पहाड़ों पर सुहावने मौसम और लंबे सप्ताहांत की छुट्टियों के मेल ने हिमाचल प्रदेश के तमाम बड़े पर्यटन स्थलों को सैलानियों से सरोबार कर दिया है। शिमला, मनाली, धर्मशाला, कसौली और डलहौजी जैसे प्रमुख पहाड़ी कस्बों में देश भर से पहुंचे यात्रियों के चलते जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। इस जोरदार आमद ने पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर खुशी ला दी है, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख राजमार्गों और पहाड़ी रास्तों पर वाहनों के भारी दबाव ने यातायात की रफ्तार को थाम दिया है। स्थिति यह रही कि धर्मशाला के मशहूर त्रिउंड ट्रेक पर भी चढ़ाई करने वाले लोगों की कतारें किसी प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए लगने वाली पंक्तियों जैसी दिखाई दीं।
पर्यटन कारोबार में उछाल और होटलों में भारी बुकिंग
लंबे अवकाश के इस दौर में शिमला और मनाली के प्रमुख होटलों में ऑक्यूपेंसी साठ से अस्सी प्रतिशत तक पहुंच गई है। राजधानी शिमला में वीकेंड के दौरान कई होटलों और पर्यटन प्रतिष्ठानों में बुकिंग सत्तर से अस्सी फीसदी तक दर्ज की गई। स्थानीय होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, टैक्सी संचालक और बाजारों में खरीदारी करने वाले पर्यटकों की वजह से कारोबारी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट किया कि छुट्टियों के दौरान राज्य के लोकप्रिय ठिकानों का रुख करने वाले सैलानियों की संख्या में बड़ा उछाल आया है, जिससे पूरे पर्यटन उद्योग को मजबूती मिली है।
घंटों के सफर और जाम से सैलानियों की परीक्षा
भारी संख्या में वाहनों के एक साथ पहाड़ी रास्तों पर उतरने से मनाली, धर्मशाला और शिमला को जोड़ने वाले मार्गों पर वाहनों की अंतहीन कतारें लग गईं। चंडीगढ़ से अपने परिवार के साथ मनाली पहुंचे अभिषेक ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जिस रास्ते को तय करने में आमतौर पर पांच घंटे लगते हैं, वहां पहुंचने में उन्हें दस घंटे का समय लग गया। इसी तरह दिल्ली से दो दिनों के संक्षिप्त प्रवास पर शिमला पहुंचे अशोक ने जानकारी दी कि शहर की सड़कों पर गाड़ियों की गति बेहद धीमी हो चुकी है और वाहनों को पार्क करने के लिए उपयुक्त जगह तलाशना भी एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
यातायात की इस विकट स्थिति को लेकर फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि उन्होंने राज्य प्रशासन से उन संवेदनशील रास्तों पर विशेष पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की थी जहां अक्सर जाम की नौबत आती है। उनका मानना है कि समय रहते प्रबंध करने से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों को आवाजाही में बड़ी राहत मिल सकती थी। कई सैलानियों ने यह भी कहा कि इन प्रमुख पहाड़ी केंद्रों पर ट्रैफिक जाम अब एक नियमित समस्या का रूप ले चुका है।
मौसम का मिजाज और रिज मैदान पर रौनक
हिमाचल प्रदेश से 3 अक्तूबर को मानसून की आधिकारिक विदाई दर्ज की गई। वर्षा ऋतु समाप्त होते ही जैसे ही मौसम साफ और खुशनुमा हुआ, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और देश के कई अन्य हिस्सों से लोग पहाड़ों की ओर निकल पड़े। शिमला के मालरोड और ऐतिहासिक रिज मैदान पर पर्यटकों की भारी चहल-पहल देखी जा रही है। रिज मैदान पर वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक होने के कारण पर्यटक वहां पैदल चलकर सुकून से घूम रहे हैं। कई यात्रियों का कहना है कि हालांकि जाम में फंसकर सफर थकाऊ रहा, लेकिन यहां के मनोरम मौसम और माहौल के बीच पहुंचकर यात्रा की पूरी भरपाई हो गई।
कांगड़ा घाटी और त्रिउंड में अभूतपूर्व उपस्थिति
धर्मशाला के ऊंचाई वाले क्षेत्र त्रिउंड ट्रेक पर इस बार पर्यटकों का अभूतपूर्व जमावड़ा देखने को मिला, जहां पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर भीड़ नहीं देखी गई थी। सोशल मीडिया मंच X पर विनोद कटवाल ने लिखा कि इस तरह की अत्यधिक भीड़ हिमालय के स्वास्थ्य और पर्यावरण के दृष्टिकोण से चिंताजनक है। इस बढ़ते दबाव के बीच कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने बताया कि जिले के मैक्लोड गंज, धर्मशाला और बीर-बिलिंग जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों के आगमन को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल ने यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत कर दिया है।
शोघी बैरियर पर वाहनों की गिनती और प्रशासन का निर्देश
राजधानी शिमला में प्रवेश के प्रमुख रास्ते शोघी बैरियर पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, बीते शुक्रवार को कुल 16,277 वाहन शिमला पहुंचे, जिनमें से करीब 7,060 वाहन बाहरी राज्यों के नंबर प्लेट वाले थे। सामान्य दिनों में भी लगभग दस हजार वाहन प्रतिदिन शिमला में प्रवेश करते हैं, जिसके चलते एक सप्ताह में यह संख्या सत्तर से अस्सी हजार वाहनों तक पहुंच जाती है। इनमें से लगभग पचास प्रतिशत गाड़ियां अन्य राज्यों से आती हैं। शिमला के डीएसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर ने शहर की सड़कों पर बढ़ते भारी दबाव को देखते हुए स्थानीय नागरिकों, बाहर से आने वाले पर्यटकों और वाणिज्यिक वाहन चालकों से संयम बरतने तथा सभी निर्धारित यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है।



















