पहाड़ों पर पिछले ग्यारह दिनों से खिली चटक धूप के बाद अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। शुक्रवार को दिन के वक्त अच्छी धूप खिली रही, लेकिन शाम ढलते ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। राजधानी शिमला और पर्यटन नगरी मनाली के इलाकों में सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंडक पहले से ही महसूस होने लगी है। अब शुक्रवार की रात से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की तेज गर्जना, आंधी और मूसलाधार बारिश का एक नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना बन चुकी है।
दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में दिखेगा मौसम का कड़ा रुख
मौसम विज्ञान केंद्र की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में 26 सितंबर से लेकर 29 सितंबर के दौरान वातावरण अशांत रहने का अनुमान है। इस मौसमी बदलाव का सबसे तीखा प्रभाव दक्षिण-पूर्वी हिमाचल प्रदेश और उसके करीबी इलाकों में 26 सितंबर की शाम अथवा रात से लेकर 29 सितंबर की सुबह तक बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का आंकलन है कि इस पूरे दौर में सबसे भीषण असर 27 सितंबर को जमीन पर देखने को मिल सकता है, जब बादलों की सक्रियता अपने चरम पर पहुंचेगी।
इन प्रमुख जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली का खतरा
मौसम विभाग के विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर जिलों के अनेक हिस्सों में 26 सितंबर की शाम के बाद से लेकर 29 सितंबर की सुबह तक रुक-रुक कर और कई जगह लगातार बौछारें पड़ेंगी। इस अवधि के दौरान चुनिंदा स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली गिरने की पूरी आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय जनजीवन और बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है।
27 सितंबर को सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट, बाकी जिलों में येलो चेतावनी
चेतावनी के स्तर पर नजर डालें तो 27 सितंबर को सिरमौर जिले के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते वहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उसी दिन बिलासपुर, मंडी, शिमला और सोलन के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। इसके अलावा जनजातीय जिले किन्नौर के अलग-अलग हिस्सों में भी मध्यम दर्जे की बारिश के आसार के चलते येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इससे पहले 26 सितंबर को सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर तीनों जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट लागू रहेगा।
मैदानी और मध्य पहाड़ी इलाकों में मध्यम बौछारें और तेज हवाएं
राज्य के अन्य हिस्सों की बात करें तो ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिले के स्पीति घाटी क्षेत्र में 27 और 28 सितंबर को मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही 26 से 28 सितंबर के दौरान शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। 27 सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भी ठीक इसी तरह तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की परिस्थितियां बनने का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश से फिलहाल मॉनसून की आधिकारिक विदाई नहीं हुई है, ऐसे में विदा होने से पहले यह मौसमी तंत्र पहाड़ी इलाकों में तेज असर दिखा सकता है।





















