चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉप में कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हुई हत्या की जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है. इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के कथित सरगना अमित कुमार उर्फ शराबी को चंडीगढ़ पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर जम्मू से लेकर वापस आई है. देर शाम पुलिस की टीम उसे सांबा से अपने साथ चंडीगढ़ लेकर पहुंची. इस गिरफ्तारी को जांच में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि अब तक अमित कुमार जम्मू पुलिस की हिरासत में था और चंडीगढ़ पुलिस को उससे सीधे पूछताछ का मौका नहीं मिल पाया था.
अब होगी मास्टरमाइंड से गहन पूछताछ
पुलिस अब अमित कुमार से हत्या की पूरी साजिश को लेकर विस्तार से पूछताछ करेगी. इसमें यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सुपारी किसने दी, हथियारों का इंतजाम कैसे और कहां से हुआ, और अब तक फरार चल रहे बाकी आरोपियों के बारे में क्या जानकारी अमित के पास है. पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से साजिश की पूरी कड़ियां आपस में जुड़ जाएंगी.
तीनों आरोपियों को आमने सामने बिठाया जाएगा
इसके साथ ही पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए शूटर सन्नी मेहरा और उसके साथी आर्यन शर्मा का भी रिमांड लेने की तैयारी में जुटी है. तीनों आरोपियों को आमने सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि उनके बयानों में जो विरोधाभास सामने आ रहे हैं, वे दूर हो सकें. पुलिस का मानना है कि तीनों को एक साथ बिठाकर सवाल पूछने से यह साफ हो सकेगा कि किसने क्या भूमिका निभाई थी.
सबसे बड़ी चुनौती, अब भी गायब है हथियार
इस जांच का सबसे अहम हिस्सा हत्या में इस्तेमाल हुई विदेशी जिगाना पिस्टल की बरामदगी है, जिससे महज 1 सेकेंड में 13 राउंड फायरिंग की गई थी. पुलिस को भरोसा है कि अमित से पूछताछ के दौरान हथियार के ठिकाने और उसे गायब करने में शामिल लोगों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं. इससे पहले पूछताछ में अमित ने दावा किया था कि वारदात के बाद उसने पिस्टल को एक लिफाफे में डालकर सेक्टर-43 इलाके में फेंक दिया था, लेकिन अब तक पुलिस वह हथियार बरामद नहीं कर सकी है. यही वजह है कि पुलिस अब पूरी उम्मीद अमित की रिमांड पूछताछ पर टिकाए हुए है.
गिरफ्तारी से लेकर अब तक की पूरी कहानी
इससे पहले सन्नी मेहरा और आर्यन शर्मा को चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया था, जबकि कथित मास्टरमाइंड अमित कुमार उर्फ शराबी को जम्मू पुलिस ने पकड़ा था. गिरफ्तारी के बाद से अमित लगातार जम्मू पुलिस की हिरासत में रहा और उससे अलग-अलग चरणों में सात-सात दिन के रिमांड पर पूछताछ होती रही. अब चंडीगढ़ पुलिस उसे अपने रिमांड पर लेकर हत्या के पूरे नेटवर्क और साजिश की तह तक पहुंचने की कोशिश करेगी.
पुलिस के सामने अब भी ये सवाल अनसुलझे
- जानकी दास की हत्या का असली मकसद आखिर क्या था?
- विदेशी जिगाना पिस्टल आखिर कहां छिपाई गई है?
- हत्या की साजिश में और कौन कौन शामिल था?
- क्या इस हत्याकांड के तार किसी बड़े गैंग और रंगदारी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं?
कौन थे जानकी दास
जानकी दास हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र के दलगांव के रहने वाले थे. हाल ही में उनकी पत्नी इना मच्छरेट ने अपने गांव में प्रधान का चुनाव जीता था. इना मच्छरेट पीजीआई में आउटसोर्स के आधार पर नौकरी करती हैं और दोनों पति-पत्नी बीते 20 साल से चंडीगढ़ में रह रहे थे. जानकी दास भी लंबे समय से एक मेडिकल स्टोर में काम कर रहे थे. इस हत्याकांड में दो शूटरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
तुर्किए में बनने वाली जिगाना पिस्टल का खतरनाक इतिहास
गौरतलब है कि जानकी दास पर महज 1 सेकेंड में 13 राउंड फायर किए गए थे और इसमें जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था. इसी तरह की जिगाना पिस्टल से पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला और यूपी के बदमाश अतीक अहमद की भी हत्या की जा चुकी है. यह पिस्टल तुर्किए में बनाई जाती है और भारत में इस पर पूरी तरह बैन लगा हुआ है. इसे तस्करी के जरिए ही भारत में लाया जाता है और इसकी कीमत चार लाख रुपये से शुरू होती है. इसी वजह से पुलिस के लिए यह पिस्टल ढूंढना जांच का सबसे संवेदनशील और अहम हिस्सा बना हुआ है.













