माता वैष्णो देवी की चढ़ावा चांदी में भारी मिलावट, कोर्ट ने बुलाया पूरा जांच रिकॉर्डजम्मू-कश्मीर
2 घंटे पहले· 3

माता वैष्णो देवी की चढ़ावा चांदी में भारी मिलावट, कोर्ट ने बुलाया पूरा जांच रिकॉर्ड

वैष्णो देवी के दरबार में चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी में शुद्धता महज पांच से छह प्रतिशत निकली, जिसके बाद जम्मू कोर्ट ने पुलिस से पूरा जांच रिकॉर्ड तलब कर जांच अधिकारी को 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

माता वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं ने जो चांदी अर्पित की, उसकी शुद्धता को लेकर अब गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं और यह पूरा मामला अदालत तक जा पहुंचा है। शुरुआती जांच में पता चला कि जिस चांदी को माता के चढ़ावे के तौर पर स्वीकार किया गया था, उसमें असली चांदी की मात्रा नाममात्र की ही निकली। यह सिर्फ करोड़ों रुपए के हिसाब-किताब का मामला नहीं है, बल्कि उन लाखों श्रद्धालुओं के भरोसे का भी सवाल है जिन्होंने पूरी आस्था के साथ यह चांदी माता के दरबार में चढ़ाई थी। अदालत ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से जांच का समूचा रिकॉर्ड तलब कर लिया है और साफ संकेत दे दिया है कि इस गड़बड़ी की तह तक जाना जरूरी है।

जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी को जांच और प्रसंस्करण के लिए सरकारी टकसाल भेजा था, ताकि उसकी असल शुद्धता और मूल्य का सही आकलन हो सके। टकसाल में हुई शुरुआती जांच में सामने आया कि उस धातु में शुद्ध चांदी की मात्रा महज पांच से छह प्रतिशत ही थी। बाकी हिस्सा कैडमियम, लोहे और अन्य सस्ती धातुओं से बना निकला। जिस चांदी की अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपए आंकी गई थी, टकसाल की जांच के बाद उसकी असल कीमत घटकर लगभग 30 करोड़ रुपए ही रह गई। यानी अनुमानित और वास्तविक कीमत के बीच पांच सौ करोड़ रुपए से भी ज्यादा का फासला सामने आया, जिसने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया और अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।

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वकील की शिकायत से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

चांदी की शुद्धता को लेकर सामने आई इस गड़बड़ी के बाद जम्मू के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने 9 मई को पुलिस महानिरीक्षक, क्राइम ब्रांच और एसएसपी आर्थिक अपराध शाखा जम्मू को एक विस्तृत शिकायत सौंपी। शिकायत में मांग की गई कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई कि या तो श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई चांदी में शुरू से ही मिलावट थी, या फिर बाद में किसी स्तर पर इसकी अदला-बदली और हेराफेरी की गई। जब लंबे समय तक जांच में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई, तो शिकायतकर्ता ने आखिरकार अदालत का रुख किया और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।

कोर्ट सख्त, 29 जुलाई को तलब हुआ जांच अधिकारी

जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि मामले से जुड़ा पूरा जांच रिकॉर्ड अदालत में पेश किया जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 29 जुलाई तय की है और साफ कहा है कि उस दिन जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना होगा। यह आदेश उसी याचिका पर आया है जिसमें एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि आखिर कथित मिलावटी चांदी श्रद्धालुओं तक पहुंची कैसे, क्या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ था और क्या चढ़ावे में मिली चांदी के साथ बाद में किसी चरण पर छेड़छाड़ हुई। अदालत की इस सख्ती के बाद अब पूरे मामले की जांच पर सबकी नजरें टिक गई हैं।

क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता ने उठाए सवाल

कोर्ट के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने जो स्टेटस रिपोर्ट पेश की, उसमें कहा गया कि यह मामला क्राइम मुख्यालय श्रीनगर की मंजूरी के बाद जोनल पुलिस मुख्यालय जम्मू को भेज दिया गया है। इस पर याचिकाकर्ता ने कड़ी आपत्ति जताई। उनकी दलील थी कि आर्थिक अपराध शाखा जम्मू का अपना अलग पुलिस थाना पहले से मौजूद है और शिकायत मिलने के बाद उसे सीधे कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि मामले को अलग-अलग दफ्तरों के बीच भेजा जाना चाहिए था। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि मामले से जुड़े अहम सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए। इन्हीं दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने जांच अधिकारी को पूरे रिकॉर्ड सहित 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का सख्त निर्देश दिया। अब पूरे मामले पर सबकी निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकता है कि आखिर श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस चांदी में गड़बड़ी आखिर कहां और कैसे हुई।

सवाल-जवाब

वैष्णो देवी चांदी मामले में अगली सुनवाई कब है?
अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी, जिस दिन जांच अधिकारी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
जांच में कितनी चांदी और कितनी मिलावट मिली?
करीब 20 टन चांदी की जांच सरकारी टकसाल में हुई, जिसमें शुद्ध चांदी की मात्रा महज पांच से छह प्रतिशत ही निकली।
चांदी की अनुमानित और वास्तविक कीमत में कितना अंतर आया?
अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपए थी, जबकि टकसाल की जांच के बाद असल कीमत घटकर लगभग 30 करोड़ रुपए रह गई।
यह शिकायत सबसे पहले किसने दर्ज कराई?
जम्मू के अधिवक्ता दीपक शर्मा ने 9 मई को पुलिस महानिरीक्षक क्राइम ब्रांच और एसएसपी आर्थिक अपराध शाखा जम्मू को शिकायत सौंपी थी।
याचिकाकर्ता ने क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट पर क्या आपत्ति जताई?
उनका कहना था कि आर्थिक अपराध शाखा जम्मू को सीधे कार्रवाई करनी चाहिए थी और रिपोर्ट में सबूत सुरक्षित रखने के कदमों का कोई जिक्र नहीं है।
यह चांदी किस मंदिर से जुड़ी है?
यह चांदी माता वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई थी और इसे श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने जांच के लिए सरकारी टकसाल भेजा था।

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