फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरड्यून: पार्ट थ्री का फाइनल ट्रेलर रिलीज, पॉल अत्रेइदेस और चानी के बीच भयंकर टकराव की झलकयमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद रियाद में धमाके, उधर होर्मुज में तेल टैंकर में लगी आगअमेरिकी डॉलर की मजबूती से टूटा यूरो, तकनीकी स्तर पर 1.1113 का अहम सपोर्ट क्षेत्र बेहद संवेदनशीलऐप्पल ने जारी किया iOS 27.2 अपडेट, सिरी एआई में नई भाषाएं और सुरक्षा पैच शामिलजीमेल और ड्राइव के डेटा से गूगल दिखा रहा विज्ञापन, ऐसे रोकें
खाना खाने के बाद क्यों खाई जाती है सौंफ और मिश्री, जानिए इसके आयुर्वेदिक फायदे और सही तरीकास्वास्थ्य
31 अग॰ 2026, 6:29 pm (57 दिन पहले)· 3

खाना खाने के बाद क्यों खाई जाती है सौंफ और मिश्री, जानिए इसके आयुर्वेदिक फायदे और सही तरीका

भोजन के बाद सौंफ और मिश्री का सेवन भारतीय संस्कृति में बेहद आम है। डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के अनुसार यह परंपरा केवल स्वाद या माउथ फ्रेशनर तक सीमित नहीं है, बल्कि पाचन से जुड़ी कई दिक्कतों में भी राहत देती है।

रामपुर में भोजन के बाद सौंफ और मिश्री का सेवन करने की परंपरा सदियों पुरानी है। देश भर के होटल और रेस्टोरेंट में डिनर या लंच के बाद यह प्लेट में जरूर परोसी जाती है। ज्यादातर लोग इसे केवल सांसों की दुर्गंध मिटाने या मुंह का स्वाद बदलने का जरिया मानते हैं, लेकिन इसके पीछे पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने की एक अहम वजह भी जुड़ी हुई है। सौंफ में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो भोजन को पचाने में मदद करते हैं और इसे खाने के बाद चबाने के लिए सबसे बेहतरीन विकल्पों में शुमार करते हैं।

पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार

आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के अनुसार खाना खाने के बाद अक्सर लोगों को पेट में भारीपन की शिकायत होने लगती है। इसके अलावा कई लोगों को गैस बनना, पेट फूलना और बार-बार डकार आने जैसी समस्याएं भी घेर लेती हैं। इन सामान्य परेशानियों से राहत पाने के लिए थोड़ी सी सौंफ चबाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। सौंफ के अंदर प्राकृतिक तेल और कई अन्य जरूरी यौगिक मौजूद होते हैं जो पूरे पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। यही वजह है कि भारत के हर कोने में भोजन के तुरंत बाद सौंफ खाने का यह तरीका पीढ़ियों से चला आ रहा है।

ये भी पढ़ें

सांसों की ताजगी और माउथ फ्रेशनर

सौंफ को एक बेहतरीन माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की मुख्य वजह इसकी भीनी-भीनी खुशबू है। भारी भोजन करने के बाद मुंह में खाने की महक या गंध रह जाना बहुत आम बात है। ऐसे में सौंफ चबाने से मुंह के भीतर लार का बनना तेज हो जाता है और इसकी प्राकृतिक महक सांसों को लंबे समय तक तरोताजा रखती है। इसी खूबी के चलते देश के अधिकांश घरों में भी डाइनिंग टेबल या रसोई में खाना खाने के बाद सौंफ का डिब्बा जरूर रखा जाता है ताकि परिवार का हर सदस्य इसका सेवन कर सके।

मिश्री मिलाने का कारण और सावधानी

सौंफ की तासीर और स्वाद को सभी के अनुकूल बनाने के लिए इसमें मिश्री मिलाई जाती है। मिश्री मिलने से इसका कसैलापन कम हो जाता है और यह खाने में बेहद स्वादिष्ट लगने लगती है। हालांकि इस बात का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि मिश्री मूल रूप से चीनी का ही एक रूप है। इसलिए इसका अत्यधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। जिन लोगों को अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने की आवश्यकता होती है, उन्हें मिश्री की मात्रा को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए और सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

चूर्ण बनाने का सही तरीका और सेवन विधि

डॉक्टर मोहम्मद इकबाल का सुझाव है कि सौंफ और मिश्री को आपस में मिलाकर एक बेहतरीन चूर्ण भी तैयार किया जा सकता है। इस मिश्रण को बनाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसमें मिश्री की मात्रा बेहद कम हो और सौंफ की मात्रा सबसे ज्यादा रखी जाए। तैयार किए गए इस चूर्ण को खाना खाने के बाद करीब आधा-आधा चम्मच सुबह और शाम के वक्त लिया जा सकता है। इस तरह नियमित रूप से सेवन करने से भोजन के पश्चात मुंह में ताजगी बरकरार रहती है और सौंफ के प्राकृतिक गुण पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखते हैं। इसके अलावा सौंफ को अच्छी तरह चबाकर खाने से उसकी महक मुंह में काफी देर तक टिकी रहती है, जो बाजार में मिलने वाले किसी भी अन्य केमिकल युक्त माउथ फ्रेशनर की तुलना में एक ज्यादा प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प बन जाता है।

सवाल-जवाब

खाना खाने के बाद सौंफ क्यों खाई जाती है?
सौंफ में मौजूद प्राकृतिक यौगिक और तेल पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं और पेट के भारीपन को दूर करते हैं।
सौंफ के साथ मिश्री क्यों मिलाई जाती है?
मिश्री मिलाने से सौंफ का स्वाद मीठा और खाने में अधिक स्वादिष्ट हो जाता है।
डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के अनुसार सौंफ खाने का क्या फायदा है?
यह गैस, पेट फूलने और डकार जैसी सामान्य समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार साबित होती है।
सौंफ और मिश्री का चूर्ण कैसे तैयार करना चाहिए?
इसमें सौंफ की मात्रा अधिक और मिश्री की मात्रा बेहद कम रखनी चाहिए।
इस चूर्ण का सेवन कब और कितनी मात्रा में करना चाहिए?
इसे खाना खाने के बाद सुबह और शाम करीब आधा-आधा चम्मच लिया जा सकता है।
क्या मिश्री का अधिक सेवन हानिकारक है?
हां, मिश्री मुख्य रूप से चीनी है इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में खाना सेहत के लिए सही नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp