हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में कमांद से मंडी शहर की तरफ आ रही एक कार में अचानक भीषण लपटें उठने लगीं। जिस वक्त यह हादसा पेश आया, उस समय वाहन में चालक के साथ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के 6 प्रशिक्षु यात्रा कर रहे थे। आग की लपटें तेजी से फैलती देख चालक और सवारियों ने फौरन मुस्तैदी दिखाई और गाड़ी रोककर सभी फौरन बाहर निकल आए। वक्त रहते बाहर निकल जाने के कारण किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन यह चार पहिया वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
सफर के दौरान कटिंडी के समीप हुआ हादसा
यह घटना 14 अक्तूबर को उस वक्त घटी जब वाहन कमांद से निकलकर मंडी शहर की ओर बढ़ रहा था। शाम के करीब सवा चार बजे का समय था और गाड़ी कटिंडी से लगभग एक किलोमीटर दूर पहुंची थी। इसी दौरान टैक्सी के अगले हिस्से से अचानक तेज आग भड़क उठी। जैसे ही खतरे का अहसास हुआ, चालक ने तत्काल सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को किनारे किया और सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकलने को कहा। सभी सात लोग बिना किसी देरी के सुरक्षित दूरी पर हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
संस्थान द्वारा हायर की गई थी गाड़ी
घटना में शामिल टैक्सी मंडी शहर की पैलेस कॉलोनी के निवासी अंकित की है। सफर के समय इस गाड़ी को उनका भाई राहुल चला रहा था। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस टैक्सी को आईआईटी मंडी प्रबंधन की तरफ से आवाजाही के लिए हायर किया गया था, जिसमें सवार होकर छह प्रशिक्षु संस्थान से शहर की ओर जा रहे थे।
दमकल कर्मियों ने बुझाई लपटें, पुलिस ने शुरू की पड़ताल
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग का दस्ता दमकल वाहन लेकर तुरंत मौके पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने पानी की तेज बौछारें डालकर धधकती आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक गाड़ी का ढांचा जलकर पूरी तरह राख हो चुका था। अग्निशमन केंद्र मंडी के फायरमैन प्रदीप कुमार ने पुष्टि की कि इस अग्निकांड में वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया है। सूचना मिलने के बाद पधर थाना की पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में इंजन के भीतर शॉर्ट सर्किट होने को आग भड़कने की मुख्य वजह माना जा रहा है। मंडी-कटौला-कुल्लू मार्ग पर आग की भीषण लपटों में घिरी टैक्सी के कई दृश्य भी सामने आए हैं, जिन्हें वहां से गुजर रहे राहगीरों ने रिकॉर्ड किया।
























