता का विषय कब बनती है?
यदि अकड़न एक घंटे से ज्यादा समय तक रहे, रोजाना हो और साथ में सूजन या दर्द भी हो, तो यह चिंता का विषय हो सकती है।
डॉक्टर आलोक चोपड़ा के अनुसार सुबह की अकड़न कैसे दूर करें?
बिस्तर से उठकर धीरे-धीरे शरीर को चलाना, पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना और गुनगुने पानी से सिकाई करना फायदेमंद होता है।
क्या सुबह पानी पीना जोड़ों के लिए मददगार है?
हाँ, सुबह उठकर पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है जो सामान्य शारीरिक कार्यों और जोड़ों की सेहत के लिए जरूरी है।
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