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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार राजौरी में पाकिस्तान ने तोड़ा संघर्षविराम, भारतीय जवानों ने घुसपैठ नाकाम कीजम्मू-कश्मीर
19 जुल॰ 2026, 8:13 am (110 दिन पहले)· 5

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार राजौरी में पाकिस्तान ने तोड़ा संघर्षविराम, भारतीय जवानों ने घुसपैठ नाकाम की

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की तरफ से डेढ़ घंटे तक गोलीबारी की गई, जिसे भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देकर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से एक बार फिर नापाक हरकत सामने आई है। आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेलने की नीयत से पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार से गोलीबारी शुरू की, लेकिन भारतीय जवानों ने तुरंत करारा जवाब देते हुए घुसपैठ की इस कोशिश को नाकाम कर दिया।

राजौरी में डेढ़ घंटे तक चली गोलीबारी

खबरों के मुताबिक राजौरी सेक्टर में एलओसी पर करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही। यह पहला मौका है जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की तरफ से इस तरह सीजफायर तोड़ा गया है। भारतीय सुरक्षाबल हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए थे और गोलीबारी शुरू होते ही मोर्चा संभाल लिया, जिससे घुसपैठ की कोशिश नाकाम हो गई।

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एक दिन पहले भी दिखी थी संदिग्ध हलचल

इससे एक दिन पहले भी राजौरी में एलओसी पर संदिग्ध गतिविधि की खबर आई थी, जिसके बाद सेना ने फायरिंग कर इलाके को खंगाला और सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इससे साफ है कि पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ कराने की कोशिशें लगातार की जा रही थीं और ताजा गोलीबारी उसी सिलसिले की अगली कड़ी मानी जा रही है।

पुंछ और बालाकोट सेक्टर में भी बढ़ा था तनाव

यह पहला मौका नहीं है जब एलओसी पर तनाव देखने को मिला हो। इससे पहले पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में भी पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की गई थी, जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया था और इलाके में तनाव बढ़ गया था। साथ ही राजौरी में भी एक बार संघर्षविराम उल्लंघन की घटना सामने आई थी, जिसके बाद भारतीय सेना को अलर्ट पर रखा गया था।

ड्रोन घुसपैठ की कोशिशें भी हो चुकी हैं नाकाम

गोलीबारी के अलावा पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए भी घुसपैठ की कोशिशें की जा चुकी हैं। पुंछ में एलओसी पार से एक पाकिस्तानी ड्रोन घुसा था, जिसे भारतीय सेना ने फायरिंग कर खदेड़ दिया था। एक अन्य मामले में भी पाकिस्तानी ड्रोन के एलओसी पार करने पर भारतीय सेना ने उसे मार गिराया था। इन घटनाओं के बाद भी इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाए गए थे।

ऑपरेशन सिंदूर के संघर्षविराम पर असर

राजौरी में हुई ताजा गोलीबारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बने संघर्षविराम के टूटने की यह पहली बड़ी घटना है। भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि सीमा पर किसी भी तरह की हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर कोशिश का माकूल जवाब दिया जाएगा। फिलहाल इलाके में भारतीय सेना अलर्ट पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सवाल-जवाब

राजौरी में क्या हुआ?
नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की तरफ से करीब डेढ़ घंटे तक गोलीबारी की गई, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया।
क्या यह घुसपैठ की कोशिश थी?
हां, आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेलने की नीयत से यह गोलीबारी की गई थी, जिसे सेना ने विफल कर दिया।
क्या यह पहली ऐसी घटना है?
यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार है जब पाकिस्तान ने इस तरह संघर्षविराम तोड़ा है, हालांकि पहले भी पुंछ और राजौरी में तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं।
क्या इससे पहले भी संदिग्ध हलचल दिखी थी?
हां, इस घटना से एक दिन पहले भी राजौरी में एलओसी पर संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी, जिसके बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया था।
क्या ड्रोन के जरिए भी घुसपैठ की कोशिश हुई है?
हां, पहले पुंछ में पाकिस्तानी ड्रोन के एलओसी पार करने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्हें भारतीय सेना ने फायरिंग कर नाकाम किया था।
अब स्थिति क्या है?
भारतीय सेना इलाके में अलर्ट पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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