माउंट आबू के अरावली शिखरों में बसे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 4 किलोमीटर की दुर्गम यात्रा तय कर पहुंच रहे भक्तजमशेदपुर के बिरसानगर में सिर्फ ₹10 में पेट भर रहे बच्चे और बड़े, फुलेश्वरी साहू के पोंगलालू स्टॉल पर उमड़ रही भीड़अमेरिकी खजाना विभाग की बॉन्ड खरीदारी योजना और बैंक ऑफ जापान के संकेतों से डॉलर में गिरावट, 158.90 के करीब सुधरा जापानी येनजयपुर के अस्पताल में भर्ती कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का स्वास्थ्य स्थिर, डॉक्टरों की विशेष टीम रख रही नजररक्षाबंधन पर सज गए पलटन बाजार, 10 रुपये की शुरुआती कीमत में इविल आई और लुंबा राखियों की भारी मांगअमरीकी डॉलर की मजबूती से न्यूजीलैंड डॉलर पर दबाव, यूएस PCE आंकड़े और फेड के संकेतों पर टिकी नजरेंदिल्ली एनसीआर में बारिश से थमी रफ्तार: नोएडा से गुरुग्राम तक सड़कों पर लगा लंबा जाम, कैब की छत पर काम करने का वीडियो हुआ वायरलगया में मवेशी पर दो दावों का अजीब मामला, मगध रेंज आईजी विकास वैभव ने वैज्ञानिक परीक्षण का दिया आदेशराजस्थान राउंडअप: बीकानेर रेंज ने नशा विरोधी अभियान में बनाया रिकॉर्ड, निम्स में छात्र हादसे का शिकारभारत और पाकिस्तान सीजफायर के 2 घंटों का सच सामने आया, पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने बताया 10 मई का पूरा घटनाक्रम
हिमाचल प्रदेश में तड़के 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत कई जिलों में हिली धरतीहिमाचल प्रदेश
26 अग॰ 2026, 7:29 am (2 घंटे पहले)· 2

हिमाचल प्रदेश में तड़के 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत कई जिलों में हिली धरती

हिमाचल प्रदेश में बुधवार तड़के 4.0 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र शिमला से 66 किलोमीटर दूर जमीन में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

हिमाचल प्रदेश में बुधवार तड़के भूकंप के झटकों से धरती हिल गई। सुबह-सुबह आए इस भूकंप के कारण लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई स्थानों पर लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.0 मापी गई है। राहत की बात यह रही कि अब तक राज्य के किसी भी हिस्से से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

भूकंप का समय और केंद्र

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार यह भूकंप सुबह 5 बजकर 46 मिनट और 50 सेकंड पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र राज्य की राजधानी शिमला से लगभग 66 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण दिशा में स्थित था। जमीन के भीतर इसकी गहराई 10 किलोमीटर मापी गई है, जिसकी स्थिति जुब्बल-कोटखाई की ओर बताई जा रही है। झटके लगभग 3 सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे सोते हुए लोग भी जाग गए और अपनी सुरक्षा के लिए खुले स्थानों की ओर भागे।

ये भी पढ़ें

इन जिलों में महसूस हुए कंपन

शिमला के अलावा राज्य के कई अन्य पड़ोसी इलाकों में भी झटकों का असर देखा गया। सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और मंडी जिलों के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने जमीन में कंपन महसूस किया। तड़के का समय होने के कारण कई लोग गहरी नींद में थे, जबकि जाग रहे लोगों ने तुरंत एक-दूसरे को सतर्क किया और सोशल मीडिया पर भी इस अनुभव के बारे में जानकारी दी।

भूकंपीय संवेदनशीलता और पिछला इतिहास

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के कारण यह राज्य भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। भूकंपीय मानचित्र पर शिमला और मंडी जैसे प्रमुख इलाके अति-जोखिम वाले जोन-4 और जोन-5 के अंतर्गत आते हैं। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार 5.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप से आमतौर पर बड़े स्तर पर ढांचागत नुकसान की संभावना कम रहती है। इससे पहले राज्य के चंबा और कांगड़ा जिलों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए जा चुके हैं।

सवाल-जवाब

हिमाचल प्रदेश में भूकंप कब आया और इसकी तीव्रता कितनी थी?
भूकंप बुधवार सुबह 5 बजकर 46 मिनट और 50 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.0 दर्ज की गई।
भूकंप का मुख्य केंद्र कहां स्थित था?
भूकंप का केंद्र शिमला से लगभग 66 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण दिशा में जुब्बल-कोटखाई की ओर जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था।
किन-किन जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए?
शिमला के अलावा सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और मंडी जिलों में भी लगभग 3 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।
क्या इस भूकंप से कोई नुकसान हुआ है?
फिलहाल किसी भी क्षेत्र से जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, क्योंकि 5.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप से आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR