हिमाचल प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज ने समय से पहले ही कड़ाके की ठंड की दस्तक दे दी है। बीते चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर ताजा हिमपात हुआ है, जबकि मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव के कारण पहाड़ी राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के पारे में आठ से ग्यारह डिग्री सेल्सियस तक की तीखी गिरावट दर्ज की गई है। कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चले जाने के कारण लोगों को गर्म कपड़े और रजाई निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।
घाटी में कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे पारा
पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का सबसे तीखा असर जनजातीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है, जिसके चलते वहां सामान्य जनजीवन पूरी तरह से ठिठुरन की चपेट में आ गया है। इसके अलावा चंबा जिले में अधिकतम तापमान में सामान्य के मुकाबले चौदह डिग्री सेल्सियस की जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय भी लोगों को भारी ठंड का अहसास हो रहा है।
सुबह और शाम के समय तापमान में आई अचानक गिरावट से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। घाटी के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं के चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी के प्राकृतिक स्रोतों के पास भी ठंड का भारी असर देखा जा रहा है।
15 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी का दौर रहेगा जारी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य में 13 अक्टूबर से लेकर 15 अक्टूबर तक वर्षा और बर्फबारी का यह दौर लगातार जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों की ऊंची चोटियों पर हिमपात होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कई निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, गरज के साथ छींटे पड़ने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले चौबीस घंटों के अंतराल में राज्य भर में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान हमीरपुर जिले के निहरी क्षेत्र में सर्वाधिक करीब 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राजधानी शिमला, कांगड़ा सहित अन्य कई जनपदों में भी लगातार मेघ बरसे हैं, जिससे पूरे वातावरण में ठंडक घुल गई है।
इन जिलों में बरसेंगे बादल और चोटियों पर गिरेगी बर्फ
मौसम विभाग के विस्तृत पूर्वानुमान के मुताबिक, 13, 14 और 15 अक्टूबर के दौरान कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन मैदानी और मध्य पहाड़ी जनपदों में रुक-रुक कर वर्षा होने से तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
वहीं दूसरी ओर, राज्य के ऊंचाई वाले जिलों जैसे किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला के पर्वतीय भागों में ताजा बर्फबारी होने का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चोटियों पर बर्फ की नई चादर बिछने और घाटियों में लगातार बारिश होने से आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ जाएगा।
16 अक्टूबर के बाद सुधार, 17 अक्टूबर से खिलेगी धूप
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि 16 अक्टूबर के बाद से प्रदेश में मौसमी गतिविधियों में कमी आएगी और मौसम साफ होने लगेगा। हालांकि, इस दौरान मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में छिटपुट बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके उपरांत 17 अक्टूबर से पूरे प्रदेश भर में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा और धूप खिलने के आसार हैं, जिससे लोगों को ठंड से आंशिक राहत मिल सकती है।
राजधानी शिमला के मौसम की बात करें तो सोमवार सुबह के समय आसमान साफ रहा और हल्की धूप निकली रही। लेकिन दोपहर बाद अचानक आसमान में घने बादलों ने डेरा डाल दिया, जिससे हवा में ठंडक घुल गई। इससे पहले हुई बारिश के चलते शिमला का अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस मौसम के सामान्य औसत तापमान से लगभग 6 डिग्री सेल्सियस कम है।
विभिन्न शहरों में सामान्य से काफी नीचे लुढ़का पारा
प्रदेश के अन्य मैदानी और मध्य पर्वतीय शहरों में भी दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में बीते दिन अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं दूसरी तरफ भुंतर, पालमपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जैसे प्रमुख शहरों में दिन का पारा महज 16 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट कर रह गया।
इन सभी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 10 से 12 डिग्री नीचे चल रहा है। चंबा में तो पारा सामान्य से 14 डिग्री नीचे चला गया है। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, जिन क्षेत्रों में धूप खिलेगी वहां पारा सामान्य के करीब रह सकता है, लेकिन शाम ढलते ही दोबारा बारिश का सिलसिला शुरू होने से आने वाले तीन दिनों में ठंड का असर और ज्यादा तीव्र हो जाएगा।



















