गमले के पौधों में माचिस की तीली डालने का वायरल तरीका कितना असरदार है जानिए पूरी सच्चाईघर पर कटिंग से पान की बेल उगाने का तरीका: जानें मिट्टी, पानी और कटाई की पूरी प्रक्रियाऋषिकेश में वीकेंड पर्यटन से बढ़ा ट्रैफिक का दबाव, तपोवन से राम झूला तक फंसी एम्बुलेंस मरीजों के लिए बनीं चुनौतीमैदा से दूरी बनाकर भी बना सकते हैं दुकान जैसी करारी मेथी मठरी, ये रहा परतदार बनावट का राजपोटैशियम और फाइबर से भरपूर ज्वार, दिल की सेहत के लिए कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया बड़ा फायदासाप्ताहिक राशिफल 7-13 सितंबर: सिंह और कन्या सहित इन राशियों की चमकेगी किस्मत, पढ़ें पूरे हफ्ते का भविष्यफलकेरल की समृद्धि SM-71 लॉटरी ड्रॉ में आज 1 करोड़ रुपये का इनामसिसाय पुल से समाधा मंदिर तक अब सफर होगा शानदार, सात सेल्फी पॉइंट्स के साथ बनेगा आलीशान प्रवेश गेटमानसून के कहर से हिमाचल में 270 की जान गई, संपत्ति को 1,242 करोड़ रुपये का घाटाजम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भारत की दो टूक, संयुक्त राष्ट्र के नए विश्व मानचित्र प्रस्ताव पर सशर्त समर्थन
मानसून के कहर से हिमाचल में 270 की जान गई, संपत्ति को 1,242 करोड़ रुपये का घाटाहिमाचल प्रदेश
6 सित॰ 2026, 2:20 pm (28 मिनट पहले)· 2

मानसून के कहर से हिमाचल में 270 की जान गई, संपत्ति को 1,242 करोड़ रुपये का घाटा

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों ने भारी तबाही मचाई है, अब तक 270 लोगों की मौत हो चुकी है और सरकारी-निजी संपत्ति को 1,242 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचा है।

हिमाचल प्रदेश में इस साल के मानसून ने बड़ी तबाही मचाई है। राज्य के राजस्व विभाग से जुड़े स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने 5 सितंबर 2026 तक के जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके मुताबिक बारिश के मौसम में अब तक 270 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 492 लोगों को चोटें आई हैं। इनमें से 110 मौतें सीधे तौर पर आपदा से जुड़ी घटनाओं में हुईं, जबकि 160 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गई।

संपत्ति को भारी चोट, आंकड़ा पहुंचा 1,242 करोड़ के पार

सरकारी दस्तावेज के अनुसार मानसून की वजह से सरकारी व निजी संपत्तियों को कुल मिलाकर 1,24,236.93 लाख रुपये यानी लगभग 1,242.37 करोड़ रुपये की चपत लगी है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग का है, जिसे करीब 951.23 करोड़ रुपये की क्षति झेलनी पड़ी है, यानी सड़कों और पुलों जैसी बुनियादी संरचनाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा जल संसाधनों से जुड़ी जल शक्ति विभाग की परियोजनाओं में भी करीब 258.61 करोड़ रुपये की क्षति हुई, जिससे पेयजल आपूर्ति और सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

ये भी पढ़ें

आपदा में 110 मौतों के पीछे अलग-अलग वजहें

राजस्व विभाग के आंकड़े बताते हैं कि आपदा संबंधी 110 मौतों में सबसे ज्यादा 38 लोगों की जान पेड़ या चट्टान गिरने से गई। भूस्खलन की चपेट में आकर 18 लोगों की मौत हुई, जबकि पानी में डूबने से 13 लोगों की जान गई। सांप के डसने से 11 लोगों की जान गई, जबकि करंट की चपेट में आकर 10 लोगों की मौत हुई। इनके अलावा अचानक आई बाढ़, आग लगने और कुछ अन्य हादसों में भी लोगों की जान गई है, जिससे यह साफ होता है कि पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान खतरे कई तरह के होते हैं।

सड़कों पर भी टूटा कहर, 160 लोगों की गई जान

बारिश के मौसम में फिसलन भरी और खतरनाक हो चुकी सड़कों पर हादसे भी बड़ी संख्या में हुए, जिनमें 160 लोगों की मौत हुई। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो शिमला और सिरमौर में सबसे ज्यादा 20-20 मौतें सड़क हादसों में हुईं। इसके बाद चंबा और कांगड़ा में 18-18, जबकि सोलन और कुल्लू में 16-16 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई।

पशु-पक्षी और आम लोगों की संपत्ति भी चपेट में

इंसानी जान के नुकसान के साथ ही मानसून ने मवेशियों और पक्षियों पर भी भारी असर डाला है, अब तक 467 पशु-पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा घर, दुकानें, गोशालाएं और अन्य निजी संपत्तियां भी बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य में सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था तथा सरकारी भवनों व सड़कों की मरम्मत को लेकर मानसून का असर लगातार बना हुआ है, जिससे प्रशासन के सामने राहत और पुनर्निर्माण कार्यों की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

सवाल-जवाब

हिमाचल में मानसून के दौरान अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
राज्य में 5 सितंबर 2026 तक मानसून के दौरान 270 लोगों की मौत हो चुकी है।
कितने लोग घायल हुए हैं?
अब तक 492 लोग घायल हुए हैं।
सीधे आपदा से जुड़ी घटनाओं में कितनी मौतें हुईं?
110 मौतें सीधे तौर पर आपदा संबंधी घटनाओं में हुई हैं।
सड़क हादसों में कितनी मौतें हुईं?
सड़क दुर्घटनाओं में 160 लोगों की जान गई है।
कुल कितनी संपत्ति का नुकसान हुआ है?
करीब 1,242.37 करोड़ रुपये यानी 1,24,236.93 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सबसे ज्यादा नुकसान किस विभाग को हुआ?
लोक निर्माण विभाग (PWD) को सबसे ज्यादा करीब 951.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
किस जिले में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुईं?
शिमला और सिरमौर में सबसे ज्यादा 20-20 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।
मानसून से कितने पशु-पक्षियों की मौत हुई?
अब तक 467 पशु-पक्षियों की मौत हो चुकी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 मिनट पहले

इस आपदा रिपोर्ट में बुनियादी ढांचे के भारी नुकसान और 160 सड़क हादसों के आंकड़े गंभीर प्रशासनिक और कानूनी सवाल खड़े करते हैं। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, अनियंत्रित ड्राइविंग और रखरखाव में लापरवाही पर कानूनी शिकंजा कसना और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जवाबदेही तय करना अब बेहद जरूरी हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से निपटा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·11 मिनट पहले

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग को हुआ 951 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान और सड़कों पर हुईं 160 मौतें केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हमारी ढांचागत तैयारियों और इंजीनियरिंग की खामियों की भी पोल खोलती हैं। जब तक पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन-रोधी तकनीकों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी और सड़कों के रखरखाव में पारदर्शिता नहीं लाई जाएगी, तब तक हर साल मानसून इस तरह जनजीवन को अस्त-व्यस्त करता रहेगा। प्रशासन को अब दीर्घकालिक पुनर्निर्माण और त्वरित चेतावनी प्रणालियों पर ध्यान देना होगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR