सांस के जरिए शरीर में जाने वाली प्रदूषित हवा को अक्सर लोग केवल फेफड़ों की बीमारी और सांस लेने की तकलीफ तक ही सीमित मानते हैं। हालांकि, जहरीली हवा का यह संकट आपके पूरे शरीर के सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। गुरुग्राम स्थित आर्टेमिस हॉस्पिटल के चेयरपर्सन और रेस्पिरेटरी डिसीज़ेज़ एवं क्रिटिकल केयर तथा स्लीप मेडिसिन विभाग से जुड़े डॉक्टर प्रशांत सक्सेना बताते हैं कि कैसे दूषित हवा नसों, दिमाग और दिल पर गहरा असर डालती है।
हार्ट और ब्रेन पर प्रदूषण का खतरनाक असर
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लंबे समय तक प्रदूषित हवा के संपर्क में बने रहने से शरीर में अंदरूनी सूजन पैदा हो जाती है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस स्थिति का सीधा असर रक्त वाहिकाओं के कामकाज पर पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या शुरू हो जाती है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है। यह जोखिम उन लोगों में ज्यादा देखा जाता है जो पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर या दिल की किसी बीमारी से पीड़ित हैं। इसके अलावा, वायु प्रदूषण रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनका लचीलापन खत्म होने लगता है और धमनियों के अंदर प्लाक जमने का खतरा बढ़ने लगता है।
हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे अतिसूक्ष्म प्रदूषण कण सांस के मार्ग से शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं और फेफड़ों को पार करते हुए सीधे रक्त वाहिकाओं तक पहुंच जाते हैं। खून के जरिए ये सूक्ष्म कण पूरे शरीर में संचारित होते हैं और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को भी भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इस तरह की जहरीली हवा में सांस लेने से मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र पर भी गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
वायु प्रदूषण के घातक प्रभावों से बचाव के उपाय
घर से बाहर कदम रखने से पहले हमेशा अपने क्षेत्र का AQI जरूर जांच लें। अपने घर के अंदर हवा को साफ रखने के लिए एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। जब बाहर प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा हो, तो घर से बाहर जाने से पूरी तरह बचें। घर से बाहर निकलते समय हमेशा मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करें। हवा में प्रदूषण की मात्रा अधिक होने पर सुबह या शाम के समय बाहर जाकर किसी भी तरह का वर्कआउट या एक्सरसाइज करने से बचें। अपने शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखें ताकि शरीर के अंदर पहुंचे जहरीले और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिल सके। बाहर से अपने घर लौटने के बाद हाथ और मुंह को अच्छी तरह से धोएं। अपने घर के भीतर स्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट या पीस लिली जैसे इनडोर पौधे लगाएं, जो प्राकृतिक तरीके से हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं।





















