भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को प्रधानमंत्री की बधाई, नितिन नवीन ने बनाई नई कार्यकारिणीहाथ में चोट लगने से बाबर आजम पहले टेस्ट से बाहर, कप्तानी की रेस में मसूद आगेमूलांक 7 वालों की सोच बार-बार अटकती है, वजह है केतु का असरशेरशाह के इस गाने ने आज भी छुआ है हर दिल, दर्शन रावल की आवाज में छिपा है असली दर्दSamsung 77S90H OLED रिव्यू (2026): एक बेहतरीन मिड-रेंज टीवी जो गेमिंग और होम थिएटर के लिए है शानदारयूपी पुलिस का नया गान ‘खाकी का सितारा’ सोशल मीडिया पर वायरल, महानायक अमिताभ बच्चन ने भी की सराहनासावन में 18 अगस्त को रखा जाएगा तीसरा व्रत, जानें मंगला गौरी पूजा के नियमयूरोप में लगी आग के बीच फ्रांस के प्रधानमंत्री को ले पोर्ज में गुस्साए लोगों ने घेराबिटकॉइन बेचना छोड़, स्ट्रैटेजी ने शेयर बेचकर यूएसडी रिजर्व 4.8 अरब डॉलर तक पहुंचायाउत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के संकल्प पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नया पोस्ट
ऊना में जमीन के असली मालिकों को बिना बताए बनाई गई पावर ऑफ अटॉर्नी, सेवानिवृत्त सैन्य खुफिया अधिकारी ने किया पर्दाफाशपड़ताल
3 जुल॰ 2026, 4:37 pm (45 दिन पहले)· 2

ऊना में जमीन के असली मालिकों को बिना बताए बनाई गई पावर ऑफ अटॉर्नी, सेवानिवृत्त सैन्य खुफिया अधिकारी ने किया पर्दाफाश

ऊना जिले के घनारी और अम्ब तहसीलों में जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सेवानिवृत्त सैन्य खुफिया अधिकारी मनोज कुमार कौशल ने डीसी ऊना जतिन लाल को लिखित शिकायत सौंपी है।

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में जमीनों के रिकॉर्ड को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। जिले के ही रहने वाले और आर्मी इंटेलिजेंस से सेवानिवृत्त अधिकारी मनोज कुमार कौशल ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता कर दावा किया कि घनारी और अम्ब तहसीलों में जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी और रजिस्ट्री से जुड़े कामकाज में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने इस दौरान कुछ दस्तावेज भी सामने रखे।

क्या आरोप लगाए गए

मनोज कौशल का कहना है कि हरियाणा के कुछ लोगों के जरिए इन तहसीलों में जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी की पूरी प्रक्रिया निपटा दी गई, जबकि जिन जमीनों को लेकर यह कागजी कार्रवाई हुई, उनके असली मालिकों को इसकी भनक तक नहीं लगी। उनके मुताबिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, तस्वीरें भी खिंचवाई गईं और बाकी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गईं, मानो सब कुछ नियम के मुताबिक हो रहा हो। कौशल का आरोप है कि यह पूरा खेल राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था, क्योंकि असली मालिकों को कभी इस प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं दी गई।

ये भी पढ़ें

हरियाणा में जांच शुरू होने पर खुला मामला

कौशल के अनुसार, हरियाणा से जो लोग यहां पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाने पहुंचे थे, उनसे जुड़ी शिकायतें जब हरियाणा में सामने आईं तो वहां जांच शुरू हुई। इसी जांच के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि जिन जमीनों की पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई थी, उनके वास्तविक मालिकों को इस पूरे घटनाक्रम की कोई सूचना ही नहीं थी। कौशल ने कहा कि हरियाणा में चल रही इस जांच का दायरा अगर आगे बढ़ा और मामले की निष्पक्ष पड़ताल हुई, तो हिमाचल प्रदेश के जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की इसमें भूमिका रही होगी, वह भी सामने आ सकती है।

सरकार और विभाग पर उठाए सवाल

पत्रकार वार्ता में मनोज कौशल ने आरोप लगाया कि इस तरह की शिकायतें मिलने के बावजूद न तो राज्य सरकार इस मसले को गंभीरता से ले रही है और न ही संबंधित विभाग की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि आम जनता की जमीन जायदाद से जुड़े मामलों में इस तरह की लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त करने लायक नहीं है।

डीसी ऊना को सौंपी लिखित शिकायत

मनोज कुमार कौशल ने बताया कि वह इस मामले को लेकर उपायुक्त ऊना जतिन लाल से मिले और उन्हें लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो निष्पक्ष तरीके से इसकी तह तक जाया जा सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। कौशल का कहना है कि यदि राजस्व रिकॉर्ड, पावर ऑफ अटॉर्नी के दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों की बारीकी से जांच कराई जाए तो पूरे मामले की असलियत सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की संपत्ति से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता बेहद गंभीर विषय है, और अगर जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सवाल-जवाब

मनोज कुमार कौशल कौन हैं?
वे ऊना जिले के रहने वाले आर्मी इंटेलिजेंस से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जिन्होंने राजस्व विभाग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
यह मामला किन तहसीलों से जुड़ा है?
यह मामला ऊना जिले की घनारी और अम्ब तहसीलों से जुड़ा है, जहां जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी में गड़बड़ी का दावा किया गया है।
क्या आरोप लगाया गया है?
आरोप है कि हरियाणा के कुछ लोगों के जरिए जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी की प्रक्रिया पूरी कर दी गई, जबकि जमीन के असली मालिकों को इसकी जानकारी ही नहीं थी।
यह गड़बड़ी सामने कैसे आई?
हरियाणा में जब इससे जुड़ी शिकायतों की जांच शुरू हुई, तब पता चला कि असली जमीन मालिकों को पावर ऑफ अटॉर्नी बनने की कोई जानकारी नहीं थी।
शिकायत किसे सौंपी गई?
मनोज कुमार कौशल ने उपायुक्त ऊना जतिन लाल को लिखित शिकायत सौंपी है।
कौशल की मुख्य मांग क्या है?
उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR