आयरलैंड के खिलाफ धमाकेदार शतक से इब्राहिम जादरान ने रचा इतिहास, वनडे में 2000 रन बनाकर बाबर आजम और केविन पीटरसन की बराबरी कीटेक्सास में फोर्ट हुड के पास सैन्य अभियान के दौरान अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश, खेत में भीषण आग के बीच 2 पायलटों की मौतबिहार पुलिस में DSP बने क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार के सामने 5 साल के बॉन्ड की शर्त, एक्टिव न रहने पर जाएगी नौकरीहरियाली तीज पर दिल्ली एनसीआर में मॉनसून सुस्त, 18 अगस्त तक हल्की बूंदाबांदी और उमस का अनुमानस्वतंत्रता दिवस पर जीवंत हुआ बरेली का इतिहास, 257 बलिदानियों के बरगद से कारगिल शहादत तक की गौरवगाथामूलांक 2 राशिफल 13 अगस्त 2026: भावना और व्यावहारिक समझ के संतुलन से संवरेंगे रिश्ते और कामडोनाल्ड ट्रंप ने अर्कंसास के जज ली रुडोफ़्स्की को एथ सर्किट अपील कोर्ट के लिए नामित कियाकर्क राशि में मंगल के प्रवेश से बनेगा नीचभंग राजयोग, 18 सितंबर से इन 3 राशियों के खुलेंगे प्रगति के द्वारलाइव: पश्चिम एशिया युद्ध: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आर्थिक दबाव की रणनीति अपनाईलाइव: संसद के मानसून सत्र का 19वां दिन | समय सीमा पर विपक्ष का हंगामा, अमित शाह चर्चा को तैयार
जमीन नीलामी से बचेंगे हिमाचल के किसान, सुक्खू सरकार 50 करोड़ से चुकाएगी आधा ब्याजहिमाचल प्रदेश
29 जून 2026, 8:14 am (45 दिन पहले)· 5

जमीन नीलामी से बचेंगे हिमाचल के किसान, सुक्खू सरकार 50 करोड़ से चुकाएगी आधा ब्याज

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन-टाइम सेटलमेंट नीति के तहत कृषि ऋण राहत योजना की घोषणा की है, जिसमें 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत राज्य सरकार खुद वहन करेगी। इस योजना से करीब 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा और इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

हिमाचल प्रदेश में कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत देने की तैयारी की है। वन-टाइम सेटलमेंट नीति के तहत एक नई कृषि ऋण योजना शुरू की जाएगी, जिसका मकसद उन किसानों की मदद करना है जिनकी खेती की जमीन ऋण न चुका पाने के चलते नीलामी के कगार पर आ गई है।

योजना की मुख्य बातें

सुक्खू सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रति किसान 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर जो ब्याज बकाया है, उसका 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार खुद चुकाएगी। इस योजना का फायदा राज्य के करीब 6,356 किसानों को मिलने की उम्मीद है। पूरी योजना के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

ये भी पढ़ें

क्रियान्वयन किन बैंकों के जरिए होगा

योजना को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी दो सहकारी बैंकों को दी गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक और कांगड़ा सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक इसे लागू करेंगे। इन बैंकों की शाखाएं पात्र किसानों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगी, ताकि ब्याज अनुदान का लाभ सही लोगों तक पहुंचाया जा सके।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अनेक किसान आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, इसलिए सरकार ने पात्र किसानों को यह एकमुश्त राहत देने का निर्णय लिया है।

नीलामी के खतरे से मिलेगी मुक्ति

यह योजना उन किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत लेकर आएगी जिनकी कृषि भूमि वित्तीय संस्थानों द्वारा नीलामी की जद में है। जब सरकार बकाया ब्याज का आधा हिस्सा खुद उठा लेगी, तो किसानों के लिए अपने कर्ज को नियमित करना काफी आसान हो जाएगा। इससे उनकी आर्थिक परेशानियां कम होंगी और वे अपनी खेती-किसानी बिना किसी रुकावट के जारी रख पाएंगे।

जल्द अमल में लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री सुक्खू ने संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि इस योजना को शीघ्र लागू किया जाए ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि किसानों को आर्थिक संकट से उबारने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन

कर्ज राहत के अलावा राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को व्यापक रूप से मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्राकृतिक तरीके से उगाई गई फसलों के लिए ऐतिहासिक समर्थन मूल्य प्रदान किए जा रहे हैं। इसका असर दोनों तरफ दिखाई दे रहा है: उपभोक्ताओं को रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थ मिल रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करते हुए हिमाचल प्रदेश में कृषि के जरिए समृद्धि और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

सवाल-जवाब

इस कृषि ऋण राहत योजना से हिमाचल प्रदेश के कितने किसानों को फायदा मिलेगा?
इस योजना से राज्य के लगभग 6,356 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार किसान के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का कितना हिस्सा खुद चुकाएगी?
राज्य सरकार प्रति किसान 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा वहन करेगी।
इस योजना के लिए सरकार ने कितना बजट रखा है?
सरकार ने इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
यह योजना किन बैंकों के जरिए लागू होगी?
यह योजना हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक और कांगड़ा सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के माध्यम से लागू की जाएगी।
इस योजना का सबसे अधिक फायदा किन किसानों को होगा?
उन किसानों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा जिनकी कृषि भूमि ऋण न चुकाने के कारण वित्तीय संस्थानों द्वारा नीलामी की कगार पर है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किसानों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है?
सरकार प्राकृतिक तरीके से उगाई गई फसलों के लिए ऐतिहासिक समर्थन मूल्य दे रही है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ रही है और उपभोक्ताओं को रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थ मिल रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR