हिमाचल प्रदेश के दो अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में हुए भीषण सड़क हादसों ने पांच जिंदगियां छीन लीं। पहली दुर्घटना सिरमौर जिले में अंतरराज्यीय सीमा पर एक कार और मालवाहक ट्रक की भिड़ंत से जुड़ी है, जबकि दूसरा दर्दनाक वाकया ऊना जिले के एक औद्योगिक क्षेत्र में सामने आया, जहां भारी टिप्पर वाहन के अनियंत्रित होकर लुढ़कने से एक झुग्गी तबाह हो गई। दोनों मामलों में स्थानीय पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए छानबीन शुरू कर दी है।
कुल्हान पुल पर ट्रक में जा घुसी कार, तीन युवकों ने मौके पर तोड़ा दम
सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में यह भीषण टक्कर शनिवार देर रात करीब 10:30 बजे घटी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा को जोड़ने वाले यमुना नदी क्षेत्र के कुल्हान पुल पर हुंडई क्रेटा वाहन आगे की दिशा में बढ़ रहे एक ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराया। टक्कर का वेग इतना जबरदस्त था कि चार पहिया वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय निवासियों और पुलिस कर्मियों ने भारी जद्दोजहद करके क्षतिग्रस्त वाहन के भीतर फंसे मुसाफिरों को बाहर निकाला। सभी को तत्काल नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उपस्थित डॉक्टरों ने जांच उपरांत तीनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों में शिलाई का जिम प्रशिक्षक और उत्तर प्रदेश के दो युवक शामिल
अस्पताल प्रशासन और पुलिस की शिनाख्त कार्रवाई के अनुसार जान गंवाने वालों में सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के रहने वाले 32 वर्षीय तरसेम सिंह शामिल हैं, जो पेशे से एक जिम ट्रेनर थे। उनके साथ कार में सवार अन्य दो मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शांति नगर के 37 वर्षीय अमित कुमार और ग्रेटर नोएडा निवासी 30 वर्षीय सोनू के रूप में की गई है। पांवटा साहिब स्थित राजकीय चिकित्सालय में रविवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम संपन्न करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने इन मौतों की तस्दीक करते हुए स्पष्ट किया कि पांवटा साहिब पुलिस थाने में कानूनी प्राथमिकी दर्ज करके तफ्तीश जारी है।
ऊना के बाथड़ी में चढ़ाई पर बंद हुआ टिप्पर, झुग्गी पर गिरने से मां-बेटी की मौत
दूसरा हृदयविदारक हादसा ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाथड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रविवार शाम को पेश आया। पंजाब की पंजीकरण संख्या वाला एक भारी टिप्पर, जो स्टोन क्रशर से रेत और बजरी ढोने का काम करता था, चढ़ाई वाले रास्ते से गुजर रहा था। चढ़ाई पर अचानक वाहन रुक गया और पीछे की तरफ फिसलते हुए करीब 10 फीट गहरी खाईनुमा ढलान में जा गिरा। दुर्भाग्यवश, ढलान के नीचे प्रवासी श्रमिकों का अस्थायी डेरा था। यह विशाल वाहन सीधे एक झुग्गी पर पलट गया, जिससे अंदर मौजूद 40 वर्षीय रिंकू देवी और उनकी छह साल की नन्हीं बेटी कोमल कुमारी दब गईं और दोनों की घटनास्थल पर ही सांसें थम गईं।
फरार चालक की धरपकड़ में जुटी पुलिस टीम
हादसा घटते ही वाहन चालक स्थिति को भांपते हुए घटनास्थल से भाग निकला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक मोहन रावत के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और राहत कार्य संचालित किए। पुलिस दल पंजाब नंबर वाले इस वाहन के फरार चालक की तलाश में लगातार दबिश दे रहा है और दुर्घटना के सटीक तकनीकी कारणों की पड़ताल में जुटा है।





















