आगरा में कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिसे लेकर चिकित्सा जगत ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने स्पष्ट किया है कि गुटका, तंबाकू, सिगरेट और शराब जैसी अस्वास्थ्यकर आदतें गंभीर बीमारियों का जोखिम काफी ज्यादा बढ़ा देती हैं। विशेष तौर पर गले, मुंह और फेफड़ों के कैंसर के मामलों में इन नशीले पदार्थों का सेवन सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहा है। চিকিৎসकों का मानना है कि यदि खानपान और दिनचर्या में सुधार नहीं किया गया, तो स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है।
शरीर में दिखने वाले शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
शरीर के भीतर या बाहर लंबे समय तक टिके रहने वाले असामान्य परिवर्तनों को कभी भी मामूली समझकर टालना नहीं चाहिए। आशीष मित्तल ने जानकारी दी है कि कैंसर की शुरुआत में कई तरह के संकेत मिलते हैं, जिनमें मुंह के अंदर ठीक न होने वाले घाव, लाल या सफेद निशान, लगातार बनी रहने वाली खांसी, आवाज में भारीपन या बदलाव, खाना या पानी निगलने में दिक्कत होना, शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य गांठ का उभरना, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन तेजी से घटना, अत्यधिक थकान और लगातार दर्द रहना शामिल हैं। हालांकि ये सभी लक्षण अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी इशारा कर सकते हैं, इसलिए किसी भी अंदेशे पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना बेहद आवश्यक है ताकि समय रहते सही मेडिकल जांच कराई जा सके।
युवाओं में नशे की बढ़ती लत चिंता का विषय
आगरा के जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने किशोरों और युवा वर्ग में तंबाकू तथा अन्य नशों के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि आजकल बहुत कम उम्र के बच्चे या युवा दोस्तों की देखादेखी या फैशन के चक्कर में गुटका, सिगरेट और शराब जैसी घातक चीजों के आदी हो जाते हैं। शुरुआत में इसे सिर्फ एक शौक माना जाता है, लेकिन यह लत धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देती है। कम उम्र में शुरू हुआ नशा भविष्य में भारी शारीरिक नुकसान का कारण बनता है। मुंह में जलन, छाले और अन्य शुरुआती संकेतों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है, इसलिए युवाओं को इन चीजों से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए।
बचाव और खानपान से जुड़े जरूरी उपाय
इस घातक बीमारी से बचाव के लिए सबसे जरूरी कदम यह है कि तंबाकू, गुटका, धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी बना ली जाए। इसके अलावा घर पर बना हुआ ताजा, पौष्टिक और संतुलित भोजन ही खाना चाहिए। बाहर के अस्वच्छ खानपान और अत्यधिक पैकेटबंद फूड से परहेज करना बेहद जरूरी है। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करने और समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। चिकित्सक ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि कैंसर की पहचान शुरुआती अवस्था में ही हो जाए, तो इलाज की सफलता की दर काफी बढ़ जाती है, इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को छिपाने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
समय पर उपचार से संभव है जीवन की रक्षा
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने दोहराया है कि चाहे कैंसर हो या कोई अन्य बड़ी बीमारी, यदि उसकी पहचान और इलाज समय पर शुरू कर दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। लक्षणों के प्रति बरती गई जरा सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने आम जनता को यह भी सलाह दी है कि हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार अपना सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करवाना चाहिए ताकि किसी भी बीमारी के पनपने से पहले ही उसका पता लगाया जा सके। राहत की बात यह है कि जिला अस्पताल में कई प्रकार की जरूरी जांचें बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध हैं, जिसका लाभ उठाकर लोग अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।



















