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पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर बाईपास सुरंगों का काम तेज, 60 फीसदी खुदाई पूरी होने से बढ़ा उत्साहहिमाचल प्रदेश
17 सित॰ 2026, 4:17 pm (2 घंटे पहले)· 1

पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर बाईपास सुरंगों का काम तेज, 60 फीसदी खुदाई पूरी होने से बढ़ा उत्साह

पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर मंडी शहर को बाईपास करने वाली 3.5 किलोमीटर लंबी दो सुरंगों की खुदाई का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिसे सितंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है।

हिमाचल प्रदेश में सामरिक महत्व के पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट को लेकर एक बड़ी खुशखबरी आई है। मंडी शहर में यातायात के दबाव को कम करने के लिए बनाई जा रही बाईपास सुरंगों की खुदाई का काम 60 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इस पूरे बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट को सितंबर 2027 तक पूरी तरह से तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कुल्लू, मनाली और धर्मशाला की तरफ जाने वाले यात्रियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।

निर्माण कार्य की प्रगति और समय-सीमा

इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कार्य देख रही भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के जनरल मैनेजर आरसीएस रावत ने इस प्रगति की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मंडी शहर को बाईपास करने के लिए 3.5 किलोमीटर लंबी दो सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। NHAI के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य की शुरुआत मार्च 2025 में की गई थी। निर्माण कंपनी के प्रबंधन द्वारा तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि काम की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए सितंबर 2027 के निर्धारित लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया जाएगा। इन सुरंगों के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, मंडी शहर के भीतर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से स्थानीय लोगों को मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही, पठानकोट से मंडी या कुल्लू-मनाली की ओर आने-जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय वाहनों को शहर के व्यस्त रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा।

विश्वकर्मा पूजा पर विशेष आयोजन

परियोजना स्थल पर विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। इस दौरान आरसीएस रावत ने कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के साथ मिलकर हवन-पूजन में भाग लिया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भगवान विश्वकर्मा की आरती उतारी गई और इस बड़े प्रोजेक्ट को सुरक्षित तथा समय पर पूरा करने की प्रार्थना की गई। बाईपास के चालू होने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।

सवाल-जवाब

मंडी बाईपास सुरंगों का काम इस समय किस चरण में है?
इन बाईपास सुरंगों की खुदाई का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
मंडी बाईपास के लिए बन रही इन सुरंगों की कुल लंबाई कितनी है?
इस परियोजना के तहत कुल 3.5 किलोमीटर लंबी दो सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।
पठानकोट-मंडी हाईवे के इस बाईपास प्रोजेक्ट के पूरा होने का लक्ष्य कब तक रखा गया है?
इस पूरे प्रोजेक्ट को सितंबर 2027 तक बनाकर तैयार करने का लक्ष्य है।
इस सुरंग परियोजना का निर्माण कौन सी कंपनी कर रही है?
इन सुरंगों का निर्माण कार्य भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
NHAI के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम कब शुरू हुआ था?
इस रणनीतिक हाईवे परियोजना पर निर्माण कार्य की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·48 मिनट पहले

सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखें तो बुनियादी ढांचे में सुधार केवल सफर आसान नहीं बनाता, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को भी बेहतर करता है। मंडी शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होने से स्थानीय पुलिस प्रशासन को भीड़भाड़ वाले इलाकों में चौकसी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहूलियत होगी। हालांकि, पहाड़ी इलाकों में सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि हादसों से बचा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·48 मिनट पहले

करण जी की बात को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह की बड़ी ढांचागत परियोजनाओं का वास्तविक प्रशासनिक और नीतिगत लाभ केवल ट्रैफिक सुगम होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय आपूर्ति श्रृंखला, पर्यटन अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती प्रदान करता है। हालांकि, पहाड़ी और संवेदनशील पारिस्थितिकी वाले क्षेत्रों में शेष 40 प्रतिशत निर्माण कार्य के दौरान कड़े तकनीकी और सुरक्षा मानकों की निरंतर निगरानी आवश्यक है। समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रशासनिक सख्ती ही इस परियोजना को पूर्ण रूप से सफल बनाएगी।

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