हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित देहरा के ढलियारा इलाके में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित आक्रोश रैली अचानक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव में बदल गई। नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से जुड़े एक विवाद के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे। इस दौरान जसवां प्रागपुर से विधायक तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर की मौके पर तैनात थाना प्रभारी के साथ तीखी नोकझोंक हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि पूर्व मंत्री ने पुलिस अधिकारी को धक्का दे दिया और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
सड़क पर पुतला जलाने को लेकर भड़का विवाद
ढलियारा बाजार से आरंभ हुई इस विरोध यात्रा में करीब 300 से 350 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यह रैली मुख्य बाजार से गुजरते हुए सरकारी डिग्री कॉलेज मार्ग पर बने मोड़ तक पहुंची। वहां पहुंचते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा सदस्य राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी अपने साथ पुतले लेकर पहुंचे थे और उन्हें चौराहे पर आग लगाने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने सुरक्षा कारणों से पुतला दहन को रोकने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जब पुलिस कर्मियों ने आग की लपटों से आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए बैरिकेडिंग और घेराबंदी करने की कोशिश की, तब विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने आ गए। थाना प्रभारी द्वारा रोके जाने पर विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने पुलिस अफसर को पीछे धकेलते हुए विवादित और अपमानजनक टिप्पणी कर दी। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों से दूसरा पुतला लाने को कहा ताकि उसे वहीं बीच सड़क पर फूंका जा सके। सुरक्षा अधिकारी ने विनम्रता से यह समझाने का प्रयास किया कि भीड़ भरे मार्ग पर आगजनी से राहगीरों और कार्यकर्ताओं को खतरा हो सकता है, लेकिन आक्रोशित नेता सुनने को तैयार नहीं थे।
पुतला दहन के दौरान झुलसे पुलिसकर्मी
विधायक और पुलिस के बीच हुई इस तीखी खींचतान के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा अन्य सहयोगियों के साथ आगे आए और उन्होंने पुतले को आग के हवाले कर दिया। आग भड़कते ही लपटें तेजी से फैलीं, जिसकी चपेट में आकर कुछ पुलिसकर्मी आंशिक रूप से झुलस गए। हालांकि साथी जवानों की तत्परता से आग पर तत्काल काबू पा लिया गया और कोई बड़ा गंभीर हादसा होने से टल गया। घटना के बाद भी काफी देर तक मौके पर अफरा तफरी का माहौल बना रहा।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। पुलिस ने संवेदनशील मोड़ पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया था ताकि कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदर्शन समाप्त होने के पश्चात मार्ग पर वाहनों की आवाजाही दोबारा सामान्य रूप से बहाल कर दी गई।
नेताओं ने साधा कांग्रेस पर निशाना
इस आक्रोश प्रदर्शन में पूर्व मंत्री रविंद्र रवि, गगरेट के पूर्व विधायक और जिला प्रभारी राजेश ठाकुर तथा निर्दलीय से भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक होशियार सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इन सभी नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी के संस्थान में हुए घटनाक्रम की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं बेहद निंदनीय हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की जनता मौजूदा सत्ताधारी दल को पूरी तरह नकार देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का आचरण मर्यादाओं के विपरीत रहा है, जिसके विरोध में महिला मोर्चा को भी मैदान में उतरना पड़ा है। रैली के दौरान हुई बदसलूकी और तकरार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस पर जोरदार बहस छिड़ गई है।
























