विश्वविख्यात तीर्थ स्थल खाटूश्यामजी में रोजाना उमड़ने वाली अपार भीड़ के प्रबंधन और स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कस्बे के प्रमुख आवागमन मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से नगर पालिका प्रशासन पांच अलग-अलग स्थानों पर निगरानी सहायता केंद्र तैयार कर रहा है। इन केंद्रों के जरिये सड़कों पर लगने वाले अस्थाई ठेलों, ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, गंदगी और पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों की परेशानियों का मौके पर ही समाधान निकाला जाएगा।
प्रमुख चौराहों और निकास मार्गों पर होगी तैनाती
प्रशासनिक योजना के तहत इन सहायता बूथों को उन संवेदनशील इलाकों में लगाया जा रहा है जहां भक्तों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सहदेवदान चारण ने स्पष्ट किया है कि कबूतर चौक मुख्य बाजार, तोरण द्वार के निकट, अस्पताल चौराहा, राजू की चेन तथा श्याम मंदिर से निकलने वाले नवीन निकास मार्ग पर ये बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर ढांचे खड़े किए जा चुके हैं और नगर निकाय बोर्ड के औपचारिक गठन के साथ ही इन्हें पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा।
प्रत्येक केंद्र पर सुबह 6 बजे से लेकर देर शाम तक नगर पालिका कर्मियों की ड्यूटी रहेगी। इन कर्मियों का काम केवल औपचारिक शिकायतें दर्ज करना नहीं होगा, बल्कि वे अपने निर्धारित दायरे में लगातार गश्त कर स्थिति संभालेंगे। दुकानों के बाहर फुटपाथ घेरकर रखे गए सामान, बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा और अवैध रेहड़ियों को तत्काल हटवाया जाएगा ताकि पैदल यात्रियों के लिए रास्ता सुगम बना रहे। इसके अलावा कहीं भी कूड़े का ढेर दिखने पर फौरन सफाई दल को बुलाकर निस्तारण कराया जाएगा।
शिकायत पेटियों से लिए जाएंगे आमजन के सुझाव
श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से हर सहायता केंद्र पर एक शिकायत पेटी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यात्री अथवा स्थानीय दुकानदार कस्बे की बेहतरी से जुड़े अपने उपयोगी सुझाव या समस्याएं एक पर्ची पर लिखकर इस बॉक्स में डाल सकते हैं। प्रशासन इन सुझावों की समीक्षा कर नीतिगत सुधारों में शामिल करेगा, वहीं शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार समाधान निकाला जाएगा। पांचों केंद्रों के दैनिक कामकाज और निगरानी का जिम्मा पालिका के उपनिरीक्षक (एसआई) वीरेंद्र सिंह चंदेलिया को सौंपा गया है।
कस्बे के भीतर अतिक्रमण और ट्रैफिक की पुरानी समस्या
खाटूधाम के मुख्य बाजार और मंदिर पहुंच मार्गों पर लंबे समय से रास्तों का संकरा होना एक बड़ी बाधा बना हुआ है। दुकानदारों द्वारा सड़कों तक काउंटर बढ़ा लेने और अनियंत्रित रेहड़ियां लगने से दर्शनार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एकादशी और विशेष पर्वों के दौरान यह स्थिति गंभीर जाम का रूप ले लेती है। पिछले निकाय बोर्ड के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान वेंडिंग तथा नॉन-वेंडिंग जोन तय करने की योजना कागजों से बाहर नहीं आ सकी थी। नतीजतन नए पालिका बोर्ड के शपथ ग्रहण के साथ ही खाटू के मुख्य मार्गों को सुगम बनाना, ई-रिक्शा संचालन को अनुशासित करना और सफाई दुरुस्त रखना सबसे बड़ी प्राथमिक परीक्षा साबित होगी।



















