हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर परिसर में एक गंभीर और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ देर शाम राजस्थान से आए एक 36 वर्षीय युवक ने खुद पर आग लगा ली, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद पूरे मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहाँ मौजूद लोग तुरंत बचाव के लिए दौड़े। लोगों ने किसी तरह पानी डालकर आग पर काबू पाया और घायल युवक को तुरंत उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उसकी नाज़ुक हालत को देखते हुए उसे आगे रेफर कर दिया गया।
अस्पताल ले जाते समय दी जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा मौके पर पहुँची और पायलट संजय तथा ईएमटी विवेक शर्मा ने झुलसे हुए युवक को तुरंत ज्वालामुखी अस्पताल पहुँचाया। एंबुलेंस कर्मियों के मुताबिक, जब वे युवक को लेकर अस्पताल जा रहे थे, तब वह होश में था और उसने अपनी पहचान रामदास पुत्र गजानंद, निवासी झालावाड़ बस स्टैंड, वार्ड नंबर 18, राजस्थान के रूप में बताई। कर्मचारियों ने बताया कि उसने सफर के दौरान बातचीत करते हुए यह भी कहा कि वह मंदिर में अकेले ही दर्शन करने आया था। हालांकि, जब वह अपने घर का पूरा पता बता रहा था, तो उसकी जुबान लड़खड़ा रही थी, लेकिन इतनी गंभीर रूप से झुलसने के बाद भी वह अपनी पहचान बताने की पूरी कोशिश कर रहा था। वर्तमान में डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है और स्वास्थ्य को लेकर स्थिति आगे स्पष्ट होगी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की पड़ताल
इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और तुरंत मामले की छानबीन शुरू कर दी गई। फॉरेंसिक विज्ञान की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुँचकर जरूरी साक्ष्य और नमूने एकत्रित किए हैं। पुलिस मुख्य तौर पर इस बात का पता लगाने में जुटी है कि युवक ने खुद को जलाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया था या किसी अन्य ज्वलनशील तरल पदार्थ का उपयोग किया गया था। इसके साथ ही इस बात की भी गहराई से जाँच की जा रही है कि आखिर उसने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया और इसके पीछे की असली वजह क्या थी। देहरा के एसपी संदीप धवल ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस इस मामले से जुड़े हर एक पहलू और हर संभावित एंगल की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
स्थानीय लोगों और प्रशासन के अनुसार, इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के आसपास इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ महीने पहले भी इसी मंदिर के रास्ते पर बने एक शिव मंदिर के पास एक अन्य युवक द्वारा कटर से अपना गला काट लेने का मामला सामने आया था, जिसमें उस युवक की जान चली गई थी। अब एक बार फिर से मंदिर परिसर के भीतर इस प्रकार की आग लगाने की घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है और सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अब यह भी तस्दीक कर रही है कि रामदास मंदिर में वास्तव में अकेला आया था या फिर उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी यात्रा कर रहा था।



















