हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अंतर्गत आने वाले बद्दी इलाके में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक अपनी कार्रवाई को सीमित नहीं रखा है, बल्कि अवैध तरीके से जुटाई गई संपत्ति पर भी बड़ा प्रहार किया है। इसी रणनीति के तहत नालागढ़ उपमंडल में एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा अवैध कारोबार के जरिए बनाई गई करोड़ों रुपये की संपत्तियों को कानून के प्रावधानों के अंतर्गत फ्रीज करने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
शुरुआती जब्ती और जांच का दायरा
इस पूरी कानूनी कार्रवाई की शुरुआत 12 मई 2024 को हुई थी, जब पुलिस थाना नालागढ़ में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने टिक्कर पनौह नालागढ़ निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ जट्टा के कब्जे से 6.68 ग्राम हेरोइन या चिट्टा बरामद किया था। शुरुआती कार्रवाई के बाद पुलिस ने इस मामले की गहन वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि आरोपियों और उनके परिवार के पास मौजूद संपत्तियों का असली स्रोत क्या है और उनका इस अवैध कारोबार से क्या वित्तीय संबंध है। विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने नियमों के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया पूरी की।
परिवार के सदस्यों की संपत्तियों पर कार्रवाई
पुलिस की वित्तीय जांच के दायरे में आरोपी के परिवार के कई सदस्य आए, जिनके नाम पर अवैध कमाई से संपत्ति जुटाई गई थी। अमरजीत कौर से जुड़ी लगभग ₹80.07 लाख की चल और अचल संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इस संपत्ति में एक टाटा पंच कार, एक एक्टिवा स्कूटर, करीब 7.10 बिस्वा जमीन और उस जमीन पर बना हुआ दो मंजिला मकान शामिल है। इन सभी संपत्तियों को अवैध धन से अर्जित पाया गया, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत इन्हें जब्त करने के आदेश दिए गए।
सतनाम सिंह और हिमांशी सहोत्रा की संपत्तियां
इस मामले में सतनाम सिंह उर्फ सत्ती से जुड़ी संपत्तियों को भी निशाना बनाया गया है। सतनाम सिंह से संबंधित एक एक्टिवा स्कूटर, एक मारुति जेन कार के अलावा 2.10 बिस्वा भूमि और उस पर बने मकान को फ्रीज किया गया है, जिसकी कुल कीमत करीब ₹83.15 लाख है। पुलिस के अनुसार यह विशेष भूमि और उस पर बना मकान हिमांशी सहोत्रा के नाम पर दर्ज है, जो सतनाम सिंह की पत्नी हैं। इस प्रकार परिवार के इस हिस्से की संपत्ति पर भी कड़ा कानूनी शिकंजा कसा गया है।
मुख्य आरोपी का मकान और कुल योग
मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ जट्टा के नाम पर नालागढ़ में स्थित एक मकान और उससे जुड़ी भूमि को भी फ्रीज किया गया है। बाजार में इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब ₹45 लाख आंकी गई है। इस तरह से इस एक ही परिवार के खिलाफ की गई तीनों अलग-अलग मामलों की कुल अनुमानित संपत्ति का योग करीब ₹2 करोड़ 8 लाख 22 हजार बैठता है, जिसे कानून के दायरे में पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक बयान
बद्दी के डीएसपी योगराज चंदेल ने इस पूरी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ बद्दी पुलिस का अभियान पूरी सख्ती से चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संपत्तियों की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि नियमों के प्रावधानों का पालन करते हुए इस तरह के अवैध धंधों से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज और जब्त करने की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
एक सप्ताह में करोड़ों की संपत्तियों पर कार्रवाई
बद्दी पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर ही नशा तस्करों से जुड़ी लगभग ₹5.5 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस महकमे का यह रुख साफ करता है कि राज्य में नशे के अवैध कारोबार में किसी भी स्तर पर संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और उनकी काली कमाई से बनाई गई हर संपत्ति को आर्थिक प्रहार के जरिए सीज किया जाएगा।


















